‘मेरा घर वापस दिला दो साहब’, विधवा महिला की गुहार पर गाजियाबाद के DM का तगड़ा एक्शन
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Ghaziabad News : योगी सरकार की अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ सख्त नीति के बीच इस कार्रवाई की पूरे इलाके में चर्चा है. गाजियाबाद के विजयनगर में रहने वाली चंचल की लंबे समय से चली आ रही लड़ाई आखिरकार थम गई है. चंचल के मुताबिक, मसूरी निवासी ताज मोहम्मद ने धोखाधड़ी कर उनके मकान पर कब्जा कर लिया था. मकान को बाद में पड़ोस में रहने वाले मोमिन को बेच दिया. चंचल के पति की पहले ही मृत्यु हो चुकी है. 26 मई को आयोजित जनता दर्शन में उन्होंने जिलाधिकारी रविंद्र कुमार से मुलाकात कर अपनी पूरी समस्या बताई. इसके बाद खुुद जिलाधिकारी पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे और महिला को उनके मकान का कब्जा वापस दिलाया.
गाजियाबाद. मेरा घर मुझे वापस दिला दो…यह गुहार लेकर एक गरीब विधवा महिला गाजियाबाद के जिलाधिकारी के जनता दर्शन में पहुंची. महिला का आरोप था कि कर्ज के नाम पर उसके मकान पर कब्जा कर लिया गया और उसे बेघर कर दिया गया. शिकायत मिलते ही जिला प्रशासन ने जांच कराई और सोमवार को ऐसा नजारा देखने को मिला जब खुद जिलाधिकारी रविंद्र कुमार पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे और महिला को उसके आशियाने का कब्जा वापस दिलाया. योगी सरकार की भू-माफिया और अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ सख्त नीति के बीच हुई इस कार्रवाई की पूरे इलाके में चर्चा है. गाजियाबाद के विजयनगर क्षेत्र में रहने वाली चंचल की लंबे समय से चली आ रही लड़ाई आखिरकार सफल हो गई. चंचल के मुताबिक, मसूरी निवासी ताज मोहम्मद ने धोखाधड़ी कर उनके मकान पर कब्जा कर लिया था. बाद में कथित तौर पर पड़ोस में रहने वाले मोमिन को मकान बेच दिया.
छूटा 30 साल पुराना आशियाना
चंचल का कहना है कि वह पिछले करीब 30 वर्षों से विजयनगर सेक्टर-11 स्थित अपने 28 गज के मकान में परिवार के साथ रह रही थीं. छह महीने पहले उन्हें अपने ही मकान से बेदखल होना पड़ा और तभी से वह न्याय के लिए संघर्ष कर रही थीं. चंचल के पति की पहले ही मृत्यु हो चुकी है. उनके तीन बेटे हैं जिनमें से एक नशा मुक्ति केंद्र में है जबकि दो बेटे उनके साथ रहते हैं. परिवार का खर्च चलाने के लिए चंचल सिद्धार्थ विहार क्षेत्र में खाने का ठेला लगाती हैं. चंचल का आरोप है कि वह लगातार ताज मोहम्मद से अपना मकान वापस करने की मांग करती रहीं, लेकिन उन्हें धमकियां दी जाती थीं. कई बार उन्होंने अपने और अपने बेटों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई.
चंचल ने पुलिस प्रशासन से लेकर जिला प्रशासन तक कई बार गुहार लगाई. बीती 26 मई को आयोजित जनता दर्शन में उन्होंने जिलाधिकारी रविंद्र कुमार से मुलाकात कर अपनी पूरी समस्या बताई और शिकायत पत्र सौंपा. शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल डीसीपी सिटी और एसडीएम सदर को मामले की जांच के निर्देश दिए. जांच पूरी होने के बाद सोमवार को जिलाधिकारी रविंद्र कुमार स्वयं मौके पर पहुंचे प्रशासनिक टीम और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में चंचल को उनके मकान का कब्जा वापस दिलाया गया. कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्षेत्र में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे. गाजियाबाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे.
क्या बोली जिलाधिकारी
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि जांच में सामने आया कि ताज मोहम्मद ने चंचल को करीब डेढ़ लाख रुपये उधार दिए थे. आरोप है कि बाद में ब्याज की रकम बढ़ाकर बताई गई और विवाद के बीच मकान का कब्जा दूसरे व्यक्ति को दे दिया गया. जिलाधिकारी ने कहा कि जांच में मिले तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए महिला को उसका मकान वापस दिलाया गया हैय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी भी गरीब, कमजोर और जरूरतमंद व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा. भू-माफिया, अवैध कब्जाधारियों और अवैध सूदखोरी करने वालों के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत लगातार कार्रवाई की जा रही है. प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी व्यक्ति की संपत्ति पर अवैध कब्जा न हो और पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके.
लंबे संघर्ष…घर वापस पाने पर चंचल
मकान का कब्जा वापस मिलने के बाद भावुक हुई चंचल ने जिला प्रशासन, गाजियाबाद पुलिस और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि लंबे संघर्ष और कई महीनों की परेशानी के बाद उन्हें अपना घर वापस मिला है, जिससे उनके परिवार को बड़ी राहत मिली है.
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प्रियांशु गुप्ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें