रात में चुपचाप आता, मवेशी उठाकर ले जाता…घेराबंदी के बाद आखिरकार जाल में फंसा..

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रात में चुपचाप आता, मवेशी उठाकर ले जाता…घेराबंदी के बाद आखिरकार जाल में फंसा..


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Lakhimpur Kheri News: लखीमपुर खीरी में दुधवा नेशनल पार्क के पास तेंदुआ पकड़ा गया, जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली. वन विभाग ने 20 दिनों की मेहनत से तेंदुआ सुरक्षित पकड़ा. तेंदुआ का स्वास्थ्य परीक्षण होगा.

हाइलाइट्स

  • तेंदुआ पकड़ा गया, ग्रामीणों ने राहत की सांस ली.
  • वन विभाग ने 20 दिनों की मेहनत से तेंदुआ पकड़ा.
  • तेंदुआ का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा.
लखीमपुर खीरी: बरसात का मौसम आते ही उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में स्थित दुधवा नेशनल पार्क के जंगलों से वन्य जीव बाहर निकलने लगते हैं. इस मौसम में तेंदुए और बाघ जैसे खतरनाक जानवर गांवों के आसपास दिखाई देने लगते हैं. इन्हें खेतों के आसपास चहलकदमी करते हुए देखा जा रहा है, जिससे ग्रामीण डरे हुए हैं और अपने खेतों की ओर नहीं जा पा रहे हैं.

धौरहरा क्षेत्र में पिछले कई दिनों से दहशत का माहौल बना हुआ था, लेकिन अब एक बड़ी राहत मिली है. वन विभाग की ओर से लगाए गए पिंजरे में एक तेंदुआ कैद हो गया है. तीन दिन पहले यह तेंदुआ पूर्व विधायक के घर के पास घूमता हुआ सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ था. इसके बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी थी. साथ ही तेंदुआ पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया गया था.

पूर्व विधायक के घर के पास पकड़ा गया तेंदुआ
दुधवा टाइगर रिजर्व के बफर जोन में आने वाले धौरहरा रेंज के बेल्तुआ गांव में स्थित पूर्व विधायक बाला प्रसाद अवस्थी के आवास के पास यह तेंदुआ देखा गया था. यह तेंदुआ करीब एक महीने से इलाके में कुत्तों और लावारिस जानवरों को शिकार बना रहा था. तेंदुआ पकड़े जाने के बाद गांव में दहशत का माहौल थोड़ा शांत हुआ है और लोगों ने राहत की सांस ली है. वन विभाग की टीम इस तेंदुए को पकड़ने के लिए पिछले 20 दिनों से लगातार प्रयास कर रही थी. इसके लिए नाइट विजन कैमरे और पिंजरे लगाए गए थे.

रेस्क्यू टीम का अभियान सफल
धौरहरा रेंज के डीएफओ सौरीश सहाय ने जानकारी दी है कि तेंदुए को रेंज ऑफिस लाया गया है. यहां उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा. अगर वह पूरी तरह स्वस्थ पाया गया तो उसे दोबारा जंगल में छोड़ दिया जाएगा. वन विभाग की इस रेस्क्यू टीम ने दिन-रात मेहनत करके तेंदुए को सुरक्षित तरीके से पकड़ने का काम किया. तेंदुए के पिंजरे में कैद होने के बाद गांव में वन विभाग की कार्यप्रणाली की सराहना हो रही है.

गन्ने के खेत बन रहे हैं तेंदुओं का नया ठिकाना
दुधवा नेशनल पार्क के आसपास के जंगलों से निकलकर तेंदुए और बाघ अब गांवों के गन्ने के खेतों में शरण लेने लगे हैं. दरअसल गन्ने के खेत घने और ठंडे होते हैं, इसलिए बरसात में ये जानवर वहीं रुक जाते हैं और जंगल में वापस नहीं लौटते. इस वजह से वन विभाग को लगातार पिंजरे लगाने पड़ते हैं ताकि इन जानवरों को सुरक्षित तरीके से पकड़ा जा सके. पकड़े गए जानवरों को जंगल में वापस छोड़ दिया जाता है ताकि इंसानों की सुरक्षा बनी रहे.

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