बीमारियों का अड्डा बना सुल्तापुर शहर, चोक हुए शहर के सारे नाले, बदबूदार पानी स
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सुल्तानपुर में गंदे और चोक नालों के कारण गंदा पानी सड़कों पर फैल रहा है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया है. नगर पालिका ने 15 दिनों में सफाई कराने का दावा किया है. पांच प्रमुख नाले बुरी तरह प्रभावित हैं.
चोक पड़े नालों की ग्राउंड रिपोर्ट ( रिपोर्टर- विशाल तिवारी)
सुल्तानपुर- उत्तर प्रदेश सरकार ने अप्रैल माह की शुरुआत से ही संचारी रोग अभियान शुरू कर दिया है और साफ-सफाई को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं. लेकिन सुल्तानपुर जिले की हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है. जिले में कई मुख्य नाले पूरी तरह से चोक हो चुके हैं, जिससे गंदा पानी सड़कों पर बहने लगा है और गोमती नदी तक को प्रदूषित कर रहा है.
बीमारियों का खतरा बढ़ा
नगर पालिका क्षेत्र के 25 वार्डों में रहने वाली करीब 1.5 लाख से अधिक आबादी इन समस्याओं से प्रभावित हो रही है. गर्मी के मौसम के साथ ही कूड़ा-कचरा नालों में जमा हो गया है, जिससे उनका बहाव रुक गया है. नतीजतन, कई इलाकों में गंदा पानी घरों और सड़कों तक पहुंच रहा है, जिससे मच्छर और अन्य बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है.
ये हैं शहर के पांच प्रमुख नाले
सुल्तानपुर में पांच ऐसे मुख्य नाले हैं जो पूरे शहर के 90% गंदे पानी को निपटाते हैं. इनमें शामिल हैं-
- बढ़ैयावीर नाला
- गभड़िया नाला
- हथियानाला
- डिहवा नाला
- गंदानाला
इनमें से गभड़िया और भादा नाला पूरी तरह से चोक हो चुके हैं और स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गए हैं.
अधिकारियों का दावा – जल्द होगा समाधान
नगर पालिका परिषद के अधिशाषी अभियंता लाल चंद्र सरोज ने बताया कि हर साल अप्रैल में विशेष योजना के तहत नालों की सफाई कराई जाती है. इस बार भी अगले 15 दिनों के भीतर सभी बड़े नाले साफ कराने की योजना है. इसके लिए प्रदेश के बाहर से भी सफाईकर्मियों को बुलाया गया है ताकि जल्द से जल्द हालात पर काबू पाया जा सके.