अमरूद की जड़ों के पास डालें ये जादुई खाद का घोल… फलों से लद जाएंगे पेड़! अक्टूबर में जरूर करें ये उपाय

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अमरूद की जड़ों के पास डालें ये जादुई खाद का घोल… फलों से लद जाएंगे पेड़! अक्टूबर में जरूर करें ये उपाय


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Guava Gardening Tips : डॉ राहुल वर्मा ने बताया कि अक्टूबर में बंपर फसल के लिए कटिंग (छंटाई) बेहद ज़रूरी है. कटिंग के बाद एन.पी.के. और गोबर की खाद देने से नए कल्ले तेजी से निकलेंगे. किसानों को ज्यादा उत्पादन मिलेगा, गुणवत्ता बेहतर होगी.

शाहजहांपुर : शाहजहांपुर में किसान अब पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर बागवानी को महत्व दे रहे हैं, और जिले में अमरूद की खेती का क्षेत्रफल तेज़ी से बढ़ रहा है. जिले के किसान विशेष रूप से ‘पिंक ताइवान’ अमरूद की खेती पर ज़ोर दे रहे हैं, जिससे उन्हें अच्छा मुनाफा भी मिल रहा है. अक्टूबर का महीना पिंक ताइवान अमरूद के बाग के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है. किसानों को इस समय कटिंग (छंटाई) का काम तुरंत शुरू कर देना चाहिए, ताकि बेहतर पैदावार मिल सके. यह समय अगले सीजन की बंपर फसल की तैयारी का है.

उद्यान एक्सपर्ट डॉ. राहुल वर्मा ने बताया कि पिंक ताइवान अमरूद की बागवानी कर रहे किसानों के लिए अक्टूबर का महीना खास होता है. इस समय किसानों को बाग की अनिवार्य रूप से कटिंग कर देनी चाहिए. कटिंग के दौरान यह सुनिश्चित करें कि आप पिछली फल वाली शाखाओं की ही छंटाई करें. इस प्रक्रिया से पेड़ में नए कल्ले और नई शाखाएं निकलेंगी. जितनी अधिक संख्या में नए कल्ले निकलेंगे, उतनी ही ज्यादा मात्रा में फूल और फल आएंगे. इस सरल और प्रभावी बागवानी तकनीक से किसान अगले सीजन में ज्यादा उत्पादन ले सकते हैं. कटिंग से पेड़ का विकास भी संतुलित रहता है और रोगों का खतरा कम होता है.

जड़ों के पास NPK डालने के फायदे
पिंक ताइवान अमरूद के बाग में कटिंग के साथ-साथ पेड़ो की तेज ग्रोथ और अधिक फल लेने के लिए उचित उर्वरक प्रबंधन जरूरी है. कटिंग के तुरंत बाद, नए कल्ले और शाखाओं को विकसित करने के लिए नाइट्रोजन की आवश्यकता होती है. किसान एन.पी.के. का संतुलित मिश्रण, जैसे 19:19:19 या 20:20:20 या यूरिया का हल्का घोल पेड़ों की जड़ों से थोड़ी दूरी पर दें. कटिंग से हुए घावों को फंगल संक्रमण से बचाने के लिए कॉपर ऑक्सीक्लोराइड फफूंदीनाशक का छिड़काव करें है. इसके अलावा बेहतर गुणवत्ता और रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए सूक्ष्म पोषक तत्व (माइक्रोन्यूट्रिएंट्स) का छिड़काव भी करें.

जड़ों में जैविक खाद डालने के फायदे
पौधे की दीर्घकालिक ग्रोथ और मिट्टी के स्वास्थ्य के लिए, किसान सड़ी हुई गोबर की खाद या कम्पोस्ट खाद को अक्टूबर में मिट्टी में मिला सकते हैं. यह जैविक खाद धीरे-धीरे पोषक तत्वों की पूर्ति करती रहेगी, और मिट्टी की जल धारण क्षमता बढ़ेगी. यदि आप जैविक खेती कर रहे हैं, तो नीम की खली और बायो-फर्टिलाइजर्स का उपयोग जड़ों को मजबूती देने के साथ ग्रोथ तेज होगी.

मृत्‍युंजय बघेल

मीडिया फील्ड में 5 साल से अधिक समय से सक्रिय. वर्तमान में News-18 हिंदी में कार्यरत. 2020 के बिहार चुनाव से पत्रकारिता की शुरुआत की. फिर यूपी, उत्तराखंड, बिहार में रिपोर्टिंग के बाद अब डेस्क में काम करने का अनु…और पढ़ें

मीडिया फील्ड में 5 साल से अधिक समय से सक्रिय. वर्तमान में News-18 हिंदी में कार्यरत. 2020 के बिहार चुनाव से पत्रकारिता की शुरुआत की. फिर यूपी, उत्तराखंड, बिहार में रिपोर्टिंग के बाद अब डेस्क में काम करने का अनु… और पढ़ें

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अमरूद की जड़ों के पास डालें ये जादुई खाद का घोल… फलों से लद जाएंगे पेड़!



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