अखिलेश यादव जैसे लोग सदियों में एक बार पैदा होते हैं… किसने पढ़े ये कसीदे?

0
अखिलेश यादव जैसे लोग सदियों में एक बार पैदा होते हैं… किसने पढ़े ये कसीदे?


Last Updated:

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के 53वें जन्मदिन पर पार्टी में भारी उत्साह है. राम गोपाल यादव ने उन्हें 2027 में प्रदेश को दमनकारी शासन से मुक्ति दिलाने वाला नेता बताया है. इसी बीच सपा के एक ऐसा भी नेता हैं, जिन्होंने अखिलेश यादव के जो जमकर कसीदे पढ़ें हैं. जानें पूरी कहानी.

ख़बरें फटाफट

Zoom

गंगा-जमुनी तहजीब को बचाने के लिए अखिलेश यादव एकमात्र उम्मीद, जन्मदिन पर सपा नेता एस.टी. हसन ने की जमकर तारीफ. (फाइल फोटो)

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आज अपना 53वां जन्मदिन मना रहे हैं. इस खास मौके पर पूरा उत्तर प्रदेश समाजवादी रंग में रंगा नजर आया. लखनऊ से लेकर इटावा तक पार्टी कार्यकर्ताओं ने जमकर जश्न भी मनाया. इस दौरान सपा के सीनियर नेता और अपने बयानों के लिए मशहूर एस.टी. हसन ने अखिलेश यादव को लेकर एक ऐसी बड़ी बात कही है. जिसकी खूब चर्चा हो रही है. न्यूज एजेंसी आईएनएस में छपी खबर के मुताबिक, उन्होंने अखिलेश यादव की तुलना ऐसे व्यक्तित्व से की है जो सदियों में कभी एक बार पैदा होते हैं. जिसके बाद उनके बयानों के खूब सारे मायने निकाले जा रहे हैं. तो जान लें पूरी कहानी.

एस.टी. हसन ने बांधे तारीफों के पुल

अखिलेश यादव के जन्मदिन पर सपा नेता एस.टी. हसन ने उन्हें देश के लिए उम्मीद की किरण बताया. हसन ने कहा कि आज देश जिस दौर से गुजर रहा है, वहां अखिलेश यादव जैसे नेतृत्व की बहुत जरूरत है. उन्होंने आगे कहा कि अखिलेश यादव केवल एक नेता नहीं, बल्कि साम्प्रदायिक सौहार्द और गंगा-जमुनी तहजीब के सबसे बड़े रक्षक हैं. सपा नेता ने याद दिलाया कि कैसे पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव ने हमेशा कानून के दायरे में रहकर राजनीति की है. हसन के मुताबिक, अखिलेश यादव ने हमेशा ‘सबका साथ’ वाली नीति अपनाई है, भले ही इसके लिए पार्टी को कई बार राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ा हो, लेकिन उन्होंने अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया.

आखिर इस बयान के राजनीतिक मायने क्या हैं?

अगर अब इस बयान के मायने समझेंगे तो समझ आएगा कि एस.टी. हसन का यह बयान केवल जन्मदिन की औपचारिकता नहीं है, बल्कि इसके गहरे राजनीतिक निहितार्थ हैं. राजनीतिक विश्लेषक का मानना है कि इस तरह के कसीदे पढ़कर पार्टी के भीतर एक ‘अजेय नेता’ की छवि बनाई जा रही है. हसन ने अखिलेश को एक ऐसा ‘विज़नरी’ बताया जो वर्तमान राजनीतिक चुनौतियों से देश को बाहर निकाल सकता है. उनके अनुसार, साम्प्रदायिक सौहार्द और गंगा-जमुनी तहजीब को बचाने के लिए अखिलेश यादव का नेतृत्व देश की जरूरत है. यह बयान कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाकर उन्हें 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए तैयार करने की एक सोची-समझी रणनीति भी हो सकती है.

राम गोपाल यादव का बड़ा चुनावी संकल्प

उधर इटावा में जन्मदिन के उपलक्ष्य में पौधारोपण करते हुए समाजवादी पार्टी के महासचिव राम गोपाल यादव ने प्रदेश की वर्तमान सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने अखिलेश यादव को भविष्य का मुख्यमंत्री बताते हुए कहा कि प्रदेश की जनता अब इस दमनकारी शासन से पूरी तरह तंग आ चुकी है. राम गोपाल ने स्पष्ट किया कि राज्य की जनता को अब केवल अखिलेश यादव से ही उम्मीद है कि वही इस अत्याचारी शासन से मुक्ति दिला सकते हैं. उन्होंने ऐलान किया कि हम सब मिलकर 2027 के विधानसभा चुनावों में इस दमनकारी शासन को पूरी तरह उखाड़ फेंकेंगे और अखिलेश यादव को वापस सत्ता में लाएंगे.

पीडीए और सामाजिक न्याय की नई राजनीति

पार्टी के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद और वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव ने भी अखिलेश यादव के जन्मदिन को एक बड़े उत्सव के रूप में मनाया. शिवपाल यादव ने सोशल मीडिया के जरिए अखिलेश को ‘संघर्ष और समाजवादी विचारधारा का प्रतिबद्ध प्रहरी’ बताया. उन्होंने कहा कि अखिलेश के नेतृत्व में पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) का आंदोलन अब प्रदेश में एक बड़ी ताकत बन चुका है. पार्टी का मानना है कि अखिलेश यादव की समावेशी राजनीति और विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ही आने वाले समय में उत्तर प्रदेश में सत्ता परिवर्तन का मुख्य आधार बनेगी. सपा के अनुसार, यह जन्मदिन का जश्न पूरे एक हफ्ते तक चलेगा, जिसमें पौधारोपण के जरिए राजनीतिक नफरत को कम करने का संदेश दिया जाएगा.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *