अब नहीं भटकेंगे मरीज, अयोध्या के सरकारी अस्पतालों में मिलेंगी बेहतर सुविधाएं
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अयोध्या में स्वास्थ्य सेवाएं तेजी से सुधर रही हैं. टीबी जांच के लिए तीन नई ट्रूनाट मशीनें लगाने की योजना है, जिससे ग्रामीण मरीजों को जिला मुख्यालय नहीं जाना पड़ेगा. साथ ही सरकारी अस्पतालों में सिजेरियन ऑपरेशनों…और पढ़ें
टीबी मरीजों के लिए ट्रूनाट मशीन की सुविधा
जिले के खंडासा, मवई और हैरिंगटन गंज ब्लॉकों में अभी ट्रूनाट मशीन उपलब्ध नहीं है. इन क्षेत्रों के मरीजों को जांच के लिए जिला मुख्यालय आना पड़ता है. प्रस्तावित तीन नई ट्रूनाट मशीनों से स्थानीय स्तर पर ही तेजी और सटीकता के साथ टीबी की जांच संभव होगी. पारंपरिक माइक्रोस्कोपिक जांच में केवल तभी टीबी का पता चलता है जब एक मिलीलीटर सैंपल में 10,000 बैक्टीरिया मौजूद हो. इस कारण कई मरीज समय पर निदान नहीं करा पाते. ट्रूनाट और सीबीनाट जैसी आधुनिक मशीनों से कम समय में बेहतर परिणाम सामने आते हैं.
नई मशीनें लगने से ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को लखनऊ या दिल्ली जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. स्थानीय स्तर पर ही जांच हो पाएगी, जिससे समय और पैसे दोनों की बचत होगी.
सिजेरियन ऑपरेशन की संख्या बढ़ी
सीएमओ डॉ. सुनील कुमार बनियान ने बताया कि अयोध्या में सरकारी अस्पतालों में सिजेरियन ऑपरेशनों की संख्या बढ़ गई है. पहले जिन आशा बहुओं ने प्राइवेट अस्पतालों में सिजेरियन कराए थे, उन्हें बाहर किया गया और ऐसे अस्पतालों को बंद कर दिया गया.
सरकारी अस्पतालों की मजबूत व्यवस्था
सीएमओ ने कहा कि अयोध्या के श्री राम अस्पताल, जिला अस्पताल और महिला अस्पताल में मरीजों के लिए मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर ढंग से उपलब्ध कराई जा रही हैं. स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार सुधार हो रहा है और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा मिल रही है.