बीमार बेटा, बेबस मां… अचानक से रुक गए डीएम अविनाश, बूढ़ी अम्मा से किया ऐसा वादा

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बीमार बेटा, बेबस मां… अचानक से रुक गए डीएम अविनाश, बूढ़ी अम्मा से किया ऐसा वादा


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बरेली जिले के डीएम अविनाश का मानवीय चेहरा सामने आया है, जहां उन्होंने एक बेबस मां की बड़ी मदद की है. जिसके बेटे की दोनों किडनी खराब हो चुकी है. अपनी मीटिंग खत्म करके बाहर निकल रहे डीएम साहब की नजर अचानक से मां-बेटे पर पड़ी. इसके बाद उन्होंने मामले की पूरी जानकारी ली.

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बरेली में डीएम अविनाश ने बेबस मां की मदद की.

बरेलीः उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में इलाज के लिए पैसे-पैसे को मोहताज एक बेबस मां अपने जवान बेटे( जिसकी दोनों किडनी खराब है) उसको लेकर डीएम के दरवाजे पर पहुंची. जरूरी मीटिंग निपटा रहे डीएम साहब को जैसे ही सूचना मिली की एक बूढ़ी मां अपने बेटे के साथ ऑफिस के बाहर बैठी हुई है तो वह अपनी मीटिंग छोड़कर बाहर आए और मां-बेटे की हालत देख भावुक हो गए. इसके बाद उन्होंने इलाज की पूरी जिम्मेदारी ले ली और फौरन ही उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल भेज दिया.

बेटे की खराब किडनी के इलाज के लिए भटक रही थी मां
बरेली में एक बेबस मां अपने जवान बेटे को लेकर आज डीएम के दरवाजे पर पहुंच गई, जिसके 25 साल के जवान बेटे की दोनों किडनी खराब है. इलाज के लिए पैसे-पैसे को मोहताज है. किसी ने महिला से कहा था कि डीएम बहुत रहम दिल हैं, मदद जरूर मिलेगी. डीएम जरूरी मीटिंग निपटाकर निकल रहे थे. जैसे ही सूचना मिली अविनाश सिंह दौड़े आए. बेबस मां की आंखों में आशा और उसके जवान बेटे को गंभीर हालत में देख भावुक हो गए और उन्होंने इलाज की पूरी जिम्मेदारी ले ली और फौरन ही उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल भेज दिया.

बीमार बेटे और बेबस मां को देख भावुक हुए डीएम साहब
दरअसल फरीदपुर तहसील के कुठला गांव का रहने वाला 25 साल का अमन मिश्रा की बीमारी के चलते दोनों किडनी खराब हो गई है. परिवार की गरीबी के चलते अमन मिश्रा को इलाज नहीं मिल सका, जिससे उसकी हालत दिनों दिन खराब होती चली जा रही है. मां को किसी ने बताया कि बरेली के डीएम अविनाश सिंह बड़े रहम दिल हैं, मदद जरूर मिलेगी. यह सुनकर मां अपने जवान बेटे को लेकर बरेली डीएम के दरबार में पहुंच गई. डीएम अविनाश सिंह उस वक्त जरूरी कामकाज से बाहर निकल रहे थे. लेकिन दरवाजे पर असहाय मां की आँखों में बेबसी को देखा तो पैर ठिठक गए। डीएम अविनाश सिंह भावुक हो गये.

इलाके में डीएम साहब की चर्चा
अमन मिश्रा के निजी खर्चा पर पूरे इलाज की जिम्मेदारी ले ली और फौरन ही पीड़ित अमन मिश्रा को इलाज के लिए अस्पताल भेजा. सरकारी काम काज निपटाने के बाद जिलाधिकारी जिला अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने अमन मिश्रा के स्वास्थ्य का हाल-चाल लिया और मां को भरोसा दिया कि अब वह खुद अपने निजी खर्चों पर अमन का इलाज कराएंगे. वहीं जिलाधिकारी की इस बेबस परिवार के साथ की गई कोशिश को लेकर खूब चर्चाएं की जा रही हैं.

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Prashant RaiChief Sub Editor

Prashant Rai am currently working as Chief Sub Editor at News18 Hindi Digital, where he lead the creation of hyper-local news stories focusing on politics, crime, and viral developments that directly impact loc…और पढ़ें





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