चित्रकूट की ये जगह मिनी खजुराहो, मराठा ठहराते थे मेहमान, यहां 7 मंजिलों वाला तालाब
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Ganesh Bagh Chitrakoot : यह स्थल सिर्फ एक बाग या पुरानी इमारत नहीं है, बल्कि यह चित्रकूट की पहचान है. इसका निर्माण मराठा शासक विनायक राव पेशवा ने कराया था. उस समय यह स्थान धार्मिक उपासना, राज परिवार के विश्राम और मेहमानों के स्वागत के लिए तैयार किया गया था. गणेश बाग को लोग मिनी खजुराहो के नाम से भी जानते हैं. चित्रकूट के रहने वाले सत्य प्रकाश द्विवेदी लोकल 18 से बताते हैं कि गणेश बाग की सबसे बड़ी खासियत इसकी अद्भुत नक्काशी है.
चित्रकूट. यूपी के चित्रकूट का नाम आते ही सबसे पहले लोगों के मन में प्रभु श्रीराम की तपोस्थली और मंदाकिनी नदी की तस्वीर उभरती है. लेकिन इसी धार्मिक पहचान के बीच एक ऐसा ऐतिहासिक स्थल भी मौजूद है, जो अपनी वास्तुकला, नक्काशी और शाही बनावट के कारण लोगों को पहली नजर में ही आकर्षित कर लेता है. इस स्थान को गणेश बाग, जिसे लोग आज मिनी खजुराहो के नाम से भी जानते हैं. यह स्थल सिर्फ एक बाग या पुरानी इमारत नहीं है, बल्कि यह चित्रकूट के इतिहास, कला और मराठा कालीन की एक जीवंत कहानी है.
कहा जाता है कि इसका निर्माण मराठा शासक विनायक राव पेशवा ने कराया था. उस समय यह स्थान धार्मिक उपासना, राज परिवार के विश्राम और मेहमानों के स्वागत के लिए तैयार किया गया था. पेशवा शासक अपने खास मेहमानों को यहां ठहराते थे और गणेश बाग की भव्यता दिखाकर उनका स्वागत करते थे.
चित्रकूट के सत्य प्रकाश द्विवेदी लोकल 18 से बताते हैं कि गणेश बाग की सबसे बड़ी खासियत इसकी अद्भुत नक्काशी और स्थापत्य कला है. यहां की दीवारों, खंभों और मंदिरों में बनी आकृतियां लोगों को खजुराहो की याद दिलाती हैं. यही वजह है कि इसे मिनी खजुराहो कहा जाता है. मंदिर परिसर में बनी मूर्तियां, मेहराबें और नक्काशी इतनी खूबसूरत हैं कि हर किसी को अपने ओर आकर्षक कर लेती हैं.
क्या नहीं यहां
इस ऐतिहासिक स्थल की एक और खास बात यहां मौजूद सात मंजिला जल संरचना है. यह जलाशय इस तरह बनाया गया था कि भीषण गर्मी में भी यहां ठंडक बनी रहती थी. इसके आसपास बावड़ी, तालाब और खुले प्रांगण मौजूद हैं, जो उस समय के शासकों की दूरदर्शिता को दर्शाते हैं. गणेश बाग केवल इतिहास का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह चित्रकूट की सांस्कृतिक पहचान भी है. यहां देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी पर्यटक पहुंचते हैं.
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Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें