खेत में काट रही थी गेहूं, तभी आया फोन…मजदूर की बेटी ने बिना कोचिंग मेरठ किया टॉप
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UP Board Result Topper Story: मेरठ की वंशिका ने यह साबित कर दिया है कि सफलता संसाधनों की मोहताज नहीं, बल्कि फौलादी इरादों की दीवानी होती है. मवाना क्षेत्र की रहने वाली इस छात्रा ने यूपी बोर्ड की 12वीं परीक्षा में पूरे जिले में प्रथम स्थान पाया है. मजदूर परिवार से आने वाली वंशिका की कहानी ऐसी है कि जब उनके जिले में टॉप करने की खबर आई, तब वे खुद खेतों में गेहूं की कटाई कर रही थीं. बिना किसी कोचिंग और सुख-सुविधाओं के, सिर्फ स्कूल की पढ़ाई और अपनी मेहनत के दम पर उन्होंने 500 में से 467 अंक हासिल किए हैं.
मेरठ: जीवन में परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, लेकिन यदि आपके अंदर कड़ा परिश्रम करने का जज्बा है, तो आप समाज के लिए एक मिसाल बन सकते हैं. मेरठ के मवाना क्षेत्र की रहने वाली वंशिका उपाध्याय ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है. एक साधारण मजदूर परिवार में जन्मी वंशिका ने यूपी बोर्ड (UP Board Result 2026) की इंटरमीडिएट परीक्षा के पीसीएम (विज्ञान) वर्ग में पूरे मेरठ जिले में पहला स्थान हासिल किया है. उनकी यह उपलब्धि उन हजारों बच्चों के लिए प्रेरणा है जो कोचिंग और महंगी ट्यूशन न मिल पाने के कारण हार मान लेते हैं.
बिना किसी ट्यूशन और कोचिंग के बनीं टॉपर
वंशिका उपाध्याय ने लोकल-18 से खास बातचीत में बताया कि उन्होंने बोर्ड परीक्षा में 500 में से कुल 467 अंक प्राप्त किए हैं. गणित और विज्ञान जैसे कठिन विषयों के बावजूद उन्होंने कभी किसी कोचिंग का सहारा नहीं लिया. स्कूल में शिक्षकों द्वारा जो कुछ भी पढ़ाया जाता था, उसे वह घर आकर गहराई से अध्ययन करती थीं. यदि कोई टॉपिक समझ में नहीं आता था, तो वे अगले दिन स्कूल जाकर टीचर से उसे तब तक समझती थीं जब तक कि उनके मन की शंका दूर न हो जाए. इसी रोज़ाना अभ्यास और मेहनत ने उन्हें आज जिले की टॉपर बनाया है.
जब खबर आई, तब खेतों में कटाई कर रही थी वंशिका
वंशिका के पिता सोनू उपाध्याय पेशे से एक मजदूर हैं, जो मेरठ में मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं. परिवार की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए वंशिका खुद भी पीछे नहीं रहती हैं. उन्होंने बताया कि परीक्षा खत्म होने के बाद जब गेहूं की कटाई का सीजन शुरू हुआ, तो वे अपनी मां के साथ खेतों में काम करने लगीं. जिस वक्त उनकी बुआ का फोन आया कि उन्होंने जिला टॉप किया है, उस समय भी वंशिका खेत में गेहूं ही काट रही थीं. सफलता की यह खबर सुनकर पूरे परिवार की आंखों में खुशी के आंसू आ गए.
हाई स्कूल की टीस ने बनाया इंटर का टॉपर
वंशिका के मन में जिले में स्थान पाने की इच्छा हाई स्कूल से ही थी. वे बताती हैं कि हाई स्कूल की परीक्षा में वे अपने स्कूल की टॉपर तो रही थीं, लेकिन तब जिले की मेरिट लिस्ट में जगह नहीं बना पाई थीं. उसी दिन उन्होंने खुद से संकल्प लिया था कि वे इंटर की परीक्षा में न केवल स्कूल, बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन करेंगी. अपने इस लक्ष्य को पाने के लिए उन्होंने हर रोज स्कूल के अलावा 4 से 5 घंटे कड़ी पढ़ाई की और उन विषयों पर ज्यादा ध्यान दिया जिनमें वे खुद को थोड़ा कमजोर महसूस करती थीं.
स्कूल का गौरव बनीं वंशिका
मवाना के एएस इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. मेघराज सिंह ने वंशिका की इस सफलता पर गर्व जताया है. उन्होंने बताया कि उनके स्कूल का रिकॉर्ड हमेशा से ही शानदार रहा है. पिछले साल भी इसी स्कूल की छात्रा वैष्णवी ने कक्षा 10वीं में जिला टॉप करते हुए टॉप-10 सूची में जगह बनाई थी. अब एक बार फिर वंशिका ने इंटरमीडिएट में टॉप कर यह साबित कर दिया है कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता.
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सीमा नाथ 6 साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत शाह टाइम्स में रिपोर्टिंग के साथ की जिसके बाद कुछ समय उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम …और पढ़ें