सपा के ‘मुख्य सचेतक’ से योगी सरकार में ‘मंत्री’ तक, जानें कौन हैं मनोज पांडे?

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सपा के ‘मुख्य सचेतक’ से योगी सरकार में ‘मंत्री’ तक, जानें कौन हैं मनोज पांडे?


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UP Cabinet Expansion: रामचरितमानस विवाद पर समाजवादी पार्टी से बगावत करने वाले ब्राह्मण विधायक मनोज पांडे योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री बन सकते हैं. अखिलेश सरकार में मंत्री रहे मनोज पांडे रायबरेली की ऊंचाहार सीट से तीन बार के विधायक हैं. बीजेपी ज्वाइन करने से पहले वे विधानसभा में सपा के मुख्य सचेतक की जिम्मेदारी संभल रहे थे. लेकिन फ़रवरी 2024 के राज्यसभा चुनाव के दौरान उन्होंने अपने पद से इस्तीफा देते हुए बीजेपी उम्मीदवार के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की थी. जिसके बाद अखिलेश यादव ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया था.

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सपा के बागी विधायक मनोज पांडे बन सकते हैं योगी सरकार में मंत्री

लखनऊ. रविवार को होने वाले योगी मंत्रिमंडल विस्तार में समाजवादी पार्टी के बागी विधायक और ब्राह्मण चेहरा मनोज पांडे को कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है. रायबरेली के ऊंचाहार से समाजवादी पार्टी के टिकट पर जीते मनोज पांडे ने तत्कालीन सपा के राष्ट्रीय महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्य के रामचरित मानस पर की गई टिप्पणी के बाद उन्होंने पाला बदला था. मनोज पांडे समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और प्रमुख ब्राह्मण चेहरा भी थे. अखिलेश यादव ने उन्हें मुख्य सचेतक की जिम्मेदारी भी सौंपी थी. लेकिन फ़रवरी 2024 के राज्यसभा चुनाव के दौरान उन्होंने मुख्य सचेतक का पद छोड़ते हुए पार्टी लाइन से अलग जाकर बीजेपी कैंडिडेट के पक्ष में क्रॉस वोटिंग किया.

मनोज पांडे का जन्म 15 अप्रैल 1968 को रायबरेली जिले में हुआ. उन्होंने कानपुर विश्वविद्यालय से संबद्ध फिरोज गांधी कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की. वे ब्राह्मण समुदाय से आते हैं और ऊंचाहार विधानसभा क्षेत्र में अपनी मजबूत पकड़ के लिए जाने जाते हैं. जब से ऊंचाहार विधानसभा सीट बनी है, तब से मनोज पांडे लगातार तीन बार (2012, 2017 और 2022) यहां से विधायक चुने गए हैं. 2012 में अखिलेश यादव सरकार में उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया था, जहां उन्होंने विभिन्न विभागों की जिम्मेदारी संभाली.

सपा से भाजपा तक का सफर

मनोज पांडे समाजवादी पार्टी के कद्दावर ब्राह्मण चेरों में से एक थे. उनकी बगावत समाजवादी पार्टी के लिए किसी झटके से कम नहीं थी. वे अखिलेश यादव सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं और 2022 विधानसभा चुनाव के बाद सपा ने उन्हें मुख्य सचेतक की जिम्मेदारी सौंपी थी. फरवरी 2024 में राज्यसभा चुनाव के दौरान उन्होंने मुख्य सचेतक पद से इस्तीफा दे दिया और पार्टी लाइन से हटकर क्रॉस वोटिंग की, जिसके बाद सपा ने उन्हें निष्कासित कर दिया. मई 2024 में गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में उन्होंने बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की. उन्होंने इस दौरान कहा कि वे सनातन मूल्यों के साथ खड़े रहेंगे.

राजनीतिक महत्व

मनोज पांडे का बीजेपी में शामिल होना और अब मंत्री पद मिलने की संभावना ब्राह्मण समुदाय को साधने की रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है. ऊंचाहार क्षेत्र में उनकी लोकप्रियता और अनुभव को देखते हुए पार्टी उन्हें अहम जिम्मेदारी सौंप रही है. कैबिनेट विस्तार में उनका नाम शामिल होने से योगी सरकार में ब्राह्मण और पिछड़े वर्गों के समीकरण को और मजबूती मिलने की उम्मीद है. मनोज पांडे ने हमेशा क्षेत्रीय विकास और जनसेवा पर जोर दिया है, जिसके चलते स्थानीय स्तर पर उनका अच्छा जनाधार है.

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Amit Tiwariवरिष्ठ संवाददाता

अमित तिवारी, News18 Hindi के डिजिटल विंग में प्रिंसिपल कॉरेस्पॉन्डेंट हैं. वर्तमान में अमित उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, ब्यूरोक्रेसी, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और रिसर्च बेस्ड कवरेज कर रहे हैं. अख़बार…और पढ़ें



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