तपती गर्मी के बीच अयोध्या में भक्तों पर बरसी सरयू की पवित्र फुहार, भक्त बोले..
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Ram Mandir Ayodhya: अयोध्या में भीषण गर्मी से राहत देने के लिए जिला प्रशासन और नगर निगम ने सरयू जल का छिड़काव शुरू किया है. श्रद्धालु इस पहल से खुश हैं और इसे आध्यात्मिक सुकून मानते हैं.
अयोध्या में भक्तों पर किया जा रहा सरयू जल का छिड़काव.
हाइलाइट्स
- अयोध्या में सरयू जल का छिड़काव शुरू हुआ.
- श्रद्धालुओं को गर्मी से राहत और आध्यात्मिक सुकून मिला.
- नगर निगम ने 2000 स्थानों पर पेयजल की व्यवस्था की.
अयोध्या: अप्रैल की तपती दोपहरी में अयोध्या का आसमान जैसे आग बरसा रहा है. जमीन भी तप रही है और धर्म नगरी की सड़कें मानो लपटें उगल रही हों. इस भीषण गर्मी में राम भक्तों और स्थानीय लोगों को राहत देने के लिए जिला प्रशासन और नगर निगम अयोध्या की ओर से एक सराहनीय पहल की गई है.
अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं का स्वागत अब सरयू जल के छिड़काव से किया जा रहा है. गर्मी के इस दौर में यह छिड़काव जहां लोगों को राहत पहुंचा रहा है, वहीं सड़कों का तापमान भी कम हो रहा है. यह न सिर्फ भक्तों को सुकून दे रहा है, बल्कि पूरे क्षेत्र में ठंडक का अहसास भी करवा रहा है. साथ ही, नगर निगम की ओर से करीब 2000 स्थानों पर पेयजल की व्यवस्था भी की गई है. जहां जरूरत महसूस की जा रही है, वहां अस्थायी शेड भी बनाए जा रहे हैं ताकि लोग धूप से बच सकें.
गर्मी से मिल रही राहत
दूर-दराज से अयोध्या पहुंच रहे श्रद्धालु इस व्यवस्था से बेहद खुश हैं. राम जन्मभूमि पथ पर सरयू जल से उनका अभिनंदन किया जा रहा है. बड़े कंटेनर में भरकर लाया गया यह पावन जल, भक्तों पर छिड़का जाता है जिससे उन्हें गर्मी से राहत मिलती है और चलने में भी सुविधा होती है.
नगर निगम की एक विशेष गाड़ी में एक बार में 10,000 लीटर सरयू जल आता है. इसका छिड़काव लगभग तीन घंटे तक लगातार किया जाता है. श्रद्धालु इसे सिर्फ ठंडक ही नहीं, बल्कि पवित्र सरयू जल से स्नान जैसा अनुभव मानते हैं. इस पहल से उन्हें गर्मी से राहत के साथ-साथ आध्यात्मिक सुकून भी मिल रहा है.
खुश नजर आए श्रद्धालु
श्रद्धालुओं ने इस पहल की जमकर सराहना की है. कई भक्तों ने सरकार और नगर निगम का आभार जताते हुए कहा कि इस चिलचिलाती गर्मी में मां सरयू के जल से स्वागत किसी वरदान से कम नहीं.
नगर आयुक्त संतोष शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि जैसे ही तापमान अधिक होता है, विशेष वाहनों से सरयू जल का छिड़काव किया जाता है. इसके साथ ही शहर के लगभग 2000 स्थानों पर प्याऊ लगाए गए हैं और जहां जरूरत होती है, वहां छाजन की व्यवस्था भी की जा रही है.