मुंबई-पटना से दिल्ली तक 75KM आंधी का टॉर्चर! 23 राज्यों में IMD का अलर्ट
Today Weather Live: देशभर में मानसून अब रफ्तार पकड़ने लगा है. जून के आखिर तक जहां कई राज्यों में लोग भीषण गर्मी और उमस से परेशान थे, वहीं जुलाई की शुरुआत मौसम का पूरा मिजाज बदलने वाला है. मौसम विभाग (IMD) ने साफ संकेत दिए हैं कि अगले कुछ दिनों में बारिश की गतिविधियां तेज होंगी. इसके पीछे कई बड़े वेदर सिस्टम एक साथ सक्रिय हो रहे हैं. उत्तर बंगाल की खाड़ी में बनने वाला नया लो-प्रेशर एरिया, पूर्वी बिहार के ऊपर सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन, महाराष्ट्र से केरल तक बनी ऑफ-शोर ट्रफ और 2 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय होने वाला नया पश्चिमी विक्षोभ मिलकर मानसून को नई ताकत देंगे. इसका असर दिल्ली से लेकर मुंबई, पटना से जयपुर और लखनऊ से श्रीनगर तक देखने को मिलेगा. मौसम विभाग ने 23 राज्यों में बारिश, तेज आंधी, बिजली गिरने और कुछ इलाकों में 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है. ऐसे में आने वाले चार से पांच दिन देश के मौसम के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं.
हिमाचल के कई इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. (Reuters)
- देशभर में सक्रिय वेदर सिस्टम यह संकेत दे रही हैं कि मानसून अब पूरी तरह रफ्तार पकड़ने वाला है. उत्तर बंगाल की खाड़ी और दक्षिण बांग्लादेश के ऊपर सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन अगले कुछ दिनों में निम्न दबाव क्षेत्र का रूप ले सकता है. इसके साथ महाराष्ट्र से उत्तर केरल तक बनी ऑफ-शोर ट्रफ पश्चिमी तट पर भारी बारिश का कारण बन सकती है. दूसरी ओर मध्य क्षोभमंडल में मौजूद ट्रफ मध्य प्रदेश से अरब सागर तक फैली हुई है, जिससे मध्य भारत में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है.
- मौसम विभाग ने यह भी बताया है कि 2 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा. यही सिस्टम दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव ला सकता है. कई स्थानों पर गरज-चमक, तेज हवाओं और भारी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है. जिन इलाकों में लंबे समय से गर्मी बनी हुई थी, वहां तापमान में अच्छी गिरावट दर्ज होने की उम्मीद है.
दिल्ली-NCR में तेज आंधी और बारिश से मिलेगी राहत
दिल्ली-एनसीआर में जुलाई की शुरुआत के साथ मौसम पूरी तरह करवट ले सकता है. मौसम विभाग के अनुसार 1 जुलाई को राजधानी में भारी बारिश, गरज-चमक और 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. कुछ इलाकों में हवा की गति इससे अधिक भी हो सकती है. अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. पिछले कई दिनों से गर्मी और उमस से परेशान लोगों को राहत मिल सकती है. हालांकि तेज हवा और बारिश के दौरान पेड़ों के गिरने, जलभराव और ट्रैफिक प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई है.
उत्तर प्रदेश में 75KM की आंधी के साथ भारी बारिश का अलर्ट
उत्तर प्रदेश में मानसून अब तेजी से सक्रिय होता दिखाई दे रहा है. मौसम विभाग ने आगरा, मथुरा, कानपुर, झांसी, बांदा, गोंडा, बहराइच, सिद्धार्थनगर, गोरखपुर, वाराणसी, मिर्जापुर, प्रयागराज, बलिया, आजमगढ़, मऊ, चंदौली और आसपास के कई जिलों में भारी बारिश और 70 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की चेतावनी जारी की है. कई स्थानों पर बिजली गिरने का भी खतरा बना रहेगा. लखनऊ में अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है. पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियां अधिक रहने का अनुमान है जबकि पश्चिमी यूपी में भी मौसम तेजी से बदलेगा.
बिहार में पटना समेत कई जिलों में भारी बारिश की संभावना
बिहार में पूर्वी बिहार के ऊपर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर साफ दिखाई देगा. पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सिवान, सारण, वैशाली, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, किशनगंज, कटिहार, भागलपुर, खगड़िया और अररिया सहित कई जिलों में भारी बारिश और 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं चलने की संभावना है. पटना में अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रह सकता है. लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है. किसानों के लिए यह बारिश फायदेमंद मानी जा रही है, लेकिन तेज हवाओं के कारण फसलों को नुकसान का भी खतरा रहेगा.
झारखंड में मानसून पूरी तरह सक्रिय, कई जिलों में मूसलाधार बारिश
पश्चिम बंगाल में नया लो-प्रेशर बढ़ाएगा बारिश का असर
उत्तर बंगाल की खाड़ी में बनने वाले संभावित निम्न दबाव क्षेत्र का सबसे ज्यादा असर पश्चिम बंगाल में देखने को मिल सकता है. पुरुलिया, बांकुड़ा, नादिया, मुर्शिदाबाद, पश्चिम मेदिनीपुर, पूर्व बर्धमान, उत्तर 24 परगना, झाड़ग्राम और आसपास के इलाकों में भारी बारिश के साथ 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है. कोलकाता में अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है. यदि निम्न दबाव क्षेत्र और मजबूत होता है तो दक्षिण बंगाल के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक लगातार बारिश हो सकती है.
मौसम विभाग के अनुसार 1 जुलाई को दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश, तेज आंधी और गरज-चमक का सबसे अधिक असर देखने को मिल सकता है.
राजस्थान में मानसून की जोरदार दस्तक, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मध्य प्रदेश में लो-प्रेशर का दिखेगा असर, कई जिलों में मूसलाधार बारिश
मध्य प्रदेश इस समय मानसून के सबसे सक्रिय क्षेत्रों में शामिल है. बालाघाट, डिंडोरी, मंडला, अनूपपुर, विदिशा, खंडवा, नर्मदापुरम (होशंगाबाद), खरगोन, छतरपुर और शिवपुरी समेत कई जिलों में भारी बारिश और 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है. भोपाल में अधिकतम तापमान लगभग 31 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस रह सकता है. मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बनने वाला नया निम्न दबाव क्षेत्र मध्य प्रदेश में बारिश की तीव्रता और बढ़ा सकता है. किसानों के लिए यह बारिश खरीफ फसलों की बुवाई के लिहाज से फायदेमंद होगी, लेकिन लगातार वर्षा से कुछ इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति भी बन सकती है.
पंजाब-हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ बदलेगा मौसम का मिजाज
- पंजाब और हरियाणा में 2 जुलाई से सक्रिय होने वाला नया पश्चिमी विक्षोभ मौसम में बड़ा बदलाव ला सकता है. पिछले कई दिनों से पड़ रही गर्मी और उमस के बाद अब दोनों राज्यों में तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश की संभावना बढ़ गई है. पंजाब के अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, पटियाला, गुरदासपुर, फरीदकोट और संगरूर में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. कई इलाकों में 55 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. हरियाणा के अंबाला, करनाल, कुरुक्षेत्र, पंचकूला, यमुनानगर, हिसार और रोहतक सहित कई जिलों में भी बारिश और आंधी की संभावना है.
- मौसम विभाग का कहना है कि पंजाब और हरियाणा में बारिश का यह दौर खेती के लिए राहत लेकर आएगा. धान की रोपाई कर रहे किसानों को पर्याप्त नमी मिलेगी. हालांकि तेज हवाओं और बिजली गिरने की घटनाओं को देखते हुए खेतों में काम करने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. शहरी क्षेत्रों में भी तेज बारिश के दौरान जलभराव और ट्रैफिक जाम जैसी स्थिति बन सकती है. इसलिए लोगों को मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है.
पहाड़ों पर भारी बारिश, भूस्खलन का भी खतरा
- उत्तराखंड में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय होने जा रहा है. बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल, चमोली, अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग, उधम सिंह नगर, पौड़ी गढ़वाल और चंपावत में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. कई स्थानों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. देहरादून का अधिकतम तापमान करीब 26 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है. लगातार बारिश के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़कें बंद होने का खतरा बढ़ सकता है.
- हिमाचल प्रदेश के चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सिरमौर, हमीरपुर, सोलन, बिलासपुर और कुल्लू में बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है. कई इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. मनाली में अधिकतम तापमान 14 डिग्री और न्यूनतम 11 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. मौसम विभाग ने पहाड़ी इलाकों में अचानक बाढ़ और भूस्खलन की आशंका भी जताई है. पर्यटकों से नदी-नालों और संवेदनशील स्थानों से दूर रहने की अपील की गई है.
- जम्मू-कश्मीर के पुलवामा, रामबन, जम्मू, पूंछ, कुलगाम, उधमपुर, कठुआ, डोडा, अनंतनाग, गांदरबल और कुपवाड़ा में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है. कई स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. श्रीनगर का अधिकतम तापमान लगभग 30 डिग्री और न्यूनतम 19 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है.
मुंबई में फिर जोर पकड़ेगा मानसून, भारी बारिश का येलो अलर्ट
मुंबई और उसके उपनगरों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार शहर में दिनभर बादल छाए रहेंगे और कई इलाकों में तेज बारिश के साथ बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने की आशंका है. पहले जारी येलो अलर्ट को देखते हुए प्रशासन ने निचले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की संभावना जताई है. लोकल ट्रेन और बस सेवाएं फिलहाल सामान्य हैं, लेकिन भारी बारिश के दौरान यात्रियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
दक्षिण भारत में ऑफ-शोर ट्रफ बढ़ाएगी बारिश की रफ्तार
महाराष्ट्र से उत्तर केरल तक बनी ऑफ-शोर ट्रफ के कारण दक्षिण भारत में बारिश की गतिविधियां तेज बनी रहेंगी. तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना है. कोयंबटूर के पहाड़ी इलाकों और नीलगिरी में भारी बारिश हो सकती है. चेन्नई में दिनभर बादल छाए रहने और शाम के समय मध्यम बारिश का अनुमान है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यह सिस्टम अगले कुछ दिनों तक सक्रिय रहेगा, जिससे दक्षिण भारत के अधिकांश हिस्सों में तापमान में गिरावट और गर्मी से राहत मिलेगी.
75 KM प्रति घंटे की आंधी किन राज्यों में चल सकती है?
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और कुछ अन्य राज्यों में गरज-चमक के दौरान 70 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. ऐसे मौसम में पेड़ों के नीचे खड़े होने, खुले मैदान में रहने और बिजली के खंभों के पास जाने से बचने की सलाह दी गई है.
नया पश्चिमी विक्षोभ कब सक्रिय होगा और इसका असर क्या होगा?
IMD के मुताबिक 2 जुलाई 2026 से उत्तर-पश्चिम भारत में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है. इसके प्रभाव से दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड समेत कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं. इससे तापमान में गिरावट आएगी लेकिन तेज हवाएं और गरज-चमक भी देखने को मिल सकती है.
दिल्ली-एनसीआर में सबसे ज्यादा असर किस दिन देखने को मिल सकता है?
मौसम विभाग के अनुसार 1 जुलाई को दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश, तेज आंधी और गरज-चमक का सबसे अधिक असर देखने को मिल सकता है. इस दौरान हवा की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है.
क्या मानसून अब पूरे देश में सक्रिय हो जाएगा?
दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और अगले दो से तीन दिनों में गुजरात, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के अधिक हिस्सों तक पहुंचने की संभावना है. उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बनने वाले संभावित निम्न दबाव क्षेत्र से मानसून को और मजबूती मिलने के संकेत हैं.
लोगों को किन सावधानियों का पालन करना चाहिए?
तेज बारिश और आंधी के दौरान खुले स्थानों पर खड़े न हों, बिजली गिरने की आशंका होने पर पेड़ों के नीचे शरण न लें, जलभराव वाले रास्तों से बचें और प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करें. पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोग भूस्खलन की आशंका को देखते हुए केवल मौसम साफ होने पर ही सफर करें.