औरंगाबाद में बनेगा टेराकोटा हब, 4 एकड़ में तैयार होगा अत्याधुनिक कॉम्प्लेक्स
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Gorakhpur News: गोरखपुर के औरंगाबाद गांव का टेराकोटा आर्ट अब सिर्फ गांव की गलियों तक सीमित नहीं रहेगा. बल्कि देश-विदेश तक अपनी छाप छोड़ेगा. उत्तर प्रदेश सरकार ने 4 एकड़ जमीन पर एक आधुनिक कॉम्प्लेक्स बनाने का फै…और पढ़ें
कारोबार को मिलेगी नई दिशा
टेराकोटा कारोबारियों और कलाकारों को इस कॉम्प्लेक्स से न सिर्फ काम करने की बेहतर जगह मिलेगी बल्कि उनके प्रोडक्ट्स की सेल भी आसान होगी. यहां आधुनिक तकनीक से ट्रेनिंग दी जाएगी और नए डिज़ाइन्स के बारे में जानकारी भी साझा होगी. पर्यटन विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट के पूरे हो जाने पर औरंगाबाद का टेराकोटा कारोबार तेजी से बढ़ेगा और लोगों को बड़ी संख्या में रोजगार भी मिलेगा.
गोरखपुर और आसपास के इलाकों के बाजारों में पहले ही टेराकोटा प्रोडक्ट्स की बड़ी डिमांड है. अब इस नए कॉम्प्लेक्स के बन जाने से औरंगाबाद का टेराकोटा ब्रांड और मजबूत होगा. लोकल मार्केट के साथ-साथ ऑनलाइन और इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म पर भी इसे प्रमोट किया जाएगा.
पीढ़ियों से जुड़ा कारोबार
औरंगाबाद के कई परिवार पीढ़ियों से इस कला को आगे बढ़ा रहे हैं. आजादी से पहले से यह कारोबार गांव में मौजूद है. अब भी लोग इसे बड़े पैमाने पर कर रहे हैं. दिवाली और होली जैसे त्योहारों पर इनके प्रोडक्ट्स की सबसे ज्यादा डिमांड रहती है. वहीं, विदेशों से भी बड़े ऑर्डर मिल रहे हैं जिससे कलाकारों का उत्साह और बढ़ गया है.
सम्मान और पहचान
टेराकोटा कलाकारों का कहना है कि सरकार की इस पहल से उनका काम और तेज़ी से आगे बढ़ेगा. पहले जहां ऑर्डर समय पर पूरा करना मुश्किल होता था.अब आधुनिक सुविधाएं और सपोर्ट मिलने से काम आसान होगा. देश ही नहीं, बल्कि विदेशों तक औरंगाबाद का नाम पहुंचेगा और यह कला एक नई पहचान के साथ भविष्य की पीढ़ियों तक सुरक्षित रहेगी. नतीजा यह कि औरंगाबाद गांव सिर्फ एक छोटे से टेराकोटा हब के तौर पर नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश और देश में एक मॉडल के रूप में उभरेगा.