यूपी की सियासत में ‘बिंद वाला लव’, कमलेश के एनकाउंटर पर अपनों ने उठाए सवाल
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Kamlesh Bind Encounter News: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में बीते 29 मई को बिंदू होटल के मालिक के बेटे विनीत राय की देर रात गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस हत्याकांड मामले में कई आरोपित बनाए गए, जिसमें से सभी फरार चल रहे थे. इस बीच पुलिस ने कमलेश बिंद नाम के आरोपित को एनकाउंटर में मार गिराया. इसके बाद राजनीतिक बवाल शुरू हो गया. पहले तो केवल विपक्ष इस एनकाउंटर पर सवाल उठा रहा था. वहीं अब योगी सरकार में शामिल निषाद पार्टी ने भी सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं.
कमलेश बिंद के एनकाउंटर पर उठने लगे हैं सवाल
Kamlesh Chaudhary Encounter News: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के बहुचर्चित विनीत राय हत्याकांड के आरोपित कमलेश चौधरी उर्फ कमलेश बिंद के एनकाउंटर को लेकर अब सियासत शुरू हो गई है. पहले तो पीडीए की बात करने वाले विपक्ष यानी की समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सवाल उठाया तो वहीं अब योगी सरकार के अपने यानी कि सत्तारुढ़ दलों में शामिल निषाद पार्टी ने भी सवाल उठाते हुए जांच की मांग कर दी है. अब सवाल यह है कि कमलेश बिंद के एनकाउंटर को लेकर राजनीति क्यों हो रही है? केवल इसलिए की बिंद समाज ओबीसी से आता है और इसका अच्छा खासा वोट बैंक है या फिर जिसे मुख्य आरोपित माना जा रहा है, यानी कि शंकर पांडेय, उसका अभी तक एनकाउंटर नहीं हुआ है, इसलिए?
निषाद पार्टी ने कमलेश बिंद के एनकाउंटर पर उठाए सवाल
विनीत राय हत्याकांड मामले में कमलेश बिंद के एनकाउंटर को लेकर संजय निषाद ने उत्तर प्रदेश पुलिस के खिलाफ जमकर मोर्चा खोल दिया है. संजय निषाद ने इस पुलिसिया कार्रवाई से आने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा के सहयोगी दल को नुकसान होना बताया है तो वहीं अन्याय के खिलाफ जरूरत पड़ने पर समाज को न्याय दिलाने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की भी बात कही है. संजय निषाद ने दावा किया कि विनीत राय हत्याकांड में कमलेश बिंद मुख्य आरोपित नहीं था. पुलिस को अगर एनकाउंटर करना ही था तो मामले के मुख्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए थी.
अखिलेश यादव ने लगातार उठाए सवाल
समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने कमलेश बिंद के एनकाउंटर को लेकर लगातार सवाल उठाए और कई ट्वीट किए हैं. अखिलेश यादव ने कमलेश बिंद के एनकाउंटर के बाद परिजनों द्वारा विरोध को लेकर ट्वीट करते हुए लिखा कि भाजपा राज में महाभ्रष्ट ‘शासन-प्रशासन’ ने जनता का विश्वास खो दिया है. हत्याओं और एनकाउंटर ने उप्र की छवि को पूरी तरह नकारात्मक बना दिया है. भाजपा ख़ुद अपराधी है. इसके अलावा उन्होंने एक और ट्वीट किया. अखिलेश यादव ने लिखा कि दोनों पक्षों के गुनाहगार तो क़ानून अपने हाथ में लेकर लखनऊ में बैठे हैं.
बिंद समाज का यूपी में कितना वोट प्रतिशत
बिंद समाज उत्तर प्रदेश की प्रमुख निषाद व मछुआरा समुदाय की उपजातियों में एक माना जाता है. बिंद समाज मुख्य रूप से पूर्वांचल और मध्य यूपी के नदी किनारे वाले इलाकों में केंद्रिय हैं. जैसे कि प्रयागराज, वाराणसी, भदोही, मिर्जापुर, सोनभद्र, मऊ, आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर, जौनपुर, संत कबीर नगर, गोरखपुर, बस्ती जिला शामिल है. केवल बिंद जाति का वोट शेयर पूरे उत्तर प्रदेश में लगभग 1.5 से 2.5 प्रतिशत माना जाता है. हालांकि आपको बता दें कि ये आंकड़े अनुमानित हैं तो ऐसे में यह आंकड़े ज्यादा और कम भी हो सकते हैं.
इन विधानसभा सीटों पर बिंद जाति का दबदबा
जिन विधानसभा सीटों पर बिंद जाति का दबदबा है, उनमें प्रयागराज की हंडिया विधानसभा सीट, मऊ की मधुबन विधानसभा सीट, भदोही की औराई और ज्ञानपुर विधानसभा सीट, वाराणसी की सेवापुरी और रोहनिया विधानसभा सीट, मिर्जापुर की चुनार और मड़िहान विधानसभासीट, चंदौली की सकलडीहा विधानसभा सीट और गाजीपुर की जहूराबाद, सदर और जंगीपुर विधानसभा सीट शामिल है.
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Prashant Rai am currently working as Chief Sub Editor at News18 Hindi Digital, where he lead the creation of hyper-local news stories focusing on politics, crime, and viral developments that directly impact loc…और पढ़ें