सावन में करें नोएडा के इस चमत्कारी शिव मंदिर के दर्शन! हर मनोकामना होगी पूरी
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Voda Mahadev Mandir Noida: नोएडा के वोडा महादेव मंदिर का इतिहास सतयुग से जुड़ा है. रावण के पिता ऋषि विश्रवा और उनके पुत्र कुबेर ने यहां तपस्या की थी. सावन में भक्तों का मेला लगता है और शिवलिंग पर जलाभिषेक होता …और पढ़ें
हाइलाइट्स
- नोएडा के वोडा महादेव मंदिर का इतिहास सतयुग से जुड़ा है.
- रावण के पिता ऋषि विश्रवा और कुबेर ने यहां तपस्या की थी.
- सावन में भक्तों का मेला लगता है और शिवलिंग पर जलाभिषेक होता है.
सतयुग से जुड़ा है मंदिर का इतिहास
नोएडा के सेक्टर-100 में स्थित यह मंदिर वोडा महादेव मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है. मंदिर के महंत जयराम भारती ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि यह स्थान सतयुग, त्रेता और द्वापर युग से अस्तित्व में है. मान्यता है कि यहीं रावण के पिता ऋषि विश्रवा ने घोर तप किया था. बाद में उनके पुत्र कुबेर ने भी यहीं कठोर तपस्या करके धन के देवता का पद प्राप्त किया. यही वजह है कि लोग यहां आज भी धन प्राप्ति और मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए दर्शन करने आते हैं.
मंदिर के महंत ने बताया कि इस स्थान को ऋग्वेद में प्रमाणित रूप से कुबेर और ऋषि विश्रवा की तपस्थली बताया गया है. यहां भगवान शिव की एक प्राचीन उत्तराभिमुख प्रतिमा स्थापित है, जिसे ‘वोडा महादेव’ कहा जाता है. जनश्रुति के अनुसार, इस मंदिर का निर्माण माता मंसा के पुत्र भगवान वोडा ने किया था, इसलिए इसका नाम भी उन्हीं के नाम पर पड़ा.
पूरे सावन में लगता है भक्तों का मेला
मंदिर परिसर में शिवजी के अलावा माता काली, नवग्रह और हनुमान जी की भी पूजा की जाती है. खासकर सावन के महीने में यहां कांवड़ यात्रा के दौरान भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और भगवान शिव के शिवलिंग पर गंगाजल से जलाभिषेक करते हैं.
मंदिर रोजाना सुबह 4 बजे से 11 बजे तक और शाम 4 बजे से 7 बजे तक खुला रहता है. दोनों समय भव्य आरती होती है और भक्तों को प्रसाद भी वितरित किया जाता है.