डीडीयू जंक्शन पर महिलाओं को राहत: शुरू हुआ बेबी फीडिंग रूम,अब सफर में नहीं होगी परेशानी
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पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर महिला यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे प्रशासन ने यात्री हाल में बेबी फीडिंग रूम की शुरुआत की है. इससे अब ट्रेन के इंतजार के दौरान माताएं सुरक्षित और एकांत स्थान पर अपने शिशुओं को स्तनपान करा सकेंगी. मंडल रेल प्रबंधक के अनुसार यह पहल महिला यात्रियों की सुरक्षा, सम्मान और सुविधा को ध्यान में रखते हुए की गई है. यह कदम नारी सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है, जिससे यात्रियों को स्वच्छ और सुविधाजनक माहौल मिल सकेगा.
चंदौली. हावड़ा-दिल्ली रेल मार्ग के अति व्यस्त पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर अब महिलाओं को अपने शिशुओं को स्तनपान कराने में दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा. महिला यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे प्रशासन ने स्टेशन के यात्री हाल में बेबी फीडिंग रूम का निर्माण करा दिया है. इससे ट्रेन के इंतजार के दौरान महिलाएं अपने बच्चों को सुरक्षित और एकांत स्थान पर दूध पिला सकेंगी. मंडल रेल प्रबंधक उदय सिंह मीना ने लोकल 18 से बताया कि यह विशेष सुविधा महिला यात्रियों की सुरक्षा, सम्मान और सुविधा को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई है. इस बेबी फीडिंग जोन में महिलाएं अपने बच्चों को सुरक्षित और आरामदायक वातावरण में स्तनपान करा सकेंगी, जिससे उनकी यात्रा और अधिक सुखद बनेगी.
नारी सशक्तिकरण की दिशा में प्रयास
आगे उन्होंने कहा कि डीडीयू मंडल द्वारा यह पहल एनएफआर रेवेन्यू मॉडल के तहत की गई है, जिससे रेलवे को राजस्व प्राप्त होने के साथ-साथ यात्रियों को बेहतर सुविधाएं भी मिलेंगी. यह कदम महिला यात्रियों को सुविधाजनक यात्रा अनुभव देने और नारी सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है. रेलवे की यह पहल सामाजिक संवेदनशीलता और यात्री सुविधाओं के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है.
सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना
पूर्व मध्य रेल महिला कल्याण संगठन की डीडीयू मंडल अध्यक्षा चित्रा सिंह ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि संगठन ने महिलाओं और विशेष रूप से नई माताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक नई पहल शुरू की है. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मातृ दिवस के अवसर से बेहतर इस पहल की शुरुआत के लिए कोई और दिन नहीं हो सकता था. उनका उद्देश्य महिलाओं को ऐसा सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना है, जहां वे बिना किसी असुविधा के अपनी आवश्यक गतिविधियां कर सकें.
करना पड़ता था काफी परेशानी का सामना
आगे चित्रा सिंह ने कहा कि अक्सर नई माताओं को सार्वजनिक स्थानों पर उचित सुविधाओं की कमी महसूस होती है और उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. इसी समस्या को देखते हुए यह कदम उठाया गया है. संगठन को उम्मीद है कि इस नई सुविधा से महिला यात्रियों को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक माहौल मिलेगा, जिससे वे आत्मविश्वास और सम्मान के साथ अपनी जरूरतें पूरी कर सकेंगी. कार्यक्रम के दौरान कुलदीप, सूरज कुमार, केशव आनंद, विवेक सौरभ तथा राजीव रंजन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे. सभी अधिकारियों ने इस नई पहल की सराहना करते हुए महिला यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम बताया.
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नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें