खुजली होते ही क्या आप भी लगाने लगते हो क्रीम? बरसात में 99% लोग करते हैं ये गलती
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Monsoon Skin Care : बारिश के मौसम में पसीना और नमी लंबे समय तक त्वचा पर रहने से दाद, खुजली और फंगल इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है. शरीर के उन हिस्सों में संक्रमण का खतरा ज्यादा रहता है, जहां नमी आसानी से जमा होती है. कई बार खुजली या दाद होने पर लोग बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी क्रीम लगाना शुरू कर देते हैं, क्या ऐसा करना चाहिए. लोकल 18 ने इस बारे में ग्रेटर नोएडा के कॉस्मेटोलॉजिस्ट डॉ. ललित कसाना से बात की. डॉ. कसाना कहते हैं कि दिनभर काम या मेहनत करने के दौरान शरीर में पसीना आता रहता है. कई लोग घर पहुंचने के बाद तुरंत कूलर या एसी के सामने बैठ जाते हैं. ऐसा करना भी खतरनाक हो सकता है. मौसम चाहे कोई भी हो, शरीर को पर्याप्त हाइड्रेट रखें.
ग्रेटर नोएडा. बारिश का मौसम गर्मी से राहत लेकर आता है, लेकिन वातावरण में बढ़ी नमी और उमस त्वचा के लिए परेशानी खड़ी कर सकती है. इस मौसम में पसीना और नमी लंबे समय तक त्वचा पर बनी रहने से दाद, खुजली और फंगल इंफेक्शन की समस्या बढ़ने लगती है. खासकर शरीर के उन हिस्सों में संक्रमण का खतरा ज्यादा रहता है, जहां नमी आसानी से जमा होती है. ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही परेशानी को बढ़ा सकती है. लोकल 18 से ग्रेटर नोएडा के कॉस्मेटोलॉजिस्ट और एस्थेटिक्स विशेषज्ञ डॉ. ललित कसाना बताते हैं कि बरसात में ह्यूमिडिटी काफी बढ़ जाती है. एक तरफ वातावरण में नमी होती है तो दूसरी तरफ शरीर में गर्मी और पसीना बना रहता है. दोनों परिस्थितियां मिलकर फंगस के पनपने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करती हैं. यही वजह है कि इस मौसम में फंगल इंफेक्शन के मामले बढ़ जाते हैं.
पसीना सूखने के बाद भी खतरा
डॉ. कसाना ने बताया कि दिनभर काम या मेहनत करने के दौरान शरीर में पसीना आता रहता है. कई लोग घर पहुंचने के बाद तुरंत कूलर या एसी के सामने बैठ जाते हैं. इससे शरीर को ठंडक तो मिलती है, लेकिन पसीने और नमी से छुटकारा नहीं मिलता. कई बार ठंडक मिलने के बाद व्यक्ति को नहाने की जरूरत भी महसूस नहीं होती. यही आदत त्वचा संबंधी समस्या का कारण बन सकती है. जांघों के बीच और ग्रोइन एरिया जैसे हिस्सों में पसीना अधिक जमा होता है. यहां लगातार नमी रहने से खुजली और फंगल इंफेक्शन की संभावना बढ़ जाती है. इसलिए इन हिस्सों को साफ रखने के साथ सूखा रखना भी बेहद जरूरी है.
नहाने के साथ जरूर बदलें अंडरगारमेंट्स
डॉ. कसाना कहते हैं कि बरसात के मौसम में साफ-सफाई सबसे ज्यादा जरूरी है. अगर संभव हो तो सुबह और शाम नहाने की आदत डालनी चाहिए. इससे दिनभर शरीर पर जमा पसीना और गंदगी साफ हो जाती है. जिन लोगों को पहले से फंगल इंफेक्शन है, उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. ऐसे लोगों को नहाने के साथ अंडरगारमेंट्स भी बदलने चाहिए. शरीर के संक्रमित हिस्से को साफ और सूखा रखना जरूरी है. डॉ. कसाना के अनुसार संक्रमित व्यक्ति को अपना साबुन और तौलिया अलग रखना चाहिए. खुजली वाले हिस्से को बार-बार नाखून से रगड़ने या छूने से बचना चाहिए. ऐसा करने से संक्रमण फैलने और त्वचा पर चोट लगने का खतरा बढ़ सकता है.
खुजली हुई तो खुद न करें ये काम
डॉ. ललित कसाना ने सबसे ज्यादा सावधानी बाजार में मिलने वाली क्रीम और घरेलू नुस्खों को लेकर बरतने की सलाह दी. उन्होंने बताया कि कई बार खुजली या दाद होने पर लोग बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी क्रीम लगाना शुरू कर देते हैं. कुछ मामलों में इससे शुरुआती तौर पर आराम महसूस हो सकता है, लेकिन गलत दवा या क्रीम संक्रमण को दबाने के बजाय उसे और बढ़ा सकती है. इसी तरह हल्दी, अदरक या दूसरे घरेलू नुस्खे भी बिना चिकित्सकीय सलाह के प्रभावित हिस्से पर लगाने से बचना चाहिए. इससे त्वचा में जलन बढ़ सकती है और समस्या गंभीर हो सकती है. मौसम चाहे कोई भी हो, शरीर को पर्याप्त हाइड्रेट रखें. करीब 3 से 4 लीटर पानी प्रतिदिन पिएं. हालांकि पानी की जरूरत व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य और गतिविधि के अनुसार अलग-अलग हो सकती है. समय रहते सावधानी बरतने से बरसात में होने वाली कई त्वचा संबंधी परेशानियों से बचा जा सकता है.
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प्रियांशु गुप्ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…
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