पत्ता गोभी की GS 455, शिमला मिर्च की आशा F1…बारिश में लगाएं सब्जियों की ये 5 किस्में
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Vegetables Farming Rainy Season : बरसात का मौसम किसानों के लिए कई सब्जियों की खेती के लिए सबसे मुफीद समय माना जाता है. इस दौरान किसान पत्ता गोभी, फूल गोभी, शिमला मिर्च, टमाटर और हरी मिर्च की खेती कर अच्छी आमदनी प्राप्त कर सकते हैं. लखीमपुर खीरी कृषि एक्सपर्ट प्रदीप बिसेन लोकल 18 से बताते हैं कि इस मौसम में पर्याप्त नमी और अनुकूल तापमान की वजह से इन फसलों की बढ़वार तेजी से होती है. पत्ता गोभी और फूल गोभी की पौध तैयार कर जुलाई-अगस्त में रोपाई की जा सकती है. शिमला मिर्च और टमाटर की खेती के लिए अच्छी जल निकासी वाली भूमि का चयन करना जरूरी है. पत्ता गोभी की जीएस 455 किस्म रोपाई के बाद 55 से 60 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है.
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में किसान सब्जी की खेती बड़े पैमाने पर करते हैं. आज हम जुलाई के महीने में की जाने वाली ऐसी सब्जियों की खेती के बारे बताएंगे, जिससे आप एक एकड़ में 3 लाख से लेकर 4 लाख रुपये तक आसानी से कमा सकते हैं. लखीमपुर खीरी कृषि एक्सपर्ट प्रदीप बिसेन लोकल 18 से बताते हैं कि बरसात के मौसम में सब्जियों की पैदावार कम होती है, ऐसे में सही देखभाल करके आप अच्छा कीमत पा सकते हैं.
प्रदीप बिसेन बताते हैं कि बरसात के मौसम में किसान पत्ता गोभी, फूल गोभी, शिमला मिर्च, टमाटर और हरी मिर्च की खेती कर सकते हैं. पत्ता गोभी और फूल गोभी की पौध तैयार कर जुलाई-अगस्त में रोपाई की जा सकती है. शिमला मिर्च और टमाटर की खेती के लिए अच्छी जल निकासी वाली भूमि का चयन करना जरूरी है, ताकि बारिश का पानी खेत में न रुके.
बरसात के मौसम में सब्जियों के दाम अचानक बढ़ जाते हैं. ऐसे में किसान कम लागत में पत्ता गोभी की खेती कर सकते हैं. जुलाई के महीने में पत्ता गोभी की जीएस 455 बेहतरीन किस्म मानी जाती है. यह एक हाइब्रिड किस्म है, जो जल्दी तैयार होने वाली मध्यम-अगेती वैरायटी है. ये रोपाई के मात्र 55 से 60 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है. प्रति एकड़ में करीब 25000 पौधे की रोपाई करें.
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बरसात के मौसम में आप शिमला मिर्च की खेती कर सकते हैं. लगातार बढ़ते फास्ट फ्रूट के कारोबार की वजह से शिमला मिर्च की भी डिमांड बढ़ती जा रही है. जुलाई के महीने में शिमला मिर्च की खेती के लिए Clause की आशा F1 सबसे लोकप्रिय हाइब्रिड वैरायटी है. यह किस्म बरसात में होने वाले रोगों के प्रति सहनशील है और विपरीत मौसम में भी अच्छा उत्पादन देती है. शिमला मिर्च के पौधों को तैयार होने में 35 से 40 दिन का समय लगता है.
बरसात के मौसम में जिन खेतों में पानी भर जाता है, उसमें आप हरी मिर्च के पौधों की रोपाई कर दें. हरी मिर्च का पौधा बरसात के मौसम में भी खराब नहीं होता है. बाजार में इसकी डिमांड वर्ष भर बनी रहती है. VNR Seed Sunidhi मिर्च एक लोकप्रिय हाइब्रिड किस्म है, जो रोपाई के 50 से 55 दिनों के भीतर तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है. इस किस्म की मिर्च में तीखापन बहुत अधिक होता है, जिससे बाजार में इसकी मांग अच्छी रहती है.
जुलाई का महीना टमाटर की खेती के लिए बेस्ट माना जाता है. टमाटर की ‘परी’ (Pari F1) किस्म मानसून और खरीफ सीजन में उगाने के लिए लोकप्रिय और उन्नत हाइब्रिड किस्म है. इसके फल चपटे-गोल आकार और गहरे चमकदार लाल रंग के होते हैं. प्रत्येक टमाटर का औसत वजन 80 से 90 ग्राम होता. 65 से 68 दिनों के भीतर पहली तुड़ाई शुरू हो जाती है.
कृषि एक्सपर्ट प्रदीप बिसेन बताते हैं कि जुलाई के महीने में फूल गोभी की ‘एनएस 133’ (NS 133 F1) नामधारी सीड्स कंपनी की एक लोकप्रिय संकर किस्म है, जो मुख्य रूप से बरसात और मध्यम मौसम की खेती के लिए जानी जाती है. इसके पौधे मजबूत होते हैं. इस वैरायटी की गोभी के फूल 60 से 65 दिनों में पककर तैयार हो जाते हैं.