गमले में ऐसे उगाएं हरी धनिया, बारिश में नहीं होगी किल्लत, जानिए सही तरीका
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Monsoon Gardening Tips: इस समय भीषण गर्मी चल रही है और जल्द ही बारिश का मौसम आने वाला है. मानसून आते ही बाजार में हरी धनिया की किल्लत हो जाती है और दाम आसमान छूने लगते हैं. अगर आप भी बरसात में ताजी धनिया का स्वाद चखना चाहते हैं, तो एक्सपर्ट किसान अनिल कुमार से जानिए कम जगह या गमले में धनिया उगाने का सही तरीका. बीज तैयार करने से लेकर बुवाई और देखरेख की इस आसान ट्रिक से आपके घर में भी लहलाएगी हरी धनिया.
Monsoon Gardening Tips: भीषण गर्मी के बीच अब कुछ ही दिनों में मानसून दस्तक देने वाला है. मौसम बदलते ही रसोई का स्वाद बढ़ाने वाली हरी धनिया के दाम न सिर्फ आसमान छूने लगते हैं, बल्कि बाजार से यह धीरे-धीरे गायब भी होने लगती है. अगर आप भी बरसात के मौसम में घर की ताजी और खुशबूदार हरी धनिया का स्वाद चखना चाहते हैं, तो यह खबर आपके लिए है. अगर आपके घर में जगह कम है, तो भी परेशान होने की जरूरत नहीं है. आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि घर के गार्डन या गमले में हरा धनिया उगाने का सही तरीका क्या है. एक स्थानीय किसान ने अपने छोटे से गार्डन में धनिया की शानदार पैदावार की है, आइए उन्हीं से जानते हैं इसकी बुवाई का पूरा सीक्रेट.
बीज को पानी में भिगोने से पहले करें यह काम
किसान व कृषि एक्सपर्ट अनिल कुमार ‘लोकल 18’ से बातचीत में बताते हैं कि बारिश का मौसम शुरू होने से पहले जब भी आप हरी धनिया को गार्डन या गमले में बोने जा रहे हैं, तो उसे पानी में जरूर भिगो लें. हालांकि, भिगोने से पहले आपको धनिया के बीज को रगड़कर हल्का दरदरा कर लेना चाहिए, जिससे बीज दो टुकड़ों में टूट जाए. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि बीज के सूखने की संभावना बेहद कम हो जाती है और धनिया में अंकुरण जल्दी होने लगता है. इस ट्रिक से आपको हरी धनिया की पत्तियां बहुत जल्दी तैयार मिलेंगी.
जून के महीने में इस तरह करें बुवाई
किसान अनिल कुमार ने आगे बताया कि यदि हमें अपने गार्डन या गमले में हरी धनिया की बुवाई करनी है, तो जून का यह महीना सबसे उत्तम है. इस महीने में बोई गई हरी धनिया जून के अंत या जुलाई के प्रथम सप्ताह तक पूरी तरह तैयार हो जाती है. इसकी बुवाई के लिए सबसे पहले अपने गार्डन की मिट्टी की कम से कम 2 से 3 बार अच्छे तरीके से गुड़ाई कर लें. इसके बाद उसमें सड़ी हुई गोबर की खाद मिलाकर दोबारा गुड़ाई करें. बुवाई से एक दिन पहले धनिया के बीजों को पानी में भिगो दें और फिर उन्हें जूट के बोरे (टाट) से ढक कर रख दें. दूसरे दिन सुबह अपने गार्डन में धनिया के इन बीजों का छिड़काव करें, हल्की गुड़ाई करके मिट्टी को समतल (बराबर) कर दें.
जल निकासी का करें उचित प्रबंध
चूंकि धनिया का बीज काफी संवेदनशील होता है, इसलिए बुवाई करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि जलनिकासी का प्रबंधन ठीक हो. अगर मिट्टी में अधिक देर तक पानी रुका रहेगा, तो धनिया के बीज सड़ सकते हैं. यही नियम गमले में धनिया उगाते समय भी लागू होता है, गमले में पानी जमा नहीं होना चाहिए.
धान की पराली हो सकती है बेहतर विकल्प
अगर मिट्टी में नमी की मात्रा कम है, तो धनिया की बुवाई करने के तुरंत बाद मिट्टी के ऊपर धान की पराली (मल्चिंग) बिछा दें. इसका फायदा यह होगा कि चिलचिलाती धूप में भी मिट्टी की नमी बरकरार रहेगी, जिससे धनिया का बीज जल्दी अंकुरित होगा और आपकी हरी धनिया तेजी से ग्रो करने लगेगी.
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राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें