मथुरा में सावन के पहले सोमवार पर भूतेश्वर महादेव मंदिर में भक्तों की उमड़ी भीड़
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मथुरा में सुबह से ही भगवान शिव के भक्त शिव मंदिरों में पहुंचकर उनकी आराधना में लगे हुए हैं. मंदिरों में लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं. भक्त अपने आराध्य को मनाने के लिए विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर रहे हैं. साथ ही माना जाता है कि इन श्रावण के सोमवारों में भगवान शिव की आराधना सच्चे मन से की जाए तो भगवान शिव अपने भक्तों को कभी निराश नहीं करते. मथुरा के भूतेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालु बड़ी तादात में पहुंचे. अपने आराध्य की पूजा कर रहे हैं.
मथुरा: सावन का पहला सोमवार आज से शुरू हो गया है. भगवान श्री कृष्ण की नगरी में बम बम भोले की जयकारे गूंज उठे. मथुरा शहर के कोतवाल कहे जाने वाले भूतेश्वर महादेव के मंदिर में पूजा के लिए श्रद्धा और लोगों का सैलाब उमड पड़ा. मथुरा का कोतवाल भूतेश्वर महादेव को कहा जाता है और भूतेश्वर महादेव की आराधना करने से लोगों को कई प्रकार के दु:खों से मुक्ति मिलती है. विधि विधान से पूजा सेवा करने वाले व्यक्ति को मथुरा के कोतवाल भूतेश्वर महादेव वरदान देकर उसका जीवन धन्य कर देते हैं.
आराध्य के दर्शन को उमड़ा सैलाब
कान्हा की नगरी में श्रावण मास के पहले सोमवार की शुरुआत हो चुकी है. सुबह से ही भगवान शिव के भक्त शिव मंदिरों में पहुंचकर उनकी आराधना में लगे हुए हैं. मंदिरों में लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं. भक्त अपने आराध्य को मनाने के लिए विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर रहे हैं. साथ ही माना जाता है कि इन श्रावण के सोमवारों में भगवान शिव की आराधना सच्चे मन से की जाए तो भगवान शिव अपने भक्तों को कभी निराश नहीं करते. मथुरा के भूतेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालु बड़ी तादात में पहुंचे. अपने आराध्य की पूजा कर रहे हैं.
भूतेश्वर मंदिर के सेवायत पुजारी में लोकल 18 से बातचीत करते हुए बताया कि यह मंदिर द्वापर कालीन है. भगवान श्री कृष्ण का जब जन्म हुआ था, तब भगवान शंकर यहां उनके दर्शन के लिए आए थे. मां यशोदा भगवान शिव के कुछ डरावने रूप को देखकर आश्चर्यचकित रह गई थीं. मंदिर के पुजारी ने यह भी बताया कि यशोदा मैया ने कान्हा के दर्शन भगवान शिव को करने से मना कर दिया था. क्योंकि भगवान शिव का वह रूप देखकर लाला को किसी के सामने नहीं लाना चाहती थी क्योंकि शिवजी का जिस तरह से रूप था. वह गले में नरमुंडों की माला थी. भस्म पूरे शरीर पर लगी हुई थी. मान्यता के अनुसार भूतेश्वर मंदिर में विराजमान भगवान शिव आज भी शहर कोतवाल के नाम से जाने जाते हैं. क्योंकि भगवान कृष्ण की रक्षा के लिए यहां विराजमान हैं.
मंदिर में आकर मिलती है मन को शांति
भूतेश्वर मंदिर पूजा करने आई महिला भक्त अमृता और जाया वर्मा ने बताया कि आज श्रावण का पहला सोमवार है. पूजा करने के लिए लोग भगवान शिव के मंदिर आये हैं. मंदिर में आकर बहुत अच्छा लगता है. यहाँ आने से मन को शांति मिलती है. साथ ही उनका कहना है कि भगवान शिव सब की नाव को पार लगाते हैं. महिला भक्तों का कहना है की व्यवस्थाएं अच्छी हैं. प्रशासन के द्वारा पुलिसकर्मी लगाए गए हैं. सभी लोग भूतेश्वर मंदिर पर लाइन लगाकर पूजा कर रहे हैं. सभी को आराम से दर्शन हो रहे हैं. मंदिर में जाकर शांति मिलती है. सावन का सोमवार होने के चलते मंदिर में भक्तों की उमड़ पड़ी है. वहीं नीरज शर्मा नाम के पुरुष भक्त ने लोकल 18 से बातचीत की. उन्होंने बताया कि सभी लोग भगवान शिव की आराधना में ली है. प्रेम की इस नगरी में भूतेश्वर मंदिर पर आकर पूजा में ली है. बहुत ही आनंद की प्राप्ति मंदिर में आकर हो रही है. साथ ही श्रावण मास के चलते हुए बज के सभी मंदिरों पर सुरक्षा व्यवस्था भी चाकचोबंद कर दी गई है. पुलिस के अधिकारी लगातार मंदिरों की निगरानी कर रहे हैं.
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