गांव-गांव जाती थी दो महिलाएं, एक ‘शब्द’ बोलकर लौट जाती थीं वापस, सुन चकराया पुलिस का माथा

0
गांव-गांव जाती थी दो महिलाएं, एक ‘शब्द’ बोलकर लौट जाती थीं वापस, सुन चकराया पुलिस का माथा


Last Updated:

Mahoba Latest News: यूपी के महोबा से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. जहां 2 महिलाएं गांव-गांव जाती थी. हर किसी से बस एक ही बात बोलक वापस लौट जाती थी. पुलिस ने पकड़ा तो खुला राज.

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा का खुलासा. (सांकेतिक तस्वीर)
महोबा. बुंदेलखंड के महोबा जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा सामने आया है. यहां के शातिर दिमागों ने गांव की नदी, पहाड़, रास्ता, ग्राम समाज की जमीन और बंजर भूमि को खेत दिखाकर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत कृषि बीमा करा लिया. डीएम गजल भारद्वाज के निर्देश पर की गई जांच में यह खुलासा हुआ कि सरकारी भूमि को निजी खेत दिखाकर शातिरों ने सरकारी योजना का लाभ हड़पने के लिए बीमा कराया है. मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस मामले की जांच जुटी है.

आपको बता दें कि महोबा में फर्जी बीमा के जरिए वास्तविक किसानों के हक पर सेंधमारी की शिकायतों और प्रदर्शन के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया है. डीएम के निर्देश पतर लगातार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में धांधली और फर्जीवाडा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो रही है. कुलपहाड़ तहसील के थूरट क्षेत्र के लेखपाल प्रदीप सिंह की तहरीर के आधार पर अजनर थाना में मुकदमा दर्ज किया गया. शिकायत में बताया गया कि सुगर पुत्र हगुवा ने रास्ते को खेत दिखाकर, कृष्णा ने पहाड़ को खेत दिखाकर और चंद्रशेखर ने तालाब को खेत दिखाकर कुत्रचित दस्तावेजों के जरिए बीमा करा लिया.

इन कार्रवाइयों से शासन की छवि धूमिल हुई और राजस्व विभाग पर भी सवाल खड़े हुए. इसी तरह पनवाड़ी थाना क्षेत्र में लेखपाल मनोज कुमार की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया. ग्राम सिमरिया की बंजर भूमि को अनिल कुमार और गायत्री देवी ने, नदी को हिमांशु पुत्र घनश्याम ने, जबकि राहुल कुमार, अर्जुन सिंह, अर्चना और इंद्रपाल ने कूटरचित दस्तावेजों के जरिए फर्जी बीमा कराया. पुलिस ने दोनों थानों में कुल दस लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धाराओं 318(4), 338, 336(3) और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. इसमें दो महिलाएं भी शामिल हैं.

किसानों का कहना है कि योजना का लाभ वास्तविक किसानों तक नहीं पहुंचा, बल्कि कुछ शातिर लोगों ने अधिकारियों और बीमा कंपनियों की मिलीभगत से लाखों रुपये का फर्जी बीमा हड़प लिया. किसान अपने बर्बाद फसलों के मुआवजे की मांग कर रहे हैं और आंदोलन पर उतरने की चेतावनी दे रहे हैं. इस घोटाले ने जिले में किसानों में आक्रोश बढ़ा दिया है. कुलपहाड़ तहसील क्षेत्र के लेखपालों की सतर्कता और तहरीरों की वजह से पुलिस ने कार्रवाई शुरू की, वरना नदी, पहाड़ और रास्तों तक को खेत दिखाने वाले शातिरों की कृषि बीमा की कहानी शायद कभी उजागर नहीं होती.

authorimg

Abhijeet Chauhan

न्‍यूज18 हिंदी डिजिटल में कार्यरत. वेब स्‍टोरी और AI आधारित कंटेंट में रूचि. राजनीति, क्राइम, मनोरंजन से जुड़ी खबरों को लिखने में रूचि.

न्‍यूज18 हिंदी डिजिटल में कार्यरत. वेब स्‍टोरी और AI आधारित कंटेंट में रूचि. राजनीति, क्राइम, मनोरंजन से जुड़ी खबरों को लिखने में रूचि.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
homeuttar-pradesh

गांव-गांव जाती थी दो महिलाएं, एक ‘शब्द’ बोलकर लौट जाती थीं वापस, पुलिस ने पकड़ा



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *