अक्षय तृतीया पर इन पांच चीजों का करें दान, चमक जाएगी किस्मत तो बनेंगे बिगड़े हुए काम.. काशी के ज्योतिषी से जानें पूजा विधि
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Akshay Tritiya 2025: बीएचयू के ज्योतिष विभाग के प्रकांड विद्वान प्रोफेसर विनय पांडेय ने बताया कि अक्षय तृतीया की तिथि ईश्वरीय तिथि मानी जाती है. इस दिन कुछ खास चीजों का दान करने से न सिर्फ अक्षय पुण्य की प्राप्…और पढ़ें
अक्षय तृतीया पर इन चीजों का करें दान
हाइलाइट्स
- अक्षय तृतीया पर स्वर्ण, जल भरे घड़े, छाता, सत्तू और पंखे का दान करें.
- इस दिन पवित्र नदी में स्नान और भगवान विष्णु की पूजा करें.
- 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया पर सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग बन रहा है.
वाराणसी: वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया का महापर्व मनाया जाता है. सनातन धर्म में इस दिन का खासा महत्व है. इस दिन पवित्र नदी में स्नान और दान से विशेष फल प्राप्त होता है. शास्त्रों में अक्षय तृतीया के दिन कुछ खास चीजों का दान करने की बातें बताई गई हैं. ऐसी धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से मनुष्य के हर तरह के पाप नष्ट होते हैं और उन्हें अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है.
बीएचयू के ज्योतिष विभाग के प्रकांड विद्वान प्रोफेसर विनय पांडेय ने बताया कि अक्षय तृतीया की तिथि ईश्वरीय तिथि मानी जाती है. इस दिन कुछ खास चीजों का दान करने से न सिर्फ अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है, बल्कि पापों से भी छुटकारा मिल जाता है. इस दिन विशेष दान से पितरों का भी आशीर्वाद मिलता है.
पितर होंगे प्रसन्न
इस दिन स्वर्ण दान के साथ जल भरे घड़े, छाता, सत्तू और पंखे का भी दान करना चाहिए, क्योंकि इस समय ग्रीष्म ऋतु की शुरुआत हो जाती है. ऐसे में यह चीजें लोगों को शीतलता प्रदान करती है. पितरों के प्रसन्नता के लिए भी इन चीजों का दान महत्वपूर्ण बताया गया है. इस दिन सुबह पवित्र नदी, सरोवर में स्नान जरूर करना चाहिए. यदि नदी सरोवर में स्नान नहीं कर पा रहे है, तो घर में गंगाजल की बूंदों को बाल्टी में डालकर उससे स्नान करना चाहिए.
भगवान विष्णु को लगाएं चंदन का लेप
इसके अलावा इस दिन भगवान विष्णु के पूजा का विशेष महत्व है. इसलिए, इस दिन चंदन से भगवान विष्णु का लेपन भी जरूर करना चाहिए. इससे भी मनुष्य को अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है.
बन रहा खास संयोग
वैदिक हिन्दू पंचांग के अनुसार, इस बार अक्षय तृतीया का महापर्व 30 अप्रैल को मनाया जाएगा. इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ शोभन योग का संयोग भी बन रहा है. इसके अलावा इस दिन रवि योग भी है, जो पूरे रात्रि रहेगा.