हनुमान जी पर सवाल पूछ घिर गए स्वामी प्रसाद मौर्य, धार्मिक संगठनों ने खोला मोर्चा

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हनुमान जी पर सवाल पूछ घिर गए स्वामी प्रसाद मौर्य, धार्मिक संगठनों ने खोला मोर्चा


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Swami Prasad Maurya statement on lord Rama and Lord Hanuman : राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य अपने बयानों को लेकर हमेशा ही चर्चाओं में रहते हैं. एक बार फिर गाजीपुर की धरती से उन्होंने भगवान राम और बजरंगबली के लिए विवादित टिप्पणी की है. इसको लेकर राजनीतिक गलियारों में विवाद उत्पन्न होने की संभावना बन गई है.

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स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान पर विवाद गहराया.

लखनऊ: स्वामी प्रसाद मौर्य के एक बार फिर दिए गए विवादित बयान ने नया राजनीतिक और धार्मिक विवाद खड़ा कर दिया है. प्रभु श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाने के बाद अब उन्होंने भगवान हनुमान को लेकर सोशल मीडिया पर टिप्पणी की है. अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा कि तथागत बुद्ध का संदेश था पहले जानो, तब मानो, जबकि कुछ लोग बिना सवाल किए हर बात मानने को कहते हैं. उन्होंने हनुमान जी के जन्म लेते ही सूर्य को निगल जाने की कथा पर भी प्रश्न उठाए. उनके इस बयान के बाद धार्मिक संगठनों और राजनीतिक दलों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं.

अखिल भारत हिंदू महासभा के प्रवक्ता शिशिर चतुर्वेदी ने स्वामी प्रसाद मौर्य पर सनातन धर्म का लगातार अपमान करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य कभी रामचरितमानस जलाने की बात करते हैं, कभी प्रभु श्रीराम पर टिप्पणी करते हैं और अब हनुमान जी को लेकर विवादित बयान दे रहे हैं. उनका कहना है कि स्वामी प्रसाद अन्य धर्मों पर टिप्पणी करने का साहस नहीं करते और केवल हिंदू धर्म को निशाना बनाते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि पहले भी शिकायत दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे ऐसे बयान लगातार सामने आ रहे हैं.

वरिष्ठ पत्रकार विजय उपाध्याय ने कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य राजनीतिक प्रासंगिकता बनाए रखने और चर्चा में बने रहने के लिए इस तरह के बयान देते हैं. उनके अनुसार स्वामी प्रसाद को न तो बौद्ध दर्शन की सही समझ है और न ही सनातन परंपरा की. उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में किसी भी विषय पर शास्त्रार्थ, अलग-अलग व्याख्याओं और सुधार की परंपरा रही है. धार्मिक कथाओं को केवल शाब्दिक रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, क्योंकि उनमें प्रतीक और दर्शन भी निहित होते हैं. विजय उपाध्याय का कहना है कि स्वामी प्रसाद केवल सनातन धर्म पर ही टिप्पणी करते हैं, जबकि अन्य धर्मों पर बोलने से बचते हैं.

समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता दीपक रंजन ने कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य की आस्था समय-समय पर बदलती रहती है. वे कभी किसी के पक्ष में तो कभी विरोध में बयान देते रहते हैं. उन्होंने कहा कि स्वामी प्रसाद के बयानों को बहुत अधिक गंभीरता से लेने या उन पर ज्यादा ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है. हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब स्वामी प्रसाद मौर्य अपने बयानों को लेकर विवादों में आए हों. इससे पहले भी वे रामचरितमानस, सनातन धर्म, भगवान श्रीराम और अन्य धार्मिक विषयों पर दिए गए बयानों के कारण चर्चा और विवाद के केंद्र में रहे हैं. अब हनुमान जी को लेकर की गई उनकी नई टिप्पणी ने एक बार फिर राजनीतिक और धार्मिक दोनों स्तरों पर बहस तेज कर दी है. धार्मिक संगठनों ने इसे करोड़ों लोगों की आस्था का अपमान बताते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

दरअसल, स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा था कि भगवान राम और हनुमान जी दोनों ही धरती पर ही पैदा हुए थे और ऐसे में जो धरती पर पैदा हुआ है, वह धरती पर ही रहेगा. वहीं, सूर्य पृथ्वी से 13 लाख गुना बड़ा है और पृथ्वी पर पैदा होने वाला एक छोटा सा और मामूली सा बंदर भगवान सूर्य को कैसे निगल सकता है? यह अज्ञानता है और इसी अज्ञानता को खत्म करने के लिए लोग पढ़ाई करते हैं.

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काव्‍या मिश्रा

Kavya Mishra is working with News18 Hindi as a Senior Sub Editor in the regional section (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana and Himachal Pradesh). Active in Journalism for more than 7 years. She started her j…और पढ़ें



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