टाइगर रिजर्व में ऑफ सीजन टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा,हरीपुर झील की तैयारी
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पीलीभीत टाइगर रिजर्व की हरीपुर रेंज में पर्यटन की संभावनाओं की तलाश की जा रही है. खास बात यह है कि इस क्षेत्र की एक विशाल झील को साल भर के लिए ईको टूरिज्म का केंद्र बनाया जा सकता है. यहां कश्मीर की तर्ज पर बोट-…और पढ़ें
ऑफ सीजन के लिए अब नई संभावनाओं की तलाश शुरू कर दी गई है. इसके लिए अब पीलीभीत टाइगर रिजर्व की हरीपुर रेंज को चुना गया है हरीपुर रेंज का जंगल अभयपुर जगतपुर से शुरू हो जाता है जो धनाराघाट और दूसरी ओर चंदिया हजारा होते हुए ढक्काचांट की ओर निकलता है. लोक निर्माण विभाग का यह मार्ग लगातार चलता रहता है. वन्यजीव प्रेमी अख्तर मियां खां बताते हैं कि चंदिया हजारा के आगे ढकाचाट से पहले जंगल के किनारे एक विशाल झील है, जिसमें पर्यटन को शुरू किया जा सकता है. इससे सैलानी एक ओर जंगल का दीदार भी कर सकेंगे दूसरी ओर आफ सीजन के दौरान प्रकृति का नजारा भी देख सकेंगे. यहां टूरिज्म को बढ़ावा देने की अपार संभावनाएं हैं. पीलीभीत के जंगलों और वन्यजीव पर काम करने वाले वरिष्ठ है.
पत्रकार डॉ. अमिताभ अग्निहोत्री बताते हैं कि इसके लिए उन्होंने पीलीभीत टाइगर रिजर्व के प्रभागीय वनाधिकारी मनीष सिंह से अनुरोध किया है. इस नए रूट को सैलानियों के लिए विकसित किया जाए. ताकि आफ सीजन में भी सैलानी प्रकृति के नजारे देख सकें. जिस पर डीएफओ ने शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया है. अगर सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो पर्यटन सत्र की समाप्ति के बाद भी सैलानियों को हरीपुर रेंज में पर्यटन की सुविधा मिल सकेगी.
रूट को सैलानियों के लिए खोला जा सकता
अधिक जानकारी देते हुए पीलीभीत टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि हरीपुर रेंज के ढक्काचाट में पर्यटन विकसित करने बाबत अनुरोध प्राप्त हुआ है. इसके लिए मैं शीघ्र ही वहां का दौरा करूंगा. झील में बोटहाउस में रेस्टोरेंट व रूम आदि बन सकते हैं. हालांकि अध्ययन व उच्चाधिकारियों से विचार विमर्श के बाद इस रूट को सैलानियों के लिए खोला जा सकता है.