सिर्फ सैलरी ही नहीं, भविष्य भी होगा सुरक्षित! जानिए EPFO की खास योजना
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ईपीएफओ की कर्मचारी पेंशन योजना (EPS-1995) के तहत निजी क्षेत्र के कर्मचारी सेवानिवृत्ति के बाद नियमित पेंशन का लाभ उठा सकते हैं. इसके लिए ईपीएफओ सदस्य होना और कम से कम 10 वर्ष की सेवा पूरी करना अनिवार्य है.
मुरादाबाद: मुरादाबाद के जो लोग प्राइवेट नौकरी करते हैं और रिटायरमेंट के बाद पेंशन का लाभ लेना चाहते हैं, वे कर्मचारी पेंशन योजना (EPS-1995) का लाभ उठा सकते हैं. इस योजना के तहत सेवानिवृत्ति पर पेंशन पाने के लिए कर्मचारी को कम से कम 10 वर्ष की सेवा पूरी करनी होती है. इस फंड में नियोक्ता के वेतन (मूल वेतन + महंगाई भत्ता) के 12% योगदान में से 8.33% हिस्सा EPS में जमा होता है. साथ ही केंद्र सरकार 1.16% का अतिरिक्त योगदान देती है.
रजिस्ट्रेशन कराकर ले सकते हैं लाभ
क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त द्वितीय अनिल कुमार ने बताया कि कर्मचारी पेंशन योजना (EPS-1995) एक महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा योजना है. इसके तहत जिन कर्मचारियों का बेसिक वेतन 15,000 रुपये प्रतिमाह तक है, उनका इस योजना में पंजीकरण किया जाता है. कोई भी कर्मचारी, जो किसी ईपीएफओ (EPFO) पंजीकृत प्रतिष्ठान में कार्यरत है, इस योजना के तहत पंजीकरण करा सकता है.
उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत विधवा पेंशन, माता-पिता के लिए पेंशन सहित विभिन्न प्रकार की पेंशन का प्रावधान है. इसके अलावा सदस्य को मिलने वाले अन्य पेंशन संबंधी लाभ भी उपलब्ध कराए जाते हैं. इसलिए कर्मचारी इस योजना में पंजीकरण कराकर इसका लाभ उठा सकते हैं.
EPFO का सदस्य होना है अनिवार्य
कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) का लाभ लेने के लिए कर्मचारी का EPFO का सदस्य होना अनिवार्य है. इसके साथ ही कर्मचारी को कम से कम 10 वर्ष की सेवा पूरी करनी होती है. रिटायरमेंट के बाद 58 वर्ष की आयु में नियमित पेंशन का लाभ मिलता है. वहीं, 50 वर्ष की आयु पूरी होने पर कम पेंशन के साथ अर्ली पेंशन का विकल्प भी उपलब्ध है.
इस योजना का उद्देश्य कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना और उन्हें नियमित पेंशन का लाभ उपलब्ध कराना है. ऐसे में पात्र कर्मचारी इस योजना का लाभ उठाकर अपने भविष्य को अधिक सुरक्षित बना सकते हैं.
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विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें