बेसहारा गोवंश को अपनाएं, सरकार से हर महीने पाएं 6000 रुपए की आर्थिक मदद
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उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत बेसहारा गोवंश का पालन करने वाले पात्र गोपालकों को प्रति गोवंश ₹1500 प्रतिमाह की आर्थिक सहायता दी जाती है. एक परिवार अधिकतम चार गोवंश पर ₹6000 प्रतिमाह तक का लाभ डीबीटी के माध्यम से प्राप्त कर सकता है. जानिए पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और जरूरी शर्तें.
मथुरा: उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत गौपालकों को प्रति गोवंश ₹1500 प्रतिमाह का अनुदान दिया जा रहा है. जो लोग इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, वे आवेदन कर सकते हैं. यदि कोई गोपालक चार गोवंश का पालन करता है, तो उसे हर महीने ₹6000 की आर्थिक सहायता मिलती है.
मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत मिल रही आर्थिक सहायता
उत्तर प्रदेश सरकार समय-समय पर लोगों के हित में विभिन्न योजनाएं लागू करती है. इन्हीं में से एक मुख्यमंत्री सहभागिता योजना है, जिसके तहत गोपालकों को प्रोत्साहन राशि के रूप में प्रति गोवंश ₹1500 प्रतिमाह दिए जा रहे हैं. इस योजना का लाभ कौन ले सकता है और इसके लिए क्या प्रक्रिया है, इसकी जानकारी मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी नरेंद्र नारायण गुप्ता ने लोकल-18 से बातचीत में दी.
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शुरू की गई इस योजना का लाभ प्रदेशभर में पात्र लोगों को लगातार दिया जा रहा है.
बेसहारा गोवंश का पालन करने पर मिलेगा लाभ
नरेंद्र नारायण गुप्ता ने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य बेसहारा और निराश्रित गोवंश को संरक्षण देना है. गौशालाओं में संरक्षित गोवंश इच्छुक गोपालकों को दिए जाते हैं, ताकि वे उनका पालन-पोषण कर सकें और सरकार द्वारा मिलने वाले अनुदान का लाभ उठा सकें.
उन्होंने बताया कि सरकार प्रति गोवंश ₹1500 प्रतिमाह की सहायता देती है. एक परिवार को अधिकतम चार गोवंश दिए जाते हैं, जिसके लिए ₹6000 प्रतिमाह का अनुदान डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजा जाता है.
आवेदन के लिए देना होगा शपथ पत्र
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थी को ₹100 के स्टांप पेपर पर शपथ पत्र (एफिडेविट) देना होता है. इसमें यह घोषणा करनी होती है कि वह गोवंश को बेसहारा नहीं छोड़ेगा, बीमार होने पर उसका उपचार पशु चिकित्सक से कराएगा और यदि किसी गोवंश की मृत्यु हो जाती है, तो उसका पंचनामा तैयार कर नियमानुसार निकटवर्ती गौशाला को सूचना देगा. इससे योजना का उद्देश्य पूरा होगा और गोवंशों की बेहतर देखभाल सुनिश्चित की जा सकेगी.
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विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें