हर मर्ज का इलाज सिर्फ 1 रुपये में, वाराणसी में बनेगा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल

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हर मर्ज का इलाज सिर्फ 1 रुपये में, वाराणसी में बनेगा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल


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Super Specialty Hospital Varanasi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 अप्रैल को काशी को ₹7000 करोड़ के विकास कार्यों का तोहफा देंगे. इसमें सबसे खास ₹315 करोड़ की लागत से बनने वाला 500 बेड का सुपर स्पेशलिटी अस्पताल है. यहां दिल, दिमाग और किडनी जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज मात्र 1 रुपये में होगा. 8 मंजिला इस हाईटेक अस्पताल में 47 ICU बेड और आधुनिक लैब होंगी, जिससे BHU पर मरीजों का बोझ कम होगा और पूर्वांचल को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी.

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Super Specialty Hospital Varanasi: धर्म और अध्यात्म की नगरी काशी अब जल्द ही देश के सबसे बड़े ‘मेडिकल हब’ के रूप में अपनी पहचान मजबूत करने जा रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी को एक बार फिर बड़ी सौगात देने आ रहे हैं. 28 अप्रैल से शुरू हो रहे अपने दो दिवसीय दौरे पर पीएम मोदी काशीवासियों को करीब 7,000 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का तोहफा देंगे. इस पिटारे में सबसे खास तोहफा है ‘सुपर स्पेशलिटी अस्पताल’. एक ऐसा अस्पताल जहां कैंसर से लेकर दिल की बीमारियों तक का इलाज मात्र 1 रुपये के पर्चे पर मुमकिन होगा.

बनारस को मिलेगा आधुनिक चिकित्सा का वरदान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के तहत वाराणसी के मंडलीय अस्पताल (शिवप्रसाद गुप्त अस्पताल) परिसर में इस सुपर स्पेशलिटी सेंटर का निर्माण होने जा रहा है. यह प्रोजेक्ट न केवल वाराणसी, बल्कि पूर्वांचल, बिहार, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के करोड़ों लोगों के लिए वरदान साबित होगा. अक्सर गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को बीएचयू (BHU) के चक्कर काटने पड़ते थे, जहां मरीजों का भारी दबाव रहता है. अब इस नए सेंटर के आने से स्वास्थ्य सुविधाओं का भार बंट जाएगा और लोगों को समय पर इलाज मिल सकेगा.

कैसा होगा अस्पताल का मॉडल?
इस अस्पताल का निर्माण लगभग 315 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है. इसका ढांचा किसी बड़े प्राइवेट अस्पताल से भी बेहतर होगा. इसमें मुख्य रूप से दो बड़े भवन बनाए जाएंगे:

  • पहला भवन (G+8): इसमें आठ मंजिला सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल होगा, जहां अलग-अलग गंभीर बीमारियों के विभाग और जांच केंद्र होंगे.
  • दूसरा भवन (G+14): यह 14 मंजिला इमारत मुख्य रूप से रेजिडेंट डॉक्टरों और स्टाफ के रहने के लिए बनाई जाएगी, ताकि अस्पताल में 24 घंटे विशेषज्ञों की मौजूदगी बनी रहे.

सुपर स्पेशलिटी सेंटर की मुख्य विशेषताएं और सुविधाएं
यह अस्पताल इंडियन पब्लिक हेल्थ स्टैंडर्ड्स (IPHS) के अंतरराष्ट्रीय मानकों के आधार पर तैयार किया जाएगा. यहां मिलने वाली सुविधाओं की सूची लंबी है:

  • 500 बेड की क्षमता: अस्पताल में कुल 500 बेड होंगे, जिससे मरीजों को भर्ती होने के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा.
  • 47 हाईटेक ICU बेड: गंभीर मरीजों के लिए 47 बेड का विशेष आईसीयू (ICU) वार्ड बनाया जाएगा.
  • मल्टी-लेवल पार्किंग: शहर के बीचों-बीच होने के कारण जाम की स्थिति न बने, इसके लिए 300 से अधिक गाड़ियों की पार्किंग व्यवस्था होगी.

एडवांस मेडिकल विभाग: यहां मरीजों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए कहीं और भटकना नहीं पड़ेगा. इसमें निम्नलिखित विभाग प्रमुख होंगे:

  • कार्डियोलॉजी और कैथ लैब: दिल की बीमारियों के जटिल ऑपरेशन के लिए.
  • न्यूरोसर्जरी और न्यूरोलॉजी: दिमाग और नसों से जुड़ी सर्जरी के लिए.
  • नेफ्रोलॉजी और डायलिसिस यूनिट: किडनी के मरीजों के लिए उच्च स्तरीय सुविधा.
  • प्लास्टिक सर्जरी: विशिष्ट चिकित्सा आवश्यकताओं के लिए.

वाराणसी के लिए क्यों है यह खास?

  1. BHU पर दबाव कम होगा: वर्तमान में पूर्वांचल और आसपास के राज्यों (जैसे बिहार, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश) के मरीजों का पूरा बोझ बीएचयू (BHU) अस्पताल पर रहता है. इस नए सेंटर के बनने से वहां भीड़ कम होगी.
  2. सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवा: सरकारी परिसर में होने के कारण आम आदमी को महंगे प्राइवेट अस्पतालों के बजाय यहां किफायती दरों पर विशेषज्ञ इलाज मिल सकेगा.
  3. यह प्रोजेक्ट वाराणसी को मेडिकल टूरिज्म और स्वास्थ्य सेवाओं के केंद्र के रूप में और मजबूती प्रदान करेगा.

BHU का बोझ होगा कम, गरीबों को मिलेगी राहत
मंडलीय अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. बृजेश कुमार ने बताया कि इस प्रोजेक्ट का शिलान्यास प्रधानमंत्री मोदी खुद करेंगे. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश और केंद्र सरकार के सहयोग से बनने वाला यह अस्पताल 3 से 4 साल में पूरी तरह तैयार हो जाएगा. वर्तमान में पूरे पूर्वांचल का बोझ बीएचयू पर है, जिससे वहां वेटिंग लिस्ट लंबी हो जाती है. यह नया सेंटर उस दबाव को कम करेगा. सबसे बड़ी बात यह है कि सरकारी परिसर में होने के कारण यहाँ इलाज की फीस नाममात्र (सिर्फ 1 रुपये) होगी, जिससे गरीब तबके के लोगों को महंगे प्राइवेट अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे.

सिग्नेचर ब्रिज और अन्य विकास कार्य
पीएम मोदी के इस दौरे में केवल अस्पताल ही नहीं, बल्कि कई अन्य बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाएं भी शामिल हैं. इसमें बहुप्रतीक्षित ‘सिग्नेचर ब्रिज’ का तोहफा भी शामिल है, जो वाराणसी की यातायात व्यवस्था को पूरी तरह बदल देगा. 7,000 करोड़ के इन प्रोजेक्ट्स के जरिए मोदी सरकार काशी को आधुनिकता के नए शिखर पर ले जाने की तैयारी में है.

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Rahul Goel

राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें



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