मेड इन मिर्जापुर कालीन का ब्रिटेन में जलवा फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के बाद बढ़ेगा कारोबार
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अमेरिका के साथ टैरिफ को लेकर तनाव बढ़ने के बाद भारत के द्वारा ब्रिटेन सहित अन्य देशों से ट्रेड फ्री एग्रीमेंट को लेकर समझौता कर रही है. ऐसे में मंदी में चले गए कालीन कारोबारी को ब्रिटेन से होने वाले ट्रेड फ्री एग्रीमेंट से बड़ी उम्मीदें हैं. मिर्जापुर के कालीन व्यवसाईयों का कहना है कि ब्रिटेन के साथ होने वाली एग्रीमेंट से बहुत फायदा मिलेगा. कालीन के कारोबार के लिए यह किसी संजीवनी से कम नहीं है.
मिर्जापुर: अमेरिका के साथ टैरिफ को लेकर तनाव बढ़ने के बाद भारत के द्वारा ब्रिटेन सहित अन्य देशों से ट्रेड फ्री एग्रीमेंट को लेकर समझौता कर रही है. ऐसे में मंदी में चले गए कालीन कारोबारी को ब्रिटेन से होने वाले ट्रेड फ्री एग्रीमेंट से बड़ी उम्मीदें हैं. मिर्जापुर के कालीन व्यवसाईयों का कहना है कि ब्रिटेन के साथ होने वाली एग्रीमेंट से बहुत फायदा मिलेगा. कालीन के कारोबार के लिए यह किसी संजीवनी से कम नहीं है.
मेड इन मिर्जापुर कालीन की डिमांड अभीतक सबसे ज्यादा अमेरिका में है. लगभग 65 प्रतिशत कालीन अमेरिका में एक्सपोर्ट होता है. वहीं, अमेरिका के साथ करीब 1200 करोड़ का कारोबार है. अन्य देशों में कारोबार 700 करोड़ का है. कारोबार बढाने को लेकर सरकार के प्रयास सफल हो गए हैं और अमेरिका पर आश्रित नहीं रहना पड़ेगा.
निर्यातकों को नहीं देना होगा टैरिफ
विक्रम जैन ने बताया कि निश्चित तौर पर यह बहुत अच्छी खबर है. ब्रिटेन से व्यवसाय तो हमेशा से होता चला आ रहा है, मगर भारत सरकार की बहुत अच्छी पहल कि अब ब्रिटिश और भारत के बीच जो भी व्यापार होगा, वह फ्री ट्रेड में होगा, जिसमें अगर हम यहाँ से कोई भी अपना माल एक्सपोर्ट करते हैं, तो वहां पर इम्पोर्टरों को टैरिफ नहीं देना होगा. इसके तहत अगर यूके से कोई भी चीज़ें यहाँ पर आती हैं, तो वह भी फ्री ट्रेड के जोन में रहेंगी, जिससे हमारे और उनके एक्सपोर्टरों को पर कोई भी टैरिफ नहीं लगेगा.
विक्रम जैन ने बताया कि यह भारत सरकार का बहुत अच्छी पहल है. बहुत अच्छा कदम है. निश्चित तौर पर एक हमारे कार्पेट व्यवसाय जो हैंडमेड कार्पेट है, उसको एक अच्छी सांसें मिली हैं. हमारा यूके से व्यापार बहुत कम है. मगर जो भी व्यापार है. वह बहुत प्रीमियम है. अच्छे रेट के हैं. अच्छा व्यापार है. भारत सरकार धीरे-धीरे और देशों से भी संबंध स्थापित करने की कोशिश कर रही है कि हमारा फ्री ट्रेड हो जाए. जब से अमेरिका की हमारे ऊपर टैरिफ की मार पड़ी है, तब भारत सरकार इस चिर निद्रा से जागी है.
खाड़ी देशों से होता है फायदे का व्यापार
विक्रम जैन ने बताया कि भारत को और भी देशों की तरफ रुख करना चाहिए, जहां हमारे टैरिफ उनके देश में ज्यादा हैं. उसको घटाया जाए या करमुक्त व्यवसाय हो. इस तरीके से दूसरे देश से तालमेल बिठा करके व्यापार को आगे बढ़ाने के लिए यह भारत सरकार की अच्छी पहल है. खाड़ी देशों में कारोबार बढ़ने से बहुत अच्छा फायदा है. उससे वेयरहाउसिंग हम लोगों को बहुत अच्छी मिलेगी. क्योंकि कई बार ऐसा होता है कि जो हम लोगों का माल बनने के बाद जो अमेरिका या इस तरीके से जो रूट होता है, जो समुद्री मार्गों से जो माल जाता है. वह ज्यादातर दुबई होकर जाते हैं. इस तरीके से रूट बने हुए हैं कि एक दुबई पहले हम लोगों का पोर्ट पड़ता है, वहाँ पर एक बार माल रुकता है, उसके बाद जाता है. अगर वहाँ पर वेयरहाउसिंग होती है तो हम व्यापारियों के लिए अच्छा होगा कि हम लोग वहाँ पर अपने माल की वेयरहाउस करके और हम लोग अपना वहां पर ऑफिस खोल करके वहाँ से व्यापार करके पूरे वर्ल्ड में सप्लाई कर सकते हैं.
कालीन कारोबारी को मिलेगा अवसर
दुबई आज के क्षेत्र में बहुत बड़ा अंतरराष्ट्रीय हब है. वहाँ पर दुनिया के सभी व्यावसायिकजन अपना ऑफिस खोलते हैं और वहां पर एक तरीके से अच्छी डील होने की संभावना ज्यादा रहती है. भारत के द्वारा जो ट्रेड फ्री एग्रीमेंट को लेकर फैसला लिया गया है. यह आने वाले दिनों में कालीन व्यवसाय के लिए संजीवनी की तरह काम करेगी. सरकार का यह फैसला कालीन कारोबारी के लिए बेहद ही फायदेमंद है.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …
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