यूपी पुलिस भर्ती: रात 2 बजे निकले, 6 घंटे का सफर तय कर रामपुर पहुंचे अभ्यर्थी
रामपुर: उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा के अंतिम दिन बुधवार को रामपुर जिले के 16 परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा. तीन दिनों तक चली इस महापरीक्षा के आखिरी दिन भी देश और प्रदेश के दूर-दराज के इलाकों से युवा लंबा और थका देने वाला सफर तय कर रामपुर पहुंचे. किसी ने रात के सन्नाटे में दो बजे घर छोड़ा, तो कोई छह घंटे की बस और ट्रेन की यात्रा कर परीक्षा केंद्र की दहलीज तक पहुंचा. परीक्षा संपन्न होने के बाद जहां अधिकांश युवाओं ने प्रश्नपत्र को पूरी तरह सिलेबस पर आधारित बताया, वहीं गणित के कुछ पेचीदा सवालों ने उन्हें परीक्षा हॉल में अच्छा-खासा उलझाए रखा.
कड़े पहरे और सीसीटीवी की निगरानी में 24,768 परीक्षार्थी
जिले में कुल 24,768 परीक्षार्थियों के भाग्य का फैसला करने के लिए इस परीक्षा का भव्य आयोजन किया गया था. यह परीक्षा लगातार तीन दिनों तक दो पालियों (शिफ्टों) में आयोजित हुई. परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए जिला प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी थी. सुरक्षा के मद्देनजर सभी 16 केंद्रों पर 16 स्टेटिक मजिस्ट्रेट, 16 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 16 केंद्र व्यवस्थापकों की मुस्तैद तैनाती रही. परीक्षा कक्षों से लेकर मुख्य द्वारों तक सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से पल-पल की निगरानी की गई. इसके साथ ही मोबाइल, ब्लूटूथ समेत तमाम इलेक्ट्रॉनिक सामानों को केंद्र के भीतर ले जाने पर पूरी तरह से पाबंदी लागू रही.
रात 2 बजे छूटा घर, वर्दी के सपने ने डिगने नहीं दिया हौसला
हरदोई जिले से परीक्षा देने रामपुर आए अभ्यर्थी आशीष कुमार ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि उन्हें रात को ठीक दो बजे ही अपने घर से निकलना पड़ा था. करीब चार घंटे का लंबा सफर तय करके वे रामपुर पहुंचे और दूसरी पाली की परीक्षा में शामिल हुए. उन्होंने परीक्षा केंद्र की तारीफ करते हुए कहा कि वहां की व्यवस्थाएं काफी अच्छी थीं, पुलिस प्रशासन की सुरक्षा और इंतजाम बेहद पुख्ता रहे, जिससे किसी भी अभ्यर्थी को कोई असुविधा नहीं हुई.
आशीष ने बताया कि वह वर्तमान में केमेस्ट्री से एमएससी कर रहे हैं, लेकिन युवावस्था से ही उनका एकमात्र सपना खाकी वर्दी पहनने का रहा है. उनका मानना है कि वर्दी का अपना एक अलग सम्मान, रुतबा और आकर्षण होता है, इसी वजह से उन्होंने पुलिस भर्ती की जी-जान से तैयारी शुरू की थी. उन्होंने कहा कि पेपर तो बहुत अच्छा रहा, लेकिन गणित के कुछ सवालों को हल करने में उनका ज्यादा वक्त जाया हो गया. उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि यदि उनका चयन हो जाता है, तो वे अपनी पहली सैलरी से सबसे पहले एक अच्छा स्मार्टफोन खरीदेंगे.
प्रशासनिक मदद से आसान हुआ रास्ता, सिलेबस आधारित रहा पेपर
हरदोई के ही रहने वाले और बीएससी पास अभ्यर्थी सचिन ने बताया कि परीक्षा केंद्र तक पहुंचने और वहां प्रवेश (एंट्री) की व्यवस्था बहुत ही सराहनीय थी. रेलवे स्टेशन से लेकर परीक्षा केंद्र तक के पूरे रास्ते में पुलिस और प्रशासन के कर्मचारी तैनात थे, जो बाहर से आने वाले अभ्यर्थियों को रास्ता बताने और मार्गदर्शन करने में लगातार मदद कर रहे थे. उन्होंने प्रश्नपत्र के स्तर पर बात करते हुए कहा कि पूरा पेपर शत-प्रतिशत सिलेबस के अनुसार ही तैयार किया गया था और इसका स्तर बिल्कुल वैसा ही था, जैसी कि एक पुलिस भर्ती परीक्षा में उम्मीद की जाती है.
बेरोजगारी के दौर में संघर्ष, जनता की सेवा करने का है जज्बा
फर्रुखाबाद से रामपुर पहुंचे स्नातक (ग्रेजुएशन) पास आनंद कुमार ने बताया कि वह लगभग पांच घंटे का सफर तय करके यहां आए हैं. उन्होंने आज के दौर की कड़वी सच्चाई को बयां करते हुए कहा कि इस भयंकर बेरोजगारी के दौर में युवा एक सुरक्षित नौकरी की तलाश में हर तरह के कष्ट और परेशानी को झेलने के लिए मानसिक रूप से तैयार हैं. आनंद के मुताबिक, उनका बचपन से ही यह ख्वाब रहा है कि वे पुलिस विभाग का हिस्सा बनकर आम जनता की सेवा करें. उन्होंने अपने पेपर को काफी अच्छा बताया और पूरी उम्मीद जताई कि इस बार उनकी कड़ी मेहनत जरूर रंग लाएगी.
गणित के चक्रवृद्धि ब्याज के सवालों ने परीक्षार्थियों को छकाया
मुरादाबाद से परीक्षा देने आईं महिला अभ्यर्थी राशि कश्यप ने बताया कि परीक्षा कुल मिलाकर बहुत अच्छी रही, लेकिन प्रश्नपत्र में गणित का भाग अपेक्षाकृत काफी कठिन और पेचीदा था. इसी कारण समय प्रबंधन में थोड़ी दिक्कत आई और आखिरी वक्त में समय की कमी महसूस हुई. वहीं, दूसरी ओर लखनऊ से आए ग्रेजुएट अभ्यर्थी सचिन सिंह ने बताया कि वह करीब साढ़े छह घंटे का लंबा सफर तय करके परीक्षा देने रामपुर पहुंचे थे. उनके अनुसार, परीक्षा में पूछे गए सभी सवाल निर्धारित सिलेबस के भीतर से ही आए थे, जिससे उन्हें काफी राहत मिली.
इसी क्रम में हरदोई के सचिन त्रिपाठी ने भी केंद्र की व्यवस्थाओं को बेहतर बताया और कहा कि आने-जाने में कोई विशेष समस्या नहीं हुई. हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि गणित के सेक्शन में ‘चक्रवृद्धि ब्याज’ से जुड़े सवालों ने उन्हें काफी छकाया और वे सवाल काफी कठिन थे. बावजूद इसके, उन्होंने उम्मीद जताई कि परीक्षा में उनके अच्छे अंक आएंगे.
उम्मीदों के रथ पर सवार युवा, अब नतीजों पर टिकी निगाहें
तीन दिनों तक पूरी मुस्तैदी के साथ चली इस सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान रामपुर का जिला और पुलिस प्रशासन पूरी तरह से एक्टिव मोड में नजर आया. बुधवार को अंतिम दिन की परीक्षा समाप्त होने के साथ ही, परीक्षा देकर केंद्रों से बाहर निकले हजारों युवाओं की उम्मीदें और भविष्य अब सीधे तौर पर परीक्षा परिणाम (रिजल्ट) पर टिक गए हैं.