कालसर्प दोष नहीं छोड़ रहा पीछा? गाय का कच्चा दूध दिलाएगा मुक्ति, जानिए कैसे?

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कालसर्प दोष नहीं छोड़ रहा पीछा? गाय का कच्चा दूध दिलाएगा मुक्ति, जानिए कैसे?


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कालसर्प दोष नहीं छोड़ रहा पीछा? कच्चा दूध दिलाएगा मुक्ति, जानिए कैसे?

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How to Get Relief Kaal Sarp Dosh : जिन लोगों की जन्मकुंडली में कालसर्प दोष या राहु-केतु से संबंधित ग्रह दशाएं चल रही हैं, उनके लिए इनसे मुक्ति का समय करीब है. गाय का कच्चा दूध लें. उसमें कम से कम 11 साबुत अक्षत के दाने और बेला, केसर या चंदन का थोड़ा सा इत्र मिलाएं. इससे भगवान शिव का अभिषेक करें, लेकिन कब. लोकल 18 ने इस बारे में अयोध्या के ज्योतिष पंडित कल्कि राम से बात की. वे बताते हैं कि अगर कोई व्यक्ति कालसर्प दोष की विधिवत पूजा कराने में सक्षम नहीं है, तो नाग पंचमी के दिन तांबे का नाग-नागिन वाला जोड़ा भी मदद कर सकता है.

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अयोध्या. सनातन धर्म में नाग पंचमी के पर्व का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है. इस दिन भगवान शिव के प्रिय नाग देवता की विधि-विधान से पूजा करने की परंपरा है. मान्यता है कि नाग पंचमी के दिन भगवान भोलेनाथ और नाग देवता की आराधना करने से जीवन में आने वाली कई तरह की बाधाओं से राहत मिलती है. खास तौर पर जिन लोगों की जन्मकुंडली में कालसर्प दोष या राहु-केतु से संबंधित ग्रह दशाएं चल रही हों, उनके लिए नाग पंचमी का दिन विशेष माना जाता है. अयोध्या के ज्योतिष पंडित कल्कि राम लोकल 18 से बताते हैं कि श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी का पर्व मनाया जाता है. श्रावण मास भगवान शिव को समर्पित होता है और इस पूरे महीने भगवान शिव के साथ उनके गणों की उपासना का भी विधान बताया गया है. भगवान भोलेनाथ के कंठ में नाग देवता सुशोभित रहते हैं. इसी कारण श्रावण मास की पंचमी तिथि को नाग देवता की पूजा का विशेष महत्व माना गया है.

पंडित कल्कि राम के मुताबिक, इस बार नाग पंचमी का पर्व 17 अगस्त 2026 सोमवार को मनाया जाएगा. पंचमी तिथि 16 अगस्त की शाम 4 बजकर 55 मिनट से शुरू होकर 17 अगस्त की शाम 5 बजे तक रहेगी. उदया तिथि के अनुसार नाग पंचमी का पर्व 17 अगस्त को ही मनाया जाएगा. ज्योतिष कल्कि राम के अनुसार, जिन श्रद्धालुओं की जन्मकुंडली में कालसर्प दोष है या राहु-केतु की महादशा अथवा अंतर्दशा चल रही है, वे नाग पंचमी के दिन भगवान शिव का विशेष अभिषेक कर सकते हैं. इसके लिए गाय का कच्चा दूध लें. उसमें कम से कम 11 साबुत अक्षत के दाने और बेला, केसर या चंदन का थोड़ा सा इत्र मिलाएं. इसके बाद इस मिश्रण से भगवान शिव का अभिषेक करें. अभिषेक के समय शिवलिंग पर धातु के नाग देवता का होना शुभ माना गया है.

तांबे के नाग-नागिन का उपाय

पंडित कल्कि राम के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति कालसर्प दोष की विधिवत पूजा कराने में सक्षम नहीं है, तो नाग पंचमी के दिन तांबे के नाग-नागिन का एक जोड़ा लिया जा सकता है. इसके बाद लाल रंग के धागे को अपने सिर से पैर तक के माप के अनुसार नापकर एक छोर पर नाग और दूसरे छोर पर नागिन को लपेटें. इस धागे को किसी शिवलिंग पर इस प्रकार अर्पित करें कि नाग ऊपर और नागिन नीचे रहे. इसके बाद शिवलिंग पर कच्चा दूध या जल चढ़ाएं, चंदन लगाकर भगवान शिव की आरती करें और सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नाग पंचमी के दिन इस तरह भगवान शिव और नाग देवता की उपासना करने से कालसर्प दोष तथा राहु-केतु से जुड़ी परेशानियों में राहत मिल सकती है.

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Priyanshu Gupta

प्रियांशु गुप्‍ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…

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