सावन में एक साथ लग रहे दो ग्रहण, महादेव की आराधना और व्रत पर क्या पड़ेगा असर?

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सावन में एक साथ लग रहे दो ग्रहण, महादेव की आराधना और व्रत पर क्या पड़ेगा असर?


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सावन में एक साथ लग रहे दो ग्रहण, महादेव की आराधना और व्रत पर क्या पड़ेगा असर?

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Ayodhya News: सावन का पूरा महीना भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत शुभ रहेगा. लेकिन आपको बता दें कि इसी सावन में दो ग्रहण लग रहे हैं. इस बार सावन के दौरान दो बड़े खगोलीय घटनाक्रम भी देखने को मिलेंगे. चलिए इस रिपोर्ट में विस्तार से बताते हैं आखिर कब सावन में सूर्य और चंद्र ग्रहण लग रहा है और क्या इसका पूजा पाठ पर प्रभाव रहेगा.

अयोध्या: भगवान शिव को समर्पित सावन का महीना इस वर्ष 30 जुलाई 2026 से प्रारंभ हो रहा है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह महीना शिव आराधना जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और सावन सोमवार के व्रत के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है. श्रद्धालु पूरे महीने भोलेनाथ की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं और सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और मनोकामनाओं की पूर्ति की कामना करते हैं. इस बार सावन के दौरान दो बड़े खगोलीय घटनाक्रम भी देखने को मिलेंगे. चलिए इस रिपोर्ट में विस्तार से बताते हैं आखिर कब सावन में सूर्य और चंद्र ग्रहण लग रहा है और क्या इसका पूजा पाठ पर प्रभाव रहेगा.

अयोध्या के ज्योतिष पंडित कल्कि राम बताते हैं कि हिंदू पंचांग के अनुसार, 12 अगस्त 2026 को अमावस्या तिथि पर सूर्य ग्रहण लगेगा, जबकि दूसरा 28 अगस्त 2026 को चंद्र ग्रहण होगा. ऐसे में कई लोगों के मन में यह सवाल है कि क्या इन ग्रहणों का असर सावन के व्रत, पूजा-पाठ और शिव आराधना पर पड़ेगा.

भारत में असर पड़ेगा या नहीं?
ज्योतिषाचार्य पंडित कल्कि राम के अनुसार, इस वर्ष लगने वाले दोनों ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देंगे. शास्त्रों के अनुसार, जिस ग्रहण का दृश्य भारत में नहीं होता, उसका सूतक काल मान्य नहीं होता. लेकिन ग्रहण के दौरान सावधानी रखनी चाहिए. दूसरी तरफ इन ग्रहणों का भारत में होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों, मंदिरों की पूजा व्यवस्था, जलाभिषेक, रुद्राभिषेक या सावन सोमवार के व्रत पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा.

खुले रहेंगे मंदिर के कपाट
उन्होंने बताया कि 12 अगस्त को लगने वाला सूर्य ग्रहण अमावस्या के दिन होगा, जबकि 28 अगस्त का चंद्र ग्रहण भी भारत में दृश्य नहीं होगा. ऐसे में श्रद्धालु बिना किसी संशय के भगवान शिव की नियमित पूजा, अभिषेक और व्रत कर सकते हैं. मंदिरों के कपाट भी सामान्य दिनों की तरह खुले रहेंगे और पूजा-पाठ की सभी धार्मिक गतिविधियां पूर्ववत जारी रहेंगी.

धार्मिक ग्रंथों में ग्रहण काल के दौरान विशेष नियमों का पालन करने का उल्लेख मिलता है, लेकिन यह नियम मुख्य रूप से उन क्षेत्रों पर लागू होते हैं, जहां ग्रहण दिखाई देता है. भारत में ग्रहण अदृश्य रहने के कारण सूतक नहीं लगेगा और किसी भी प्रकार का धार्मिक प्रतिबंध लागू नहीं होगा.

शिव आराधना अत्यंत शुभ
पंडित कल्कि राम का कहना है कि सावन का पूरा महीना भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत शुभ रहेगा. श्रद्धालु श्रद्धा और विश्वास के साथ सोमवार का व्रत रखें, शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और धतूरा अर्पित करें और ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें. इससे भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है.

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आर्यन सेठ

आर्यन सेठ, News18 Hindi में डिजिटल डेस्क पर जुड़े हैं और जनवरी 2026 से उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध, प्रशासन, वायरल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर खबरें लिखते हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ल…और पढ़ें

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Local-18 व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.



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