यूपी का रहस्यमयी शिवलिंग! न तोड़ पाया औरंगजेब… न ASI बता पाई आयु, जानें धूरि जट रौद्र धाम की कहानी
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Mysterious Shivling of Dhuri Jat Dham : उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में एक रहस्यमयी शिवलिंग है. ग्रामीणों का दावा है कि इस रहस्यमयी शिवलिंग की आयु और गहराई पता लगाने के लिए आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया ने एक स…और पढ़ें
स्थानीय सुधीर सिंह ने लोकल 18 को बताया कि सुल्तानपुर जिले की दिखौली ग्रामसभा में स्थित यह प्राचीन शिव मंदिर ‘धूरि जट रौद्र धाम’ के नाम से प्रसिद्ध है. यहां सावन महीने में भारी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं. मंदिर के संरक्षक विपेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि इस मंदिर में स्थित शिवलिंग की स्थापना नहीं की गई थी, बल्कि यह शिवलिंग स्वयंभू शिवलिंग है. इस स्वयंभू शिवलिंग की आयु और गहराई जानने के लिए आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया ने 12 साल पहले सर्वे किया था हालांकि कार्बन डेटिंग के बाद भी शिवलिंग की गहराई और उसकी वास्तविक आयु का रहस्य बरकरार है.
धूरि जट रौद्र धाम के नाम से प्रसिद्ध यह प्राचीन मंदिर अपने ऐतिहासिक महत्व के कारण सुल्तानपुर की धरोहर में शामिल है. यहां लगभग हजार साल पुरानी खंडित मूर्तियां मंदिर परिसर में आज भी मौजूद हैं. दिखौली ग्रामसभा के स्थानीय निवासी बताते हैं कि इन मूर्तियों को औरंगजेब ने तुड़वाया था ताकि सनातन धर्म और संस्कृति को नष्ट किया जा सके. हालांकि, साल 1935 में स्वर्गीय बाबू रूपनारायण सिंह द्वारा इस मंदिर का जीर्णोद्धार करवाया गया था. इस प्राचीन शिव मंदिर में दिखौली गांव की सभी जातियों के लोग पूजा करने आते हैं.
शिवरात्रि के दिन होता है भव्य आयोजन
लगभग 20 फीट ऊंचे टीले पर स्थित इस मंदिर में हर साल शिवरात्रि को भव्य भंडारे का आयोजन होता है. हर तीसरे साल मलमास में एक महीने तक लगातार कथा होती है और टिकरी से यहां तक भव्य शिव बारात निकाली जाती है, जिसमें 15 हजार से भी अधिक लोग शामिल होते हैं. इस शिव बारात में हाथी, घोड़े, नंदी बैल आदि शामिल होते हैं.