‘सड़कें खोदकर छोड़ने वाले ठेकेदारों पर तुरंत FIR…’ मुरादाबाद में सीएम योगी, गो-तस्करों और
CM Yogi Adityanath Moradabad: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुरादाबाद के दौरे पर हैं. उन्होंने देर रात मंडल के विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की. सीएम योगी ने लापरवाह अधिकारियों और ठेकेदारों को कड़ी फटकार लगाई. उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि आम जनता की सुविधाओं और जनहित के कार्यों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा.
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री का सबसे ज्यादा गुस्सा जल जीवन मिशन के तहत काम कर रहे लापरवाह ठेकेदारों पर फूटा. उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि जो ठेकेदार पाइपलाइन बिछाने के नाम पर सड़कें खोदकर छोड़ देते हैं, उनकी मनमानी अब बिल्कुल नहीं चलेगी. ऐसे ठेकेदारों को तत्काल ब्लैकलिस्ट कर उनके खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कराई जाए. इसके साथ ही, ‘पीएम सूर्य घर योजना’ में भी उपकरणों की गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता न करने की हिदायत दी गई.
गर्ल्स स्टेडियम और इंप्लॉयमेंट जोन
मुरादाबाद के विकास को नई रफ्तार देते हुए मुख्यमंत्री ने कई बड़ी घोषणाएं कीं:
गर्ल्स स्टेडियम: मुरादाबाद-काशीपुर बॉर्डर पर लगभग पौने तीन एकड़ जमीन में एक गर्ल्स स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा.
गांधी मैदान का कायाकल्प: शहर में सार्वजनिक आयोजनों के लिए गांधी मैदान को आधुनिक सुविधाओं के साथ संवारा जाएगा.
रोजगार सृजन: युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए ‘सरदार वल्लभभाई पटेल इंप्लॉयमेंट जोन’ के लिए जल्द से जल्द भूमि चिह्नित करने के निर्देश दिए गए.
PNG चौपाल: अधिकतम लोगों को पाइप्ड नेचुरल गैस कनेक्शन से जोड़ने के लिए गांव और मोहल्लों में PNG चौपाल लगाने का निर्देश दिया गया है.
गो-तस्करों पर शिकंजा कसने का निर्देश
सीएम योगी ने अधिकारियों को अल्टीमेटम दिया है कि सड़कों पर एक भी निराश्रित गोवंश नहीं दिखना चाहिए. गोशालाओं में चारे और पानी की उत्तम व्यवस्था होनी चाहिए. मोबाइल वेटरनरी यूनिट के माध्यम से पशुओं के इलाज में कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए. इसके साथ ही, सीएम ने पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि गो-तस्करी, बिजली चोरी और साइबर अपराध जैसे गंभीर मामलों में संलिप्त अपराधियों पर तत्काल और कठोर कार्रवाई की जाए.
जनसुनवाई और राजस्व मामलों का तुरंत निस्तारण
आम जनता को राहत देने के उद्देश्य से सीएम योगी ने कहा कि जनसुनवाई, IGRS पोर्टल की शिकायतों और राजस्व वादों का त्वरित और न्यायपूर्ण समाधान होना चाहिए. जनसुनवाई और राजस्व मामलों में वरिष्ठ अधिकारियों को स्वयं जिम्मेदारी लेनी होगी. विशेष रूप से, वरासत (उत्तराधिकार) से जुड़े निर्विवादित मामलों में अनावश्यक देरी कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी.