क्या है एग्री जंक्शन योजना, हर विकासखंड में खुलेंगी वन-स्टॉप शॉप, क्या-क्या मिलेगा यहां?

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क्या है एग्री जंक्शन योजना, हर विकासखंड में खुलेंगी वन-स्टॉप शॉप, क्या-क्या मिलेगा यहां?


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क्या है एग्री जंक्शन योजना? मुरादाबाद के हर विकासखंड में खुलेंगी वन-स्टॉप शॉप

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Agri Junction Scheme : यह योजना ग्रामीण युवाओं को कृषि केंद्र वन-स्टॉप शॉप खोलने का मौका देती है. इन केंद्रों के जरिए किसानों को खाद, बीज, कीटनाशक और कृषि सलाह एक ही जगह पर मिलती है. मुरादाबाद के कृषि उप निदेशक रविकांत सिंह लोकल 18 से बताते हैं कि चयनित अभ्यर्थियों को विशेष कृषि प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि वे अपने व्यवसाय को कुशलता से संचालित कर सकें. अगर कोई लाभ्यर्थी अपने व्यवसाय के लिए बैंक से ऋण लेना चाहता है, तो उसके लिए DPR तैयार कराई जाएगी. प्रत्येक चयनित अभ्यर्थी को उसकी दुकान के किराए के लिए 1000 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे.

मुरादाबाद. यूपी के मुरादाबाद में कृषि विभाग एक अनूठी योजना लेकर आया है. एग्री जंक्शन नाम की ये योजना स्वरोजगार की एक पहल है, जिसके मुख्य लाभों में मुफ्त लाइसेंस, आर्थिक ऋण और ब्याज सब्सिडी और दुकान किराए के लिए सहायता शामिल हैं. यह योजना ग्रामीण युवाओं को कृषि केंद्र वन-स्टॉप शॉप खोलने का मौका देती है. यह प्रशिक्षित कृषि स्नातकों के लिए शुरू की गई एक योजना है. इसके तहत प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर एक कृषि सेवा केंद्र खोला जाता है. इन केंद्रों के जरिए किसानों को खाद, बीज, कीटनाशक और कृषि सलाह एक ही जगह पर मिलती है. मुरादाबाद के कृषि उप निदेशक रविकांत सिंह लोकल 18 से बताते हैं कि एग्री जंक्शन योजना के माध्यम से कृषि विभाग कृषि में स्नातक और बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार का मौका उपलब्ध कराता है.

इंटरव्यू के जरिये चयन

कृषि उप निदेशक के मुताबिक, इस योजना के अंतर्गत एक ही दुकान में उर्वरक, बीज और कीटनाशक की बिक्री की जा सकती है. यानी एक ही छत के नीचे किसानों को कृषि से जुड़ी सभी आवश्यक सामग्री जैसे बीज, खाद, कीटनाशक और कृषि यंत्र उपलब्ध कराया जाता है. इस समय जनपद मुरादाबाद में 8 विकासखंड हैं, प्रत्येक विकासखंड के लिए शासन की ओर से 1-1 लक्ष्य निर्धारित किया गया. इस प्रकार कुल 8 लक्ष्य हमें प्राप्त हुए. इन 8 लक्ष्यों के सापेक्ष कुल 56 आवेदन आए थे. इन सभी का इंटरव्यू के माध्यम से चयन किया गया है. चयनित अभ्यर्थियों को विशेष कृषि प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि वे अपने व्यवसाय को कुशलता से संचालित कर सकें.

सरकार देगी सब्सिडी

कृषि उप निदेशक ने बताया कि योजना के तहत आवश्यक कीटनाशक, उर्वरक और बीज के लाइसेंस निशुल्क जारी किए जाएंगे. लाइसेंस की पूरी फीस विभाग की ओर से जमा की जाएगी. अगर कोई लाभ्यर्थी अपने व्यवसाय के लिए बैंक से ऋण लेना चाहता है, तो उसके लिए DPR तैयार कराई जाएगी. ऋण पर सरकार की ओर से 3% ब्याज सब्सिडी मिलेगी. प्रत्येक चयनित अभ्यर्थी को उसकी दुकान के किराए के लिए 1000 रुपये प्रति माह की सहायता दी जाएगी. यह सहायता लगातार 3 वर्षों तक दी जाएगी. इस प्रकार एग्री जंक्शन योजना के माध्यम से युवा न केवल आत्मनिर्भर बनेंगे, बल्कि किसानों को भी उनके गांव के पास ही गुणवत्तापूर्ण कृषि सामग्री एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकेंगी.

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Priyanshu Gupta

प्रियांशु गुप्‍ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…

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