आखिर जेल में क्यों टूट गए सौरभ के हत्यारे, रो-रोकर साहिल-मुस्कान का बुरा हाल, हाथ जोड़कर कह रहे- हमें…
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Muskaan Sahil News: मेरठ की मुस्कान के नीले ड्रम वाले कांड को लोग शायद कभी नहीं भूल पाएं. अब सौरभ के हत्यारों का जेल में हाल बेहाल हो गया है. दोनों ने अलग-अलग जेल अधीक्षक से मुलाकात की है.
मेरठ सौरभ राजपूत हत्याकांड के आरोपी.
हाइलाइट्स
- सौरभ के हत्यारे मुस्कान और साहिल जेल में टूट गए.
- जमानत याचिका पर सुनवाई 1 मई को होगी.
मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ में हुए सौरभ हत्याकांड से हर कोई वाकिफ है. इस पूरे मामले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था. अब सौरभ राजपूत के हत्यारे फिलहाल जेल में बंद हैं. मगर, कातिल मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल का जेल में बुरा हाल हो गया है. उन्हें लग रहा था कि बुधवार को उन्हें जमानत मिल जाएगी. मगर जमानत याचिका पर सुनवाई ही नहीं हुई. अब 1 मई को सुनवाई होगी. इससे साहिल मुस्कान बुरी तरह टूट गए और रो-रोकर जेल अधीक्षक से एक ही गुहार लगा रहे हैं. वो अपनी रिहाई की मांग कर रहे हैं. आइए जानते हैं सबकुछ…
बता दें, सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में जेल में बंद पत्नी मुस्कान और उसका प्रेमी साहिल की जमानत याचिका पर बुधवार को सुनवाई नहीं हुई. जमानत याचिका पर एक मई को सुनवाई होगी. जबकि हत्या के मामले में नौ मई को सुनवाई होगी. बुधवार को मुस्कान और साहिल वरिष्ठ जेल अधीक्षक डा. वीरेश राज शर्मा से मुलाकात की और जल्द से जमानत कराने की मांग की. इस दौरान मुस्कान और साहिल रो पड़े. जेल अधीक्षक ने इस संबंध में सरकारी अधिवक्ता से बात करने के लिए कहा है.
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यह है मेरठ हत्याकांड
सौरभ हत्याकांड में उसकी पत्नी मुस्कान ने नीले ड्रम का इस्तेमाल किया था, जिसमें उसने सौरभ की लाश को सीमेंट से भरकर जमा दिया था. उसने भी अपने प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ रहने के लिए ये पूरी प्लानिंग की थी. हत्या के बाद दोनों हत्यारोपी शिमला और मनाली में घूमने गए थे. पुलिस ने इस मामले में साहिल और मुस्कान को गिरफ्तार किया था. दोनों को 19 मार्च को कोर्ट में पेश किया, जहां से 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था.
मुस्कान और साहिल हाथ जोड़ हुए खड़े
बुधवार को वरिष्ठ जेल अधीक्षक से मिलने मुस्कान दो अन्य महिला बंदियों के साथ पहुंची. वह हाथ जोड़कर खड़ी हो गई और रोने लगी. उसने कहा कि साहब हमारी जमानत करा दो. वहीं, जमानत के लिए साहिल ने भी रोते हुए जेल अधीक्षक से मुलाकात की. उन्होंने कहा कि जेल मैनुअल के अनुसार उनको सरकारी अधिवक्ता मुहैया करा दिया गया है. सरकारी अधिवक्ता ही जमानत के लिए कोर्ट में अपना पक्ष रखेंगे.
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उधर, सरकारी अधिवक्ता रेखा जैन ने 24 अप्रैल को कातिल मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल की जमानत के लिए दी याचिका में जमानत का मुख्य आधार हत्या के काफी समय बाद मुकदमा दर्ज होने को बनाया है. उन्होंने कहा कि हत्या का कोई चश्मदीद गवाह नहीं है, जो साबित करता हो कि हत्या मुस्कान और साहिल ने की है. सरकारी वकील की जमानत अर्जी पर ब्रह्मपुरी पुलिस ने जमानत नहीं देने की टिप्पणी भी लिखकर दी है. वहीं अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए जमानत अर्जी खारिज कर दी और अगली सुनवाई के लिए नौ मई की तारीख तय की है.