चित्रकूट का कामदगिरि पथ और तुलसी दास के जन्मस्थान का सुंदरीकरण तेज, मिलेगा धार्मिक अनुभव

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चित्रकूट का कामदगिरि पथ और तुलसी दास के जन्मस्थान का सुंदरीकरण तेज, मिलेगा धार्मिक अनुभव


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धर्म नगरी चित्रकूट के कमादगिरी परिक्रमा पथ,तुलसी स्मारक, में जिला प्रशासन के द्वारा विकास कार्य करवाए जा रहे हैं. इसका कार्य पूर्ण होने के बाद इन स्थलों की सूरत बदलने वाली है. और अपने आप में यह स्थान आकर्षण का केंद्र लगेंगे. और यहां आने वाले पर्यटकों को इन स्थलों का नया लुक देखने को मिलेगा.

धर्म नगरी चित्रकूट प्रभु श्रीराम की तपोस्थली रही है. यहां प्रभु श्रीराम ने अपने वनवास काल के साढ़े ग्यारह वर्ष बिताए थे. ऐसे में अब इन धर्मिक स्थलों में कायाकल्प की प्रक्रिया शुरू हो गई है और जल्द ही चित्रकूट के कई धार्मिक स्थान अपने नए लुक में दिखेंगे.

आप को बता दे कि चित्रकूट का परिक्रमा मार्ग अपने आप में लाखों लोगों की आस्था का केंद्र है. जिसको अब जिला प्रशासन के द्वारा और भी नया लुक दिया जा रहा है ताकि आने वाले लोगों को और भी सुविधा मिल सके और उनको यहां बिताया समय याद रहे.

परिक्रमा मार्ग को जिला प्रशासन के द्वारा नए लुक में तैयार किया जा रहा है. जिसमें नए परिक्रम पथ, परिक्रमा लगाने वाले भक्तों के लिए बैठने के नए स्थान सांकेतिक बोर्ड लगाए जा रहे है. जिसका मॉडल भी जिला प्रशासन ने तैयार कर लिया है. जो अपने आप में आकर्षण का केंद्र है.

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परिक्रमा मार्ग में सुंदरीकरण के दौरान परिक्रमा मार्ग में मौजूद दुकानों को भी नया लुक दिया जाएगा. इन दुकानों को परिक्रमा पथ के अगल-बगल लाइन से संरक्षित करवाया जाएगा, ताकि परिक्रमा करने के दौरान श्रद्धालु को खान-पान जलपान की व्यवस्था हो और श्रद्धालु आसानी से अपनी परिक्रमा पूरी कर सके.

सबसे खास बात है कि सुंदरीकरण के दौरान परिक्रमा पथ के दोनों और प्रभु श्री राम और चित्रकूट से जुड़ी संस्कृती पेंटिंग्स भी बनाई और लगाई जाएगी. ताकि परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं चित्रकूट के बारे में जानकारी मिल सके. और वह चित्रकूट की महिमा को जान सके.

वही इस सुंदरीकरण में चित्रकूट से लगभग 40 किलोमीटर दूर गोस्वामी तुलसीदास की जन्मस्थली को भी सुंदरी कारण में शामिल किया गया है. वहां खंडहर हो चुके तुलसी स्मारक को नए लुक में तैयार किया जा रहा है ताकि लोगों की आस्था का केंद्र जगमग रहे.

जानकारी के लिए बता दें कि तुलसी स्मारक में जिला प्रशासन के द्वारा गोस्वामी तुलसीदास से जुड़े और चित्रों को बनवाया जा रहा है इसके साथ हरे भरे पेड़ों और लोगों के बैठने के लिए भी व्यवस्थाएं की जा रही हैं ताकि आने वाले पर्यटक यहां बैठकर घूमकर इसका दीदार कर सकें.

हालांकि चित्रकूट के डीएम पुलकित गर्ग ने इन सब कार्यों को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए कार्य संस्था को निर्देश दिए हैं. ताकि इन कार्यों को पूरा होने के बाद चित्रकूट आने वाले पर्यटकों को चित्रकूट के धार्मिक स्थान का एक नया लुक देखने को मिल सके.

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