दादा उगाएंगे, बेचेगा पोता…खुदाई के बाद इस ट्रिक से करें हल्दी का भंडारण
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Turmeric Preservation Tips : हल्दी की खेती किसानों की किस्मत बदल सकती है, लेकिन इसे उगाना सबके बस की बात नहीं. अगर किसी तरह उगा भी लें तो हल्दी को सही कीमत मिलने तक स्टोर करना आसान नहीं. ऐसे में कई किसान चाहकर भी हल्दी की खेती नहीं कर पाते हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. आज हम आपको कच्ची हल्दी के संग्रहण की आसान विधि बताएंगे. लोकल 18 ने इस बारे में सुल्तानपुर के कृषि वैज्ञानिक डॉ. सीके त्रिपाठी से बात की. डॉ. त्रिपाठी कहते हैं कि हल्दी की गांठों को खेत से खोदने के बाद सबसे पहले मिट्टी और जड़ों को अलग करें. साफ की गई गांठों को पानी में डालकर अच्छी तरह पकाएं. उबालने के बाद गांठों को धूप में सुखाते हैं.
हल्दी की गांठों को खेत से खोदने के बाद सबसे पहले मिट्टी और जड़ों को अलग करना चाहिए. गांठों को साफ पानी से अच्छी तरह धोकर उन पर लगी मिट्टी हटा दें. इसके बाद खराब, कटी और सड़ी हुई गांठों को अलग कर दें, क्योंकि एक खराब गांठ दूसरी गांठों को भी प्रभावित कर सकती है. साफ करने के बाद हल्दी को कुछ समय छाया में रखें, ताकि अतिरिक्त पानी निकल जाए और आगे की प्रक्रिया आसानी से की जा सके.
डॉ. सीके त्रिपाठी के मुताबिक, हल्दी की गांठों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए उन्हें उबालने की प्रक्रिया जरूरी है. साफ की गई गांठों को पानी में डालकर अच्छी तरह पकाया जाता है, जिससे उनकी कच्ची गंध कम होती है और गांठें अंदर तक नरम हो जाती हैं. इसके बाद इन्हें पानी से निकालकर अच्छी तरह सुखाया जाता है. हालांकि उबालने का समय गांठों के आकार और मात्रा पर निर्भर करता है. ज्यादा देर तक उबालने से इसकी गुणवत्ता पर प्रभावित हो सकती है.
उबालने के बाद हल्दी की गांठों को साफ जगह पर धूप में सुखाया जाता है. गांठों को एक परत में फैलाना बेहतर रहता है, ताकि सभी तरफ हवा और धूप पहुंच सके. बीच-बीच में गांठों को पलटते रहें, जिससे नमी समान रूप से बाहर निकलती रहे. पूरी तरह सूखने के बाद हल्दी की गांठें कठोर हो जाती हैं. इन्हें नमी और बारिश से बचाकर रखना चाहिए. अच्छी तरह सूखी हल्दी लंबे समय तक सुरक्षित रखी जा सकती है.
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जब हल्दा की गांठें पूरी तरह सूख जाएं, तो इन्हें पीसकर घर में शुद्ध हल्दी पाउडर तैयार किया जा सकता है. पीसने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि गांठों में किसी तरह की नमी न बची हो. सूखी गांठों को छोटे टुकड़ों में तोड़कर ग्राइंडर या चक्की में पीसा जा सकता है. तैयार पाउडर को साफ और सूखे एयरटाइट डिब्बे में रखें. भोजन में इसका इस्तेमाल सब्जी, दाल और अन्य व्यंजनों में किया जा सकता है.
खेत से निकली ताजी हल्दी की गांठों का इस्तेमाल भी कई तरह से किया जाता है. इन्हें साफ करके सब्जी, अचार या कुछ पारंपरिक व्यंजनों में डाला जाता है. ताजी हल्दी को बारीक काटकर या कद्दूकस करके भोजन में इस्तेमाल किया जा सकता है. कुछ लोग इसे दूध या अन्य घरेलू तैयारियों में भी प्रयोग करते हैं. हालांकि किसी भी घरेलू नुस्खे को बीमारी के इलाज के रूप में इस्तेमाल करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है.
ताजी हल्दी की गांठों से स्वादिष्ट अचार भी तैयार किया जाता है. इसके लिए अच्छी तरह साफ की गई हल्दी को छोटे टुकड़ों में काटकर नमक, मसालों और तेल के साथ मिलाया जाता है. इसमें नींबू जैसे अन्य पदार्थ भी स्वाद के अनुसार डाले जा सकते हैं. अचार बनाने में साफ-सफाई और नमी का विशेष ध्यान रखना जरूरी है, क्योंकि अतिरिक्त पानी से अचार जल्दी खराब हो सकता है. तैयार अचार को साफ और सूखे कांच के जार में रखना बेहतर होता है.
सूखी हल्दी की गांठों या तैयार हल्दी पाउडर को सुरक्षित रखने के लिए नमी, पानी और सीधी नमी वाली जगह से बचाना जरूरी है. हल्दी को साफ, सूखे और एयरडाइट कंटेनर में रखें. भंडारण से पहले यह जरूर जांच लें कि गांठें पूरी तरह सूखी हैं. अगर हल्दी में नमी रह गई तो उसमें फफूंद लगने की संभावना बढ़ जाता है. समय-समय पर भंडारित हल्दी को देखकर खराब गांठों को अलग कर देना चाहिए.
खेत से हल्दी खोदकर सीधे बेचने के बजाय किसान उसकी प्राथमिक प्रोसेसिंग करके बेहतर मूल्य पाने की संभावना तलाश सकते हैं. साफ करना, उबालना, सुखाना और पीसना इसके प्रमुख चरण हैं. किसान अपनी जरूरत के हिसाब से सूखे गांठ, हल्दी पाउडर या अचार जैसे उत्पाद तैयार कर सकते हैं. सही प्रसंस्करण और भंडारण से हल्दी की गुणवत्ता बनाए रखने में मदद मिलती है.