किसान भाई इस विधी से करें कुंदरू की खेती, कम लागत में होगा बंपर मुनाफा
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बहराइच जिले के रहने वाले किसान जियाउल हक कुंदरू की खेती करते आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि बीघे खेत में खर्चा 3 से 4 हजार का ही आता है. मुनाफे की बात करें तो 20 से 25000 रुपये बड़े आराम से हो जाता है.
मचान विधि की तैयारी में लागत!
एक बीघा की बात की जाए तो हमारे किसान भाई 3 हजार से 4 हजार की लागत में मचान विधि को तैयार करके कद्दू वर्गीय सब्जी की खेती बड़ी आसानी से कर सकते हैं.इन दिनों बहराइच जिले के रहने वाले किसान जियाउल हक कुंदरू की खेती करते आ रहे हैं. कुंदरु परवल की बहन कही जाती है. जब परवल का रेट बढ़ता है,तो कुंदरू का रेट भी बढ़ जाता है. जब परवल का रेट गिरता है तो कुंदरू का रेट भी गिर जाता है. कुंदरू की सब्जी काफी लोगों को पसंद होती है और खाने में भी काफी फायदेमंद होती है. इसलिए मार्केट में इसकी डिमांड भी खूब होती है. किसान भाई को बेचने के लिए बहुत जद्दोजहद भी नहीं करनी पड़ती.
एक बीघा में लागत और मुनाफा!
बरसात के सीजन में कुंदरु में अच्छा फायदा बड़े आराम से मिल जाता है. बरसात के सीजन में कुंदरू का मंडी भाव भी तेजी से उछाल मारता है,वहीं अगर एक बीघे में बात की जाए तो खर्चा 3 से 4 हजार का ही आता है. मुनाफे की बात करें तो 20 से 25000 रुपये बड़े आराम से हो जाता है.,इस वजह से किसानों को फायदा भी खूब होता है. मचान विधि से करने से सब्जियां खराब भी नहीं होती हैं. ऊपर से लटक की वजह से इनका आकार भी बड़ा हो जाता है,इसके साथ ही रोग से बचने के लिए आप इसमें ट्रैप भी लगा सकते हैं. जिले के रहने वाले किसान जियाउल हक ने मचान विधि के साथ बीच-बीच में फ्लाइट ट्रैप भी लगा रखा है,जिसमें नुकसानदायक किट फंस कर रह जाते हैं. सब्जियों को कोई नुकसान नहीं होता है.