छात्रा की उम्र में 36 साल का खेल! 10वीं मार्कशीट में 19 की जगह 55 साल

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छात्रा की उम्र में 36 साल का खेल! 10वीं मार्कशीट में 19 की जगह 55 साल


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Gonda Latest News: गोंडा में एक निजी स्कूल की बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है. यहां एक छात्रा की हाईस्कूल की मार्कशीट में उसकी उम्र 19 साल की जगह 55 साल दर्ज हो गई. यानी जन्म वर्ष में 36 साल की गलती कर दी गई. छात्रा के पुराने दस्तावेजों में जन्मतिथि सही है, फिर भी मार्कशीट में गलत उम्र आने से अब उसकी आगे की पढ़ाई और छात्रवृत्ति पर भी असर पड़ने का डर है.

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छात्रा की उम्र में 36 साल का खेल! 10वीं मार्कशीट में 19 की जगह 55 सालZoom

मार्कशीट की तस्वीर.

गोंडा: यूपी में गोंडा से शिक्षा व्यवस्था की ऐसी लापरवाही सामने आई है, जिसने एक छात्रा की परेशानी बढ़ा दी है. हाईस्कूल की मार्कशीट में छात्रा की उम्र 19 साल की जगह सीधे 55 साल दर्ज हो गई. यानी जन्मतिथि में इतनी बड़ी गलती हुई कि छात्रा की उम्र अचानक 36 साल बढ़ गई. अब मार्कशीट में सुधार कराने के लिए छात्रा और उसके परिवार को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं.

मामला कोतवाली देहात क्षेत्र के खरगूपुर स्थित नेहा पब्लिक सिटी इंटर कॉलेज का है. यहां पढ़ने वाली छात्रा के मुताबिक, उसकी असली जन्मतिथि साल 2006 है. उसके आठवीं के दस्तावेज और ट्रांसफर सर्टिफिकेट में भी उम्र सही दर्ज थी. लेकिन जब हाईस्कूल की मार्कशीट आई तो उसमें जन्म वर्ष 1970 दर्ज था. इस हिसाब से छात्रा की उम्र 55 साल हो गई.

छात्रा का कहना है कि स्कूल की ओर से यूपी बोर्ड को भेजी गई जानकारी के आधार पर ही मार्कशीट तैयार हुई. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब पहले के दस्तावेजों में जन्मतिथि सही थी तो हाईस्कूल के रिकॉर्ड में इतनी बड़ी गलती कैसे हो गई. गलती सामने आने के बाद छात्रा ने सुधार के लिए DIOS कार्यालय का रुख किया. उसने अपने सही दस्तावेज भी जमा कर दिए हैं. इसमें आठवीं की टीसी, आधार कार्ड और लिखित प्रार्थना पत्र शामिल है. इसके बावजूद अभी तक मार्कशीट में सुधार नहीं हो पाया है.

परिजनों का आरोप है कि स्कूल की लापरवाही के कारण यह गलती हुई है. उनका कहना है कि सही दस्तावेज होने के बावजूद बोर्ड को गलत जानकारी भेजी गई और अब उसका खामियाजा छात्रा को भुगतना पड़ रहा है. सबसे बड़ी परेशानी यह है कि मार्कशीट में उम्र गलत होने से छात्रा की आगे की पढ़ाई से जुड़े काम अटक सकते हैं. एडमिशन से लेकर छात्रवृत्ति और दूसरे जरूरी दस्तावेजों में भी परेशानी आने का डर है.

अब छात्रा और उसके परिवार की नजर DIOS कार्यालय और यूपी बोर्ड पर है. उनका सवाल सीधा है कि जब आठवीं तक रिकॉर्ड सही था तो हाईस्कूल की मार्कशीट में जन्म वर्ष 1970 कैसे दर्ज हो गया? छात्रा को उम्मीद है कि विभाग जल्द रिकॉर्ड की जांच कर गलती ठीक करेगा, ताकि उसकी पढ़ाई और आगे का भविष्य इस एक गलती की वजह से न रुके.

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Abhijeet ChauhanSub-Editor

अभिजीत चौहान, News18 Hindi के डिजिटल विंग में सब-एडिटर हैं. वर्तमान में अभिजीत उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और वायरल ख़बरें कवरेज कर रहे हैं. AAFT कॉलेज से पत्रकारिता की मास्…

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