मेरठ में ललिता गौतम हत्याकांड पर बवाल, वायरल वीडियो के बाद एसएसपी ने दी सफाई
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मेरठ में बीए छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर कलेक्ट्रेट में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई विवादों में आ गई. अधिवक्ता के साथ कथित मारपीट का वीडियो वायरल होने के बाद एसएसपी अविनाश पांडेय ने सफाई देते हुए कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए न्यूनतम बल प्रयोग किया गया और पूरे मामले की जांच की जा रही है.
मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ में बीए छात्रा ललिता गौतम की हत्या के विरोध में बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन हुआ. पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग धरने पर बैठ गए. काफी देर तक समझाने के बावजूद जब प्रदर्शनकारी नहीं हटे तो पुलिस ने उन्हें हटाने के लिए बल प्रयोग किया.
हिरासत में अधिवक्ता को लेकर विवाद
कार्रवाई के दौरान अधिवक्ता रवि गौतम को पुलिस ने हिरासत में लेकर वाहन में बैठाया. इसी बीच आरोप लगा कि उन्होंने पुलिस वाहन के अंदर फंदा लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया. घटना की जानकारी मिलते ही एसएसपी अविनाश पांडेय मौके पर पहुंचे. इस दौरान पुलिस वाहन के पास हुई कार्रवाई का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें एसएसपी रवि गौतम के साथ सख्ती करते नजर आए. वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे.
वायरल वीडियो पर एसएसपी ने दी सफाई
विवाद बढ़ने पर एसएसपी अविनाश पांडेय ने वीडियो जारी कर पूरे मामले पर अपना पक्ष रखा. उन्होंने बताया कि यह मामला थाना डीपी नगर क्षेत्र में दर्ज एक महिला की गुमशुदगी से जुड़ा था, जिसका शव बाद में थाना रोहटा क्षेत्र से बरामद हुआ. उनके मुताबिक कुछ लोग पीड़ित परिवार को भड़काने और अलग-अलग तरह के प्रलोभन देकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे थे.
कमिश्नरी पार्क में ज्ञापन की थी अनुमति
एसएसपी ने बताया कि प्रदर्शनकारियों को कमिश्नरी पार्क में ज्ञापन देने की अनुमति दी गई थी. मौके पर एडीएम सिटी, एसपी रूरल, एसपी ट्रैफिक समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे. अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने और जांच से जुड़ी कमियों की जानकारी देने का अनुरोध किया.
सड़क जाम करने का लगाया आरोप
एसएसपी के अनुसार, कुछ लोगों ने कलेक्ट्रेट गेट के सामने बैठकर सड़क जाम कर दी. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन में कुछ ऐसे लोग शामिल थे जिनका आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और कुछ बाहरी तत्व भी भीड़ को उकसा रहे थे. उनका यह भी दावा है कि कुछ नाबालिगों को बहला-फुसलाकर प्रदर्शन में शामिल कराया गया था.
वीडियो और सोशल मीडिया की होगी जांच
एसएसपी अविनाश पांडेय ने कहा कि पुलिस ने कई बार समझाने के बाद ही न्यूनतम बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों को हटाया. उन्होंने बताया कि पूरे घटनाक्रम के वीडियो फुटेज और सोशल मीडिया गतिविधियों का विश्लेषण किया जा रहा है. जिन लोगों की कानून व्यवस्था बिगाड़ने में भूमिका सामने आएगी, उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें