गेहूं को घर पर आसानी से ऐसे करें स्टोर, नहीं लगेंगे घुन और कीड़े, सालों तक रहेगा सुरक्षित
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How to store wheat at home: गेहूं की कटाई के बाद मिट्टी की डेहरी में नीम की पत्तियों के साथ स्टोर करने से अनाज सालों तक सुरक्षित रहता है. मिट्टी की तासीर ठंडी होने से अनाज में कीड़े नहीं लगते.
गेहूं को सुरक्षित रखने के लिए मिट्टी की डेहरी!
हाइलाइट्स
- गेहूं को नीम की पत्तियों के साथ मिट्टी की डेहरी में स्टोर करें.
- मिट्टी की तासीर ठंडी होने से अनाज में कीड़े नहीं लगते.
- मिट्टी की डेहरी में अनाज सालों तक सुरक्षित रहता है.
गेंहू की कटाई के बाद कर ले तुरन्त यह काम सालों साल रहेगा सुरक्षित.
गेहूं की कटाई होते ही सबसे बड़ी समस्या गेहूं को स्टोर करने की आती है, क्योंकि सही ढंग से रख रखाव न करने पर यह खराब हो जाते हैं और बड़ा नुकसान होता है. लेकिन अब आप इस जुगाड़ को करके गेहूं को कई सालों तक सुरक्षित रख सकते हैं. गांव के लोग गेहूं को सुरक्षित रखने के लिए मिट्टी की बड़ी-बड़ी डेहरी का इस्तेमाल करते हैं. जिसमें गेहूं रखने के बाद नीम की पत्ती डाल देने से सालों तक गेहूं सुरक्षित रहता है.
कैसे बनाई जाती थी मिट्टी की डेहरी?
पहले के लोग अनाज रखने के लिए मिट्टी की डेहरी का इस्तेमाल किया करते थे. क्योंकि पहले लोहे स्टील के बड़े-बड़े ड्रम नहीं हुआ करते थे. इसलिए गांव देहात में लोग विशेष प्रकार की तालाब या नदी की चिकनी मिट्टी से बड़े-बड़े मिट्टी के ड्रम बना लिया करते थे. जिसमें अनाज को रखा जाता था. जिसको डेहरी कहा जाता है. जिसको बनाने के लिए महिलाएं पहले नीचे का तलवा बनाया करती थी. तलवा बन जाने के बाद जब तलवा सूख जाता तो उसके ऊपर मिट्टी की गोल दीवार नुमा 1 से 2 फुट 1 दिन में बनाया जाता था और जब यह सूख जाती तो यह प्रक्रिया लगातार जब तक डेहरी कंप्लीट नहीं हो जाती तब तक की जाती थी. इस तरह चार से पांच दिनों में डेहरी बनकर तैयार हो जाती थी और इस डेहरी में नीचे की ओर एक अनाज निकालने का स्थान भी बनाया जाता था, क्योंकि कई बार डेहरिया बड़ी होती थी तो ऊपर से अनाज निकालना संभव नहीं हो पाता. वहीं 50 किलो ग्राम अनाज रखने से लेकर 20 कुंतल तक अनाज रखने की डेहरिया बनाई जाती थी.
आखिर कैसे मिट्टी की डेहरी में अनाज रहता है सुरक्षित?
मिट्टी की डेहरी में अनाज सुरक्षित निश्चित तौर पर रहता है. क्योंकि मिट्टी के अंदर अनाज में लगने वाले घुन कीड़े आदि प्रवेश नहीं कर पाते हैं और मिट्टी की तसीर ठंडी होने के कारण अनाज खराब नहीं होता है. इसके साथ ही मिट्टी की डेहरी में अनाज रखते समय बहुत सारे लोग नीम की पत्तियां भी डाल देते हैं. जिस वजह से भी अनाज सुरक्षित रहता है. वहीं अगर अनाज आप खुले में या किसी चीज में रखते हैं तो एक से दो महीने में अनाज में कीड़े पड़ने लगते हैं,लेकिन वहीं इस डेहरी में रखने की बात की जाए तो इस डेहरी में आप कई सालों तक अनाज को सुरक्षित रख सकते हैं. डेहरी चारों ओर से घिरी होती है और मिट्टी से बनी होने के कारण अंदर बाहर का टेंपरेचर भी मेंटेन रखती है. इस वजह से अनाज खराब नहीं होता है. आपने कई बार देखा होगा गर्मियों में लोग घड़े के पानी का इस्तेमाल करते हैं, जो पानी काफी ठंडा होता है. भीषण गर्मी में भी इसकी वजह यही है. क्योंकि मिट्टी की तासीर ठंडी होती है. इस वजह से पानी ठंडा रहता है और शायद यही कारण भी है कि मिट्टी की डेहरी में अनाज रखने से अनाज खराब नहीं होता है.