अविनाश और अभिषेक शुक्ला के घर मिला 20 लाख कैश, सामने आई अंदर की पूरी कहानी
Last Updated:
Ram Mandir Dan Chori: अयोध्या के राम मंदिर दान चोरी मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए खुलासे सामने आ रहे हैं. पुलिस अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है. इसी बीच उस योग केंद्र से भी कई अहम जानकारियां सामने आई हैं, जहां आरोपी अविनाश शुक्ला और उसका भाई अभिषेक शुक्ला लंबे समय तक रह रहे थे. स्थानीय लोगों और योग केंद्र की संचालिका ने पुलिस की कार्रवाई, आरोपी के वहां रहने और उसकी नौकरी को लेकर कई अहम बातें बताई हैं.
अयोध्या: राम मंदिर दान मामले में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं. अभी तक अयोध्या पुलिस ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. लेकिन अविनाश शुक्ला और अभिषेक शुक्ला जिस योगा टीचर के घर रहते थे. लगभग 5 वर्षों से और जहां लगभग 20 लाख रुपए बरामद हुए, आज हम वहां पहुंचे हैं और हमारे साथ योगा से जुड़े कुछ लोग भी मौजूद हैं. लेकिन सबसे पहले हम आपको वो तस्वीर दिखाएंगे जहां से लगभग 20 लाख रुपए अयोध्या पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार इसी बैग से बरामद किए गए थे.
यह वही बक्सा है जहां से 20 लाख रुपए अविनाश शुक्ला के पास से बरामद किए गए थे. इसके अलावा इसके बगल में एक ‘राम राज्य कोष’ है जिसपे एक पेटीएम क्यूआर कोड भी रखा हुआ है.आखिर इन सब की सच्चाई क्या है और अविनाश यहां कब से रहते थे?
- रिपोर्टर: यह बताइए आप कौन हैं और अभिषेक, अविनाश के बारे में आप क्या जानते हैं?स्थानीय व्यक्ति: हम तो भैया यहां योग चलता है, योग की सेवा करते हैं. हम यह चपरासी का काम साफ-सफाई करते हैं.
- रिपोर्टर: अच्छा, यहां पुलिस कब आई थी?
स्थानीय व्यक्ति: हां, यहां तो पुलिस आई थी - रिपोर्टर: कब आई थी?
स्थानीय व्यक्ति: 5 जून को आई थी शाम को 7:30 बजे - रिपोर्टर:अच्छा, क्या जो पैसे की बरामदगी हो रही है यहीं पे हुई है?
स्थानीय व्यक्ति: अब 7:30 बजे पुलिस आई, अविनाश को लेके आई यहां दो पुलिस थी, दो लोग और थे, चार लोग थे उसके बाद ताला खोला, बैग निकाला. दो बैग निकाले उनके बक्से से अपना और बक्से के ऊपर रख के फिर हमें पुलिस वाले ने कहा कि ‘आप बाहर जाइए’. हम बाहर चले गए, दरवाज़ा बंद कर लिए उसमें फिर उसके बाद हम अभिषेक को फ़ोन कर दिए कि ‘भाई, आपके भाई को लेकर पुलिस यहां आई है, अंदर में है और हम जा रहे हैं और अपना आकर देखिए अंदर’ - रिपोर्टर:अच्छा, कब से यहां रहते थे अभिषेक और अविनाश
स्थानीय व्यक्ति: अभिषेक तो 10 साल से यहां रह रहा है, 2017 से यहां रह रहा है. अविनाश तो डेढ़ साल से यहां रहता था. - रिपोर्टर: उनका चाल-चलन कैसा था, आपको कुछ इनके बारे में पता है जिस तरह राम मंदिर में जो दान चोरी का मामला सामने आया है, इन लोगों को अयोध्या पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है कैसे देखते हैं इस पूरे मामले को?
स्थानीय व्यक्ति: अभिषेक तो अच्छा लड़का था. अभिषेक तो 10 साल से यहां रह रहा था, वो तो ठीक-ठाक था. मेहनत से अपना पढ़ाई किया, मेहनत से उसको नौकरी मिली और वो अपना करने लगा. उसके बाद अपने भाई को लेकर आया. भाई उसका बेरोजगार था, तो उसको पहले पानी-वानी बेचने में लगाया. - रिपोर्टर: कौन पानी बेचता था?
स्थानीय व्यक्ति: यही अविनाश पहले राम… वहां पर जो है हनुमान गुफा के पास बोतल की पानी बेचता था - रिपोर्टर: अच्छा
स्थानीय व्यक्ति: उसमें फिर नहीं सक्सेस हुआ, फिर अपना कहीं से इनको जुगाड़ लग गया, फिर उसने राम मंदिर में गणना में लगवा दिया फिर वो राम मंदिर में कार्य करने लगा. - रिपोर्टर: अच्छा, कौन लगवाया होगा? आपका क्या…पता है
स्थानीय व्यक्ति: ये तो हम नहीं जानते हैं कि कैसे इनकी लगी है, कैसे यहां लगवाया लेकिन… - रिपोर्टर:अच्छा, एक पानी बेचने वाला कैसे गणना स्थल तक पहुंचा?
स्थानीय व्यक्ति: अब ये तो अभिषेक का होगा कोई… जो है संबंधी उनका - रिपोर्टर: ये बताइए, ये अविनाश पानी बेचता था, कैसे दान पात्र पहुंचा?
महिला (योगा टीचर): पहले जब शुरू में आया, तो वो वहीं पर नौकरी. पानी बेचने वाली नौकरी करता था. लेकिन बाद में फिर पता चला कि उसको वहाँ पर राम मंदिर में नौकरी मिल गई है. - रिपोर्टर: कैसे मिली? आपको क्या लगता है?
महिला (योगा टीचर): अभिषेक एक बार चर्चा कर रहा था कि दीदी उसको वहां पे नौकरी… अब किस सोर्स से मिली, ये मैं नहीं बता सकती हां, आना-जाना था हम लोग का चंपत राय जी से मिलना था. कई कार्यक्रम में हम मिले भी, ये लोग भी जुड़े हुए थे. हो सकता है, वही सोर्स रहा हो. - रिपोर्टर: जो घटना में अविनाश और अभिषेक शामिल हैं, इस घटना को आप कैसे देखती हैं?
महिला (योगा टीचर): देखिए, अभिषेक का नाम इसमें मत जोड़िए, मैं आपसे बता रही हूं अभी तक अविनाश का ही नाम इसमें है, अभिषेक को इसमें ना जोड़ा जाए. अब उसको यह पता था या नहीं पता था, यह प्रभु जानें. लेकिन मुझे यह लगता है कि उसको नहीं पता था और अगर पता भी था तो भगवान जाने. - रिपोर्टर: अच्छा, यहां पुलिस कब आई थी?
महिला: पुलिस 5 तारीख को - रिपोर्टर: और एक सीसीटीवी भी वायरल हो रहा है?
महिला: 5 तारीख का ही सीसीटीवी है, फुटेज है. -
रिपोर्टर: तो उसमें आपको क्या कहना है,
महिला: पहले तो मुझे विश्वास नहीं हुआ लेकिन बाद में सीसीटीवी फुटेज आया तो पता चला कि यहां से पैसा रिकवरी हुआ है. तो आप जान नहीं सकते कि हम सब कितना आहत हैं. इस बात को लेकर और मैं सोशल मीडिया पे बिल्कुल नहीं आती अगर मुझे यहां की सही जानकारी न देनी होगी इसीलिए मैं आज आई हूं, यह बताने के लिए कि यहां इस सेंटर पर ऐसा पहली बार हुआ है, ऐसा कभी नहीं हुआ और हम सब इस बात से बहुत दुखी हैं और हम चाहते हैं.. - रिपोर्टर: अच्छा, यहां अभिषेक या अविनाश में कौन सबसे ज्यादा रहता था?
महिला: अभिषेक रहता था. अभिषेक तो पिछले 10 सालों से यहां है -
रिपोर्टर: अविनाश?
महिला: अविनाश डेढ़ साल पहले… अभिषेक उसको लेकर आया कि ‘दीदी, इसकी कहीं नौकरी लगवा दूं, कुछ करने लगे. - रिपोर्टर: तो वह, वही अविनाश राम मंदिर में काम करता था क्या
महिला: वही अविनाश राम मंदिर में गया और वहां यह सब हुआ
About the Author
अभिजीत चौहान, News18 Hindi के डिजिटल विंग में सब-एडिटर हैं. वर्तमान में अभिजीत उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और वायरल ख़बरें कवरेज कर रहे हैं. AAFT कॉलेज से पत्रकारिता की मास्…और पढ़ें