इकरा हसन की DIG से क्या हुई बहस? जो पहुंच गए सब हवालात, जानें इनसाइड स्टोरी

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इकरा हसन की DIG से क्या हुई बहस? जो पहुंच गए सब हवालात, जानें इनसाइड स्टोरी


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Inside Story of Iqra Hasan Detain Case: आजकल सहारनपुर की सियासी गलियारों में एक अलग ही हलचल मची हुई है. यहां डीआईजी और सांसद इकरा हसन के बीच हुई बहसबाजी का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है. आखिर क्या हुआ था उस दिन ऐसा, जिसकी वजह से सपा नेता जेल पहुंच गए थे. आइए जानते हैं सबकुछ.

सहारनपुर: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के सियासी गलियारे में काफी हलचल मची हुई है. यहां के शामली में हुआ मोनू कश्यप हत्याकांड काफी चर्चाओं में है. इसी को लेकर समाजवादी पार्टी की कैराना सांसद इकरा हसन और पूर्व राज्य मंत्री मांगेराम कश्यप पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए दो दिन पहले डीआईजी कार्यालय पहुंचे थे. मगर यहां ऐसा कुछ हुआ कि इकरा हसन के साथ गए पांच लोगों को जेल में ही डाल दिया गया. इन पांच लोगों में पूर्व राज्य मंत्री मांगेराम कश्यप भी थे. अब जेल से छुटकर आए पूर्व राज्य मंत्री ने पूरी इनसाइड स्टोरी बताई है कि क्या था मामला, कैसे बहस होने लगी, क्यों जेल में डाल दिया गया, फिर कैसे क्या छोड़ा…

यह है मामला
इकरा हसन और मांगेराम कश्यप अन्य लोगों के साथ डीआईजी कार्यालय पहुंचे. वह यहां पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए पहुंची थीं. यहां से बाहर निकल ही रहे थे, तभी वहां पर पुलिस फोर्स बुलाकर मांगेराम कश्यप सहित पांच लोगों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया. इधर, सांसद इकरा को महिला पुलिस थाने ले जाया गया. यहां जमकर बहस हुई. इसके बाद वह जब वापस लौट रही थीं, तो उन्हें पता चला कि उनके साथ आए लोगों को तो जेल भेज दिया गया है. इस पर इकरा हसन ने अपने काफिले को सहारनपुर की तरफ फिर से मोड़ लिया और थाना सदर बाजार में पुलिस के बड़े अधिकारियों के साथ जमकर बहस बाजी हुई. मगर, वह फिर भी अकेली वापस नहीं लौटीं. वह अपने लोगों को छुड़वाने के लिए देर रात तक थाना सदर बाजार में धरने पर बैठी रहीं. मगर, सवाल उठता है कि आखिर ऐसा क्या हुआ था कि अचानक से गिरफ्तारी हुई और गिरफ्तारी करने के बाद उन लोगों को तुरंत ही जेल भेज दिया गया.

क्या बोले पूर्व राज्य मंत्री?
मांगेराम कश्यप ने लोकल 18 को बताया, शामली में कश्यप समाज के एक युवक की हत्या कर दी गई. जबकि पीड़ित परिवार के लोगों पर झूठा मुकदमा दर्ज किया गया. इसको लेकर हम सहारनपुर DIG कार्यालय पहुंचे थे. जैसी ही हम लोग डीआईजी कार्यालय के अंदर पहुंचे तो डीआईजी साहब ने उस पीड़ित मां को तुरंत बाहर जाने को कहा. इसके बाद वह पीड़ित मां रोती हुई बाहर चली गई. साथ ही मैं भी वहां पर मौजूद था. हम सबने डीआईजी से निष्पक्ष जांच करने की मांग की.

उन्होंने आगे कहा कि इस पर डीआईजी साहब ने हमें कोई निष्पक्ष कार्रवाई करने का आश्वासन नहीं दिया. बल्कि बाहर निकलवा दिया. जब हम पीड़ित मां के आंसू पोछ रहे थे तभी वहां पुलिस का पूरा स्टाफ आ गया. हमें वहां से हटाने लगे और हमारे ऊपर रास्ता जाम लगाने का आरोप भी लगाया गया. जबकि हम चार-पांच लोग थे और हम साइड में खड़े थे.

काटा जा रहा, जलाया जा रहा और…
उन्होंने कहा कि डीआईजी साहब ने बड़ी संख्या में फोर्स बुला ली और हम सबको ले जाने लगे. सांसद इकरा को महिला थाने ले गए, जबकि हमें सदर बाजार कोतवाली में ले जाकर जेल भेज दिया. मेरे साथ पांच लोग और थे, उनको भी हवालात में डाल दिया. पूर्व राज्य मंत्री ने कहा कि इस सरकार में हिंदुओं के नाम पर समाज से वोट लिया जा रहा है, लेकिन इसी समाज को काटा जा रहा है, जलाया जा रहा है, मारा जा रहा है. अगर इस तरीके से मेरे साथ और सांसद इकरा हसन के साथ व्यवहार किया जा रहा है तो यह सरकार की करनी और कथनी में बहुत फर्क है. जबकि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा सरकार के द्वारा दिया जाता है. जबकि बेटी हमारी इकरा हसन सांसद है उनके साथ इस तरह का अभद्र व्यवहार किया गया.

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काव्‍या मिश्रा

Kavya Mishra is working with News18 Hindi as a Senior Sub Editor in the regional section (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana and Himachal Pradesh). Active in Journalism for more than 7 years. She started her j…और पढ़ें



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