Public opinion: सूर्या वापस आएगा, श्रेयस… सूर्यकुमार को लेकर बोले गांव के लोग

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Public opinion: सूर्या वापस आएगा, श्रेयस… सूर्यकुमार को लेकर बोले गांव के लोग


गाजीपुरः उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले का हथौड़ा गांव क्रिकेट के दीवानों के लिए यह सिर्फ एक गांव नहीं, बल्कि एक तीर्थ है. क्योंकि इसी मिट्टी से निकले हैं मिस्टर 360, सूर्यकुमार यादव. लेकिन आज हथौड़ा की गलियों में सन्नाटा है, जिस सूर्यकुमार ने भारत को T20 वर्ल्ड कप जिताया, आज उन्हें न सिर्फ कप्तानी से हटा दिया गया है. बल्कि उन्हें टीम से भी बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है. लोकल 18 की टीम जब हथौड़ा गांव पहुंची, तो क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं, बल्कि भावना की तरह दिखाई दिया. गांव की चौपाल, चाय की दुकान और युवाओं के बीच एक ही सवाल था कि क्या सूर्यकुमार का सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट अभी बाकी है?

‘हमारे लिए सूर्यकुमार सिर्फ खिलाड़ी नहीं, प्रेरणा हैं’
स्थानीय युवा अभिषेक का मानना है कि बड़े खिलाड़ियों का मूल्यांकन सिर्फ कुछ मैचों से नहीं किया जा सकता. क्रिकेट में फॉर्म बदलती रहती है. लेकिन क्लास हमेशा रहती है. सूर्यकुमार ने भारतीय क्रिकेट को ऐसे शॉट्स दिए हैं, जिन्हें देखकर दुनिया हैरान रह गई. वहीं उत्कर्ष बताते हैं कि सूर्यकुमार इस गांव के लिए मोटिवेशन हैं. उत्कर्ष बताते हैं कि 10 साल पहले मेरी उनसे मुलाकात हुई थी. आईपीएल का यह सीजन भले ही उनके लिए अच्छा नहीं रहा. लेकिन उनका क्लास कम नहीं हुआ है. सूर्या का टीम में न होना गाजीपुर के हर उस बच्चे के लिए निराशाजनक है, जो उन्हें देखकर सपना देखता है.

‘श्रेयस अय्यर बेहतरीन, लेकिन उन्हें…’
अमन का तर्क खेल की राजनीति पर है अमन कहते हैं ‘श्रेयस अय्यर बेहतरीन हैं, लेकिन उन्हें अचानक कप्तानी सौंपने के बजाय धीरे-धीरे ग्रूम किया जाना चाहिए था, सूर्या ने वर्ल्ड कप जिताया है, उन्हें टीम में तो रखा जाना चाहिए था.

कभी इसी मैदान पर खेला करते थे सूर्यकुमार यादव
विशाल, जो आज भी उसी मैदान पर खेलते हैं, जहां से सूर्यकुमार ने शुरुआत की थी. विशाल कहते हैं, ‘हम सूर्या के शॉट्स कॉपी करने की कोशिश करते हैं. अब T20 में वो 360 डिग्री शॉट्स देखने को नहीं मिलेंगे. यह बहुत बुरा लग रहा है. कम से कम 15 सदस्यीय टीम में जगह तो बनती थी.

परिवार ने क्या कुछ कहा
जब हम उनके घर पहुंचे, तो उनके दादाजी ने बड़ी परिपक्वता के साथ कहा खेल में कप्तानी का आना-जाना लगा रहता है. खिलाड़ी का परफॉर्मेंस कभी ऊपर होता है, कभी नीचे. इसमें घबराने वाली बात नहीं है. वह फिर से मेहनत करेगा और टीम इंडिया के लिए जरूर योगदान देगा.

क्या कहते हैं सूर्य कुमार यादव के आंकड़े
आंकड़ों की बात करें तो सूर्यकुमार यादव का T20I में स्ट्राइक रेट 160+ का रहा है, जो उन्हें दुनिया के सबसे घातक बल्लेबाजों में से एक बनाता है. वहीं, इसी हथौड़ा गांव की चर्चा के बीच, वैभव सूर्यवंशी का टीम में शामिल होना एक बड़ी उपलब्धि है. लेकिन सूर्या के बाहर होने की कमी मैदान पर जरूर खलेगी. हथौड़ा की गलियों से निकलने वाली आवाज फिलहाल साफ है. बहस चाहे जितनी हो, गांव को अपने सूर्या पर भरोसा है. यहां लोग किसी पद या भूमिका की नहीं, उस खिलाड़ी की बात कर रहे हैं, जिसने छोटे कस्बों के हजारों बच्चों को बड़े सपने देखने की हिम्मत दी.



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