सच या चमत्कार? आज भी मौजूद है वो पेड़, जिसमें भगवान कृष्ण छुपाते थे माखन

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सच या चमत्कार? आज भी मौजूद है वो पेड़, जिसमें भगवान कृष्ण छुपाते थे माखन


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सहारनपुर में आज भी कृष्णा वट वृक्ष मौजूद है, जिसके पत्ते प्राकृतिक रूप से कटोरी जैसे बनते हैं. मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण इन पत्तों में माखन रखकर गोपियों को खिलाते थे. इस वृक्ष की पूजा वट अमावस्या पर होती है…और पढ़ें

हाइलाइट्स

  • सहारनपुर में आज भी कृष्णा वट वृक्ष मौजूद है.
  • वृक्ष के पत्ते प्राकृतिक रूप से कटोरी (दोने) जैसे बनते हैं.
  • मान्यता है कि भगवान कृष्ण इन पत्तों में माखन रखकर गोपियों को खिलाते थे.

सहारनपुर: भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं की कहानियां आपने सुनी होंगी, लेकिन क्या आपने कभी ऐसा पेड़ देखा है जिसके पत्ते खुद-ब-खुद दोने या कटोरी का आकार ले लेते हों? ऐसा चमत्कारी वृक्ष आज भी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में देखने को मिलता है. इसे “कृष्णा वट वृक्ष” या “माखन कटोरी वृक्ष” कहा जाता है. मान्यता है कि भगवान कृष्ण इसी पेड़ के पत्तों में माखन भरकर गोपियों को खिलाया करते थे.

सहारनपुर का यह वृक्ष धार्मिक, पौराणिक और आयुर्वेदिक रूप से अधिक खास है. चारों ओर धार्मिकता से घिरे इस जिले में आज भी कुछ ऐसे प्रमाण मिलते हैं, जो द्वापर युग की झलक देते हैं. बताया जाता है कि जब भगवान कृष्ण माखन चुराकर खाते थे, तो मां यशोदा की डांट से बचने के लिए उस माखन को छुपा दिया करते थे. यह वट वृक्ष छुपाने की सबसे प्रिय जगह थी, जिसके पत्तों का प्राकृतिक आकार एक छोटी कटोरी या कप जैसा होता है.

राजेंद्र अटल ने दी जानकारी
प्रकृति कुंज के संचालक राजेंद्र अटल ने लोकल18 से बातचीत में बताया कि वे वर्षों से ऐसे विलुप्त हो रहे पौधों को संरक्षित करने का काम कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि “कृष्णा वट वृक्ष” के पत्ते आज भी कप के आकार में प्राकृतिक रूप से उगते हैं, जैसे किसी कलाकार ने उन्हें गढ़ा हो. यह पौधा अब भी उसी पवित्रता और मान्यता के साथ मौजूद है.

उन्होंने कहा, “भगवान श्रीकृष्ण खुद इन पत्तों को ‘कृष्णा कप’ कहते थे और इनमें माखन भरकर गोपियों को प्रसाद के रूप में देते थे. इसलिए इसे माखन कटोरी वृक्ष भी कहा जाता है.”

इस वट वृक्ष का है विशेष महत्व
हिंदू धर्म में वट वृक्ष की पूजा का विशेष स्थान है. खासकर वट अमावस्या पर महिलाएं इसकी विधिवत पूजा करती हैं. धार्मिक मान्यता के अनुसार, यह वृक्ष दीर्घायु, संतान प्राप्ति और सुख-समृद्धि देने वाला होता है. सहारनपुर में स्थित यह कृष्णा वट वृक्ष न सिर्फ आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह वातावरण को शुद्ध करने वाला और भरपूर मात्रा में ऑक्सीजन देने वाला भी है.

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