जब निषाद बटन नहीं दबाता है तो डूब गई कांग्रेस, सपा, बसपा… संजय निषाद ने दी बीजेपी को बड़ी चेतावनी
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Sanjay Nishad On BJP: निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद का गुस्सा फिर से बीजेपी पर फूट पड़ा है. ऐसे में यूपी के सियासी गलियारे में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बड़े उलटफेर के संकेत दिखने लगे हैं….और पढ़ें
क्या बीजेपी से नाराज हैं संजय निषाद?
ये बयान है यूपी में कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के चीफ संजय निषाद का. उन्होंने सीधे-सीधे भाजपा को इशारों-इशारों में बड़ी चेतावनी दी है. कुछ समय पहले संजय निषाद ने यहां तक कह डाला था कि अगर निषादों के साथ ऐसी ही धोखाधड़ी होती रही, तो भाजपा के लिए चुनाव जीतना मुश्किल हो जाएगा. एक बार फिर से संजय निषाद ने बीजेपी पर बड़ा हमला किया है और बीजेपी पर सांसद चुराने और बेटे को चुनाव हरवाने का बड़ा आरोप लगाया है.
फिलहाल 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले अनुसूचित जाति के आरक्षण की आस लगाए निषाद समाज पार्टी ने बीजेपी पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है. न्यूज 18 से बातचीत के दौरान संजय निषाद ने बीजेपी से साफ कह दिया है कि आरक्षण को लेकर समाज नाराज है. ऐसे समय में जब समाज नाराज है तो मैं यह कैसे कह सकता हूं कि मैं नाराज नहीं हूं. निषाद समाज को उसका हक मिलना चाहिए और उसे ओबीसी की जगह अनुसूचित जाति में जगह मिलनी चाहिए.
छोटी सी गलती से होगा बड़ा नुकसान
संजय निषाद का दावा है कि केवट, बिंद, मल्लाह, कश्यप, नोनिया, मांझी और गोंड की आबादी उत्तर प्रदेश में लगभग 18 प्रतिशत है. निषाद जाति के लोग उत्तर प्रदेश की करीब 60 सीटों पर हार-जीत तय करते हैं. संजय निषाद ने चेतावनी देते हुए कहा कि जब निषाद बटन नहीं दबाता है तो कांग्रेस, सपा, बसपा डूब जाती हैं. ऐसे में बीजेपी की एक छोटी सी गलती भी बड़ा नुकसान दे सकती है. इस दौरान संजय निषाद ने बीजेपी पर नेता चुराने और अपने बेटों को चुनाव हरवाने का आरोप भी लगाया. गौरतलब है कि चंदौली सांसद विनोद बिंद निषाद पार्टी से बीजेपी में शामिल हुए थे, जबकि संजय निषाद का दावा है कि उनको इस बारे में बताया तक नहीं गया.
जेपीएनआईसी पर अखिलेश यादव पर कटाक्ष
अखिलेश यादव के जेपीएनआईसी संचालन विवाद पर बोलते हुए डॉ. संजय निषाद ने कहा कि अखिलेश यादव के समय में सरकारी विभाग बेचा जाता था जबकि हमारे समय में खरीदा जाता है. योगी सरकार के पास सरप्लस रेवेन्यू है. गौरतलब है कि योगी सरकार ने अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट जेपीएनआईसी के संचालन की जिम्मेदारी लखनऊ विकास प्राधिकरण को सौंप दी है. करीब 800 करोड़ की लागत से बने इस हाईटेक परिसर की देखरेख अब एलडीए करेगा.