खास बात यह है कि इस मंदिर में केवल श्रद्धालु ही नहीं, बल्कि देश और प्रदेश के बड़े-बड़े नेता भी नमन कर चुके हैं. देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी यहां पूजा-अर्चना…और पढ़ें
हाइलाइट्स
चित्रकूट का कांच का मंदिर आस्था का केंद्र है.
पीएम मोदी और सीएम योगी ने यहां पूजा की है.
मंदिर में भगवान राम, लक्ष्मण, जानकी की प्रतिमाएं हैं.
चित्रकूट. धर्मनगरी चित्रकूट एक ऐसा तीर्थ स्थल जहां आस्था के अनेकों मठ मंदिर है. यहां कदम रखते ही श्रद्धा और विश्वास का वातावरण मन को छू जाता है. इसी पवित्र भूमि पर स्थित है एक अनोखा मंदिर जिसे कांच के मंदिर के नाम से जाना जाता है. सबसे खास बात यह है कि इस मंदिर में केवल श्रद्धालु नहीं बल्कि देश-प्रदेश के बड़े नेता भी नमन कर चुके हैं. देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी यहां पूजा-अर्चना कर चुके हैं.
कांच से बना है मंदिर
जानकारी के लिए बता दें कि यह मंदिर चित्रकूट के तुलसी पीठ सेवा न्यास परिसर में स्थित है. इसे कांच का मंदिर कहा जाता है क्योंकि इसकी बनावट पूरी तरह से कांच से की गई है. मंदिर के दरवाजे, खिड़कियां और दीवारों तक में कांच का खूबसूरत उपयोग किया गया है, जो इसे देखने वालों को मंत्रमुग्ध कर देता है. मंदिर के अंदर विराजमान हैं भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और माता जानकी की प्रतिमाएं. वहीं बाईं ओर हनुमान जी और दाईं ओर ऋषि वाल्मीकि की प्रतिमा भी स्थापित है. मंदिर की बनावट और मूर्तियों की सुंदरता इतनी भव्य है कि यहां आने वाला हर भक्त खुद को नतमस्तक किए बिना नहीं रह पाता.
भरत को दिए थे चरण पादुका पौराणिक मान्यता के अनुसार, यही वह स्थान है जहां भगवान श्रीराम ने अपने अनुज भरत को अपनी चरण पादुका सौंपी थी. वहीं, मंदिर के पुजारी रामकृष्ण दास बताते हैं कि यह मंदिर न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि यहां धार्मिक शिक्षा और संस्कृति का संगम भी देखने को मिलता है. उन्होंने बताया कि मंदिर के सत्संग भवन की दीवारों पर ‘रामचरितमानस’ के प्रसंगों को कांच की रंगीन चित्रकारी के जरिए दर्शाया गया है. इसके अलावा मंदिर की छत पर भगवान राम के 24 अवतारों का विस्तृत चित्रण किया गया है, जैसा कि श्रीमद्भागवत में वर्णित है. यह दृश्य श्रद्धालुओं को अध्यात्म के साथ-साथ ज्ञान का भी अनुभव कराते हैं.
पीएम,सीएम और राज्यपाल भी कर चुके हैं दर्शन पुजारी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राज्यपाल, सीएम योगी आदित्यनाथ समेत कई केंद्रीय और राज्य स्तरीय नेताओं ने इस मंदिर में दर्शन किए हैं. यह मंदिर अब एक तीर्थ स्थल के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत का भी प्रतीक बन चुका है. पुजारी ने आगे बताया कि 2003 समेत कई अवसरों पर माता जानकी ने स्वयं इस मंदिर के संस्थापक और प्रसिद्ध संत जगद्गुरु रामभद्राचार्य को साक्षात दर्शन दिए थे.