प्रसाद, फूल-माला, कपड़े… सब बह गए, मंदाकिनी नदी की बाढ़ से रामघाट के दुकानदार बेहाल, फिर से बसा रहे अपनी दुनिया

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प्रसाद, फूल-माला, कपड़े… सब बह गए, मंदाकिनी नदी की बाढ़ से रामघाट के दुकानदार बेहाल, फिर से बसा रहे अपनी दुनिया


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Heavy Rain Alert In Chitrakoot News: रामघाट क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात बन गए. इसके कारण एक तरफ जहां सड़कों से लेकर लोगों के घरों तक पानी भर गया. वहीं दूसरी तरफ घाट किनारे दुकान लगाने वाले छोटे दुकानदारों की रो…और पढ़ें

चित्रकूट: धर्मनगरी चित्रकूट में बीते दिनों मंदाकिनी नदी का जलस्तर अचानक तेजी से बढ़ गया. इससे रामघाट क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात बन गए. इसके कारण एक तरफ जहां सड़कों से लेकर लोगों के घरों तक पानी भर गया. वहीं दूसरी तरफ घाट किनारे दुकान लगाने वाले छोटे दुकानदारों की रोज़ी-रोटी पर भी भारी असर पड़ा. रामघाट क्षेत्र में सैकड़ों दुकानदार ऐसे हैं, जो रोज़ाना पूजा सामग्री, प्रसाद, फूल-माला, कपड़े और खाने-पीने का सामान बेचकर अपने परिवार का गुजारा करते हैं. मगर, मंदाकिनी के उफान ने न केवल उनकी दुकानें डुबो दीं, बल्कि दुकानों में रखा सारा सामान या तो पानी में बह गया या फिर पूरी तरह खराब हो गया.

दोबारा दुकान लगाने में जुटे दुकानदार
बाढ़ का पानी उतरने के बाद अब दुकानों को दोबारा खड़ा करना शुरू कर दिया है. घाट की सीढ़ियों और आसपास की दुकानों में सफाई का काम जोरों पर है. दुकानदार अपने सामान को सुखा रहे हैं, फर्श और दीवारों को धो-पोंछकर फिर से दुकानें सजा रहे हैं, ताकि श्रद्धालुओं के लिए फिर से पूजा सामग्री उपलब्ध कराई जा सके.

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दुकानदारों ने कही ये बात
रामघाट पर दुकान लगाने वाले अनुज और शैलेन्द्र ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि बाढ़ की रात को हालात बेकाबू हो गए थे. अचानक रात को जलस्तर इतना बढ़ा कि कोई कुछ समझ नहीं पाया. पानी दुकानों में घुस गया और कई कीमती सामान बह गए. उन्होंने बताया कि कुछ दुकानें पूरी तरह बर्बाद हो गईं हैं. हम लोगों ने जैसे-तैसे खुद को और अपने सामान को बचाने की कोशिश की, लेकिन बहुत कुछ नहीं बच पाया. अब जलस्तर थोड़ा कम हुआ है. ऐसे में हम सफाई कर दुकानें दोबारा जमा रहे हैं.

दुकानदारों ने जिला प्रशासन से मदद की मांग करते हुए कहा कि प्रशासन को हमारी सुध लेनी चाहिए. हम छोटे दुकानदार हैं, रोज कमाकर खाने वाले लोग हैं. कोई मुआवजा नहीं मिला है और न ही कोई अधिकारी हाल जानने आया है.

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