कहां हो सरकार…तांडव के बीच फंसे यूपी के इन लोगों को निकालेगा कौन? चिल्ला रहे बचाओ-बचाओ, Ground Report
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Ground Report Chitrakoot flood : यहां के हालात बेहद चिंताजनक है. लगातार बढ़ते जलस्तर में दर्जनों घर जलमग्न हो चुके हैं. कई मकान जमींदोज हो चुके हैं और बाकी भी खतरे की जद में हैं. लोग मदद की गुहार लगा रहे हैं.
चित्रकूट. यूपी के चित्रकूट में बारिश का मौसम लोगों के लिए काल बनता जा रहा है. जहां एक ओर बारिश ने गर्मी से निजात दिलाई, दूसरी ओर यमुना नदी के बढ़ते जलस्तर ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. मऊ तहसील के डाक बंगला और टिकरा टोला मैदान समेत कई गांवों में पानी घरों तक घुस चुका है, जिससे लोग घर खाली कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन को मजबूर हैं. लोकल 18 की टीम जब मऊ तहसील क्षेत्र में पहुंची तो हालात बेहद चिंताजनक नजर आए. लगातार बढ़ते जलस्तर ने दर्जनों घरों को जलमग्न कर दिया है.
नहीं पहुंची कोई सरकारी मदद
कुछ मकान जमींदोज हो चुके हैं और बाकी भी खतरे की जद में हैं. लोग अपने घरों से सामान निकालने में लगे हैं, लेकिन पानी की रफ्तार और गहराई ने मुश्किलें और बढ़ा दी हैं. लोग तेजी से अपना घर खाली करने में लगे हैं, जो कभी भी डूब क्षेत्र में आ जाएगा. स्थानीय निवासी मुन्नी देवी और महेंद्र कुमार निषाद ने लोकल 18 को बताया कि उनके घर पूरी तरह पानी में डूब चुके हैं. चार से पांच घर गिर चुके हैं और बाकी कभी भी गिर सकते हैं. संकट मोचन वार्ड समेत आसपास के गांव भी बाढ़ की चपेट में हैं, लेकिन अब तक कोई सरकारी मदद नहीं पहुंची है.
मदद की आस में कब तक बैठें
ग्रामीणों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि प्रशासन पूरी तरह से नदारद है, और वे खुद अपनी जान जोखिम में डालकर बाहर निकल रहे हैं. बच्चे भी बाढ़ के पानी से होकर स्कूल जाने को मजबूर हैं. हालात यह है कि अगर जल्द मदद नहीं पहुंची तो जानमाल का भारी नुकसान हो सकता है. स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू करने की मांग की है.