बलिया के किसान जयप्रकाश का कमाल, नींबू के साथ कर रहे मधुमक्खी पालन, चार गुना बढ़ी पैदावार

0
बलिया के किसान जयप्रकाश का कमाल, नींबू के साथ कर रहे मधुमक्खी पालन, चार गुना बढ़ी पैदावार


Last Updated:

Success story of Ballia farmer Jayprakash: बलिया के प्रगतिशील किसान जयप्रकाश पांडेय ने पहले नींबू की खेती शुरू की. इसके बाद उन्होंने खेती से जुड़ी किताबें और रिसर्च पढ़ना शुरू किया. तभी उन्हें पता चला कि मधुमक्खी पालन से दालों और तिलहन की फसलों का उत्पादन 20 से 30% और सब्जियों का 60% तक बढ़ सकता है. सबसे खास बात नींबू की खेती में तो मधुमक्खी पालन से परागण (pollination) बेहतर होने के कारण पैदावार कई गुना बढ़ सकती है.

बलिया: मधुमक्खी पालन सिर्फ शहद बेचने का धंधा नहीं बल्कि खेती की पैदावार बढ़ाने का एक शानदार तरीका भी है. उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के एक किसान ने इस बात को सच कर दिखाया है. आज ये किसान दूसरे किसानों के लिए मिसाल बन गए है कि कैसे सही जानकारी नए तरीके और प्रकृति का साथ लेकर एक ही खेत से कई गुना कमाई की जा सकती है.

बलिया के प्रगतिशील किसान जयप्रकाश पांडेय ने पहले नींबू की खेती शुरू की. इसके बाद उन्होंने खेती से जुड़ी किताबें और रिसर्च पढ़ना शुरू किया. तभी उन्हें पता चला कि मधुमक्खी पालन से दालों और तिलहन की फसलों का उत्पादन 20 से 30% और सब्जियों का 60% तक बढ़ सकता है. सबसे खास बात नींबू की खेती में तो मधुमक्खी पालन से परागण (pollination) बेहतर होने के कारण पैदावार कई गुना बढ़ सकती है.

मधुमक्खी पालन का कमाल
जयप्रकाश पांडेय ने बताया कि मधुमक्खी पालन शुरू करने के कुछ ही समय बाद उन्हें शानदार नतीजे मिलने लगे. मधुमक्खियों की वजह से नींबू के बाग में बंपर पैदावार हुई और उत्पादन लगभग 4 गुना बढ़ गया. इससे उनकी आमदनी लाखों में पहुंच गई. अब मधुमक्खी पालन उनके लिए कमाई का एक मजबूत जरिया बन गया है. हर साल वे लगभग 12 से 14 क्विंटल शहद का उत्पादन करते है. 300 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेचने पर सिर्फ शहद से ही उन्हें 3.60 लाख से 4.20 लाख रुपये तक की सालाना कमाई हो जाती है.

ये मधुमक्खियां काटती नहीं, दोस्त बन जाती हैं
जयप्रकाश पांडेय ने बताया कि ये मधुमक्खियां कभी काटती नहीं है क्योंकि ये दोस्त बन जाती है. ये तभी काटती हैं जब इन्हें नुकसान पहुंचाया जाए. उन्होंने मधुमक्खी के बक्से पर बैठकर भी दिखाया. जहां मधुमक्खियां उनके शरीर पर बैठी थी. लेकिन काट नहीं रही थी. जयप्रकाश पांडेय बलिया जिले के एक जाने-माने किसान है. जिन्हें राज्यपाल ने भी सम्मानित किया है.

About the Author

Manish Rai

काशी के बगल चंदौली से ताल्लुक रखते है. बिजेनस, सेहत, स्पोर्टस, राजनीति, लाइफस्टाइल और ट्रैवल से जुड़ी खबरें पढ़ना पसंद है. मीडिया में करियर की शुरुआत ईटीवी भारत हैदराबाद से हुई. अभी लोकल18 यूपी के कॉर्डिनेटर की…और पढ़ें



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *